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India-US Trade Deal: शृंगला बोले- गेंद अमेरिका के पाले में, पहले दौर की बात पूरी; फैसला व्हाइट हाउस को लेना है
Thu, 10 Jul 2025 03:22 AM IST
दीपक कुमार शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: दीपक कुमार शर्मा
Updated Thu, 10 Jul 2025 03:22 AM IST
सार
पूर्व विदेश सचिव हर्षवर्धन शृंगला ने कहा, हम ट्रंप के पहले कार्यकाल से ही इस समझौते पर काम कर रहे हैं। अमेरिका एकमात्र ऐसा प्रमुख साझेदार है जिसके साथ भारत ने अभी तक कोई व्यापार समझौता नहीं किया है। अमेरिका की व्यापक टैरिफ रणनीति के बारे में उन्होंने कहा कि ट्रंप प्रशासन घरेलू विनिर्माण को संरक्षण देने और राजस्व बढ़ाने के लिए टैरिफ का इस्तेमाल कर रहा है।
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हर्षवर्धन शृंगला, पूर्व विदेश सचिव
- फोटो : एएनआई
विस्तार
पूर्व विदेश सचिव हर्षवर्धन शृंगला ने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते पर पहले चरण की बातचीत पूरी हो गई है। अब अमेरिका को अंतिम फैसला लेना है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच व्यापार समझौता रणनीतिक रूप से बहुत महत्वपूर्ण होगा क्योंकि इससे वैश्विक बाजार को एक मजबूत संदेश जा सकता है।
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शृंगला ने एक समाचार चैनल से बातचीत में कहा कि भारत ने ट्रंप प्रशासन के साथ बातचीत शुरू करने की पहल शुरू में ही कर दी थी। ट्रंप के राष्ट्रपति बनने के मात्र 25 दिन बाद ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वाशिंगटन का दौरा किया था और दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करके 500 अरब डॉलर तक पहुंचाने और एक पारस्परिक रूप से लाभकारी व्यापार समझौते की दिशा में काम करने पर सहमति जताई थी।
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पूर्व विदेश सचिव ने कहा, हम ट्रंप के पहले कार्यकाल से ही इस समझौते पर काम कर रहे हैं। अमेरिका एकमात्र ऐसा प्रमुख साझेदार है जिसके साथ भारत ने अभी तक कोई व्यापार समझौता नहीं किया है। अमेरिका की व्यापक टैरिफ रणनीति के बारे में उन्होंने कहा कि ट्रंप प्रशासन घरेलू विनिर्माण को संरक्षण देने और राजस्व बढ़ाने के लिए टैरिफ का इस्तेमाल कर रहा है। उन्होंने कहा, कम से कम 10 फीसदी की आधार दर और कुछ मामलों में तो चीन जैसे देशों में इससे भी ज्यादा शुल्क लगाकर, अमेरिका न सिर्फ ज्यादा राजस्व अर्जित करता है, बल्कि अमेरिकी बाजार में प्रवेश के लिए भी बाधाएं खड़ी करता है।
ट्रंप के टैरिफ का दूसरा दौर, 7 और देशों को जारी किए पत्र
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने टैरिफ का दूसरा दौर शुरू किया। इसमें उन्होंने श्रीलंका अल्जीरिया, ब्रुनेई, इराक, लीबिया, मोल्दोवा और फिलीपीन को 30 फीसदी तक टैरिफ को लेकर पत्र जारी किए। इससे पहले, ट्रंप ने 14 देशों को टैरिफ को लेकर पत्र भेजा था। ट्रंप ने अल्जीरिया, इराक, लीबिया पर 30-30 फीसदी, ब्रुनेई और मोल्दोवा पर 25 फीसदी व फिलीपीन पर 20 फीसदी टैरिफ लगाया गया है। ट्रंप ने सोमवार को 14 देशों को टैरिफ वाले पत्र भेजे थे। सभी देशों पर टैरिफ एक साथ 1 अगस्त से प्रभावी होंगे। विभिन्न देशों के उत्पादों पर टैरिफ लगाने के अलावा, जनवरी में व्हाइट हाउस लौटने के बाद से ट्रंप ने स्टील, एल्युमीनियम और ऑटोमोबाइल पर भी क्षेत्र-विशिष्ट शुल्क लगाए हैं। मंगलवार को ट्रंप ने कहा था कि वे तांबे और दवाओं पर भी टैरिफ लगाने जा रहे हैं।
21 देशों को भेजे टैरिफ पत्रों में अब तक भारत का नाम नहीं
अमेरिका ने अब तक 20 देशों को टैरिफ का पत्र भेज चुका है, लेकिन इनमें भारत का नाम नहीं है। भारत और अमेरिका के बीच अभी टैरिफ पर वार्ता जारी है।
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कृषि, डेयरी पर अटकी है बात
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने हाल ही में कहा था कि उनका प्रशासन भारत के साथ व्यापार समझौते के बहुत करीब है। लेकिन सूत्रों ने बताया कि दोनों देशों के बीत बात कृषि और डेयरी क्षेत्र को लेकर अटकी है। अमेरिका चाहता है कि भारत अपने कृषि और डेयरी क्षेत्र को भी अमेरिकी उत्पादों के लिए खोल दे, लेकिन भारत इसके लिए तैयार नहीं है।