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सीमा विवाद: चीनी सैनिकों की वापसी पर भारत ने ड्रैगन को दिया साफ संदेश
Fri, 14 Aug 2020 09:35 PM IST
अनवर अंसारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अनवर अंसारी
Updated Fri, 14 Aug 2020 09:35 PM IST
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अनुराग श्रीवास्तव (विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता)
- फोटो : ANI
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भारतीय विदेश मंत्रालय ने आज चीन सीमा विवाद और कुलभूषण जाधव मामले सहित कई मुद्दों पर भारत का पक्ष सामने रखा। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुपम श्रीवास्तव ने चीन के साथ सीमा विवाद पर कहा कि सैनिकों की जल्दी और पूर्ण वापसी और शांति व स्थिरता की बहाली द्विपक्षीय संबंधों के लिए आवश्यक है। मंत्रालय ने कहा, दोनों पक्षों के बीच सैनिकों की वापसी को लेकर विस्तृत समझौता है और उसके आधार पर पहले कुछ प्रगति भी हुई। हम चाहेंगे कि सैनिकों की वापसी की प्रक्रिया जल्द पूरी हो।
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मंत्रालय ने कहा कि सैनिकों की वापसी के लिए समझौते को लागू करने के लिए दोनों पक्षों को अपनी-अपनी सेना की उनकी सामान्य चौकियों पर पुन:तैनाती करनी होगी। सैनिकों की वापसी पर व्यापक समझौते को क्रियान्वित करना जटिल प्रक्रिया है।
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कुलभूषण जाधव मामले में पाकिस्तान आईसीजे के फैसले को लागू करने में विफल रहा
वहीं, कुलभूषण जाधव मामले पर जानकारी देते हुए मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा, पाकिस्तान कुलभूषण जाधव मामले में अंतरराष्ट्रीय न्यायालय (आईसीजे) के फैसले को लागू करने में मुख्य मुद्दों लेकर लगातार विफल रहा है। ये मुद्दे संबंधित दस्तावेजों के प्रावधान और कुलभूषण को अप्रभावित कांसुलर एक्सेस प्रदान करने से संबंधित हैं।
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यूएई और इस्राइल के बीच समझौते का स्वागत
यूएई और इस्राइल के बीच हुए ऐतिहासिक शांति समझौते का भारत ने स्वागत किया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने कहा है कि हम यूएई और इस्राइल के बीच संबंधों के सामान्य होने का स्वागत करते हैं।
गौरतलब है कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मदद से इस्राइल और यूएई के बीच गुरुवार को ऐतिहासिक शांति समझौता किया गया। दोनों देशों के बीच कई सालों से चल रही दुश्मनी नए समझौते के साथ ही महत्वपूर्ण हो गई। नए समझौते के तहत अब दोनों देश एक दूसरे के साथ राजनयिक संबंधो की नई बुनियाद रखेंगे।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा, हम यूएई और इस्राइल के बीच संबंधों के सामान्य होने का स्वागत करते हैं। दोनों राष्ट्र भारत के प्रमुख रणनीतिक साझेदार हैं। भारत फिलिस्तीनी मुद्दों पर अपना पारंपरिक समर्थन जारी रखे हुए है। उन्होंने कहा, हमें एक स्वीकार्य दो-राज्य वाले समाधान खोजने के लिए सीधी बातचीत के फिर से शुरू होने की उम्मीद है।
यह भी पढ़ें: इस्रायल-यूएई समझौता : क्या हैं इस दोस्ती के मायने? किसे फायदा किसे नुकसान...
मंत्रालय की तरफ से बताया गया, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) और इस्राइल के बीच संबंधों के पूर्ण सामान्यीकरण की घोषणा पर विदेश मंत्री को आज दोपहर संयुक्त अरब अमीरात के विदेश मंत्री का फोन आया।