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डोकलाम विवाद: चीन को ईंट का जवाब पत्थर से देगा भारत, बॉर्डर पर भेजे टैंक और गोला-बारूद

Wed, 26 Jul 2017 01:33 PM IST
amarujala.com- Presented by: अभिषेक मिश्रा
amarujala.com- Presented by: अभिषेक मिश्रा Updated Wed, 26 Jul 2017 01:33 PM IST
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india troops are planing to thwart any attempt by China
- फोटो : PTI

भारत और चीन के बीच चल रही तनातनी को कम करने के लिए दोनों देश कोशिश कर रहे हैं। एक ओर जहां भारत, चीन से चल रहे सीमा विवाद को कम करने के लिए राजनयिक कदम उठा रहा है। वहीं दूसरी ओर चालाक ड्रैगन की सीमा पर किसी भी चाल को नाकाम करने के लिए भारतीय सेना भी तैयारी कर रही है। 

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टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार चीन भूटान पर दबाव बनाने के लिए कोई भी कदम उठा सकता है। भारतीय सेना इसकी पूरी तैयारी में है कि अगर चीन सीमा पर कोई चाल चलता है तो उसे उसकी की भाषा में जवाब दिया जा सके। भारत डोकलाम में अपने रुख पर अड़ा हुआ है।
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सूत्रों के मुताबिक जरूरत पड़ने पर सेना सीमा पर जवानों की संख्या भी बढ़ा सकती है।गौरतलब है कि 27 और 28 जुलाई को चीन में ब्रिक्स देशों के एनएसए की बैठक होनी है। भारतीय एनएसए अजीत डोभाल भी इस बैठक में हिस्सा लेंगे।
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वहीं चीनी मीडिया डोकलाम को लेकर लगातार भारत को धमकी दे रहा है। चीन डोकलाम में अपना कब्जा जामाना चाहता है। जिसके लिए उसने डोकलाम में रोड बनाने का काम शुरू किया था। जिसे बाद में भारतीय सेना ने रोक दिया। वहीं मीडिया में आई कुछ रिपोर्टों के मुताबिक, भारत डोकलाम में अपनी अग्रिम चौकी लालटेन पर स्थिति मजबूत कर रहा है।

यह ऐसी जगह है जहां से भारतीय सेना तिब्बत में चीन की गतिविधियों पर नजर रख सकती है। डोकलाम में चीन के किसी भी आक्रमण से निपटने के लिए सेना भी पूरी तैयारी कर रही है। यहां बंकर बनाने का काम तेजी से चल रहा है। इसके अलावा हल्के टैंक, गोला-बारूद पहुंचाया जा रहा है। बिना किसी शोरगुल के सेना युद्ध की ड्रिल कर रही है।

भारतीय सशस्त्र बल देश की संप्रभुता की रक्षा करने के लिए पूरी तरह सक्षम है

india troops are planing to thwart any attempt by China
arun jaitely

रक्षा मंत्री अरुण जेटली ने संसद को भरोसा दिया है कि भारतीय सशस्त्र बल देश की संप्रभुता की रक्षा करने के लिए पूरी तरह सक्षम है। साथ ही सेना पर्याप्त उपकरणों से सुसज्जित है। देश में गोला बारूद की कमी को लेकर कैग की रिपोर्ट पर विपक्ष ने राज्यसभा में सवाल उठाए थे।

इसके जवाब में वित्त मंत्री ने कहा कि कैग ने 2013 में इस संबंध में रिपोर्ट पेश की थी और उसी के संदर्भ में हाल ही में एक रिपोर्ट पेश की है। जेटली ने कहा कि कैग की रिपोर्ट एक विशेष अवधि से संबंधित है। इसके बाद प्रक्रिया को सरल बनाया गया है। अधिकारों का विकेंद्रीकरण किया गया है, इसलिए देश को कोई खतरा नहीं है।

गौरतलब है कि 2013 में कांग्रेस की नेतृत्व वाली यूपीए सरकार शासन में थी। राज्यसभा में शून्यकाल के दौरान सपा सांसद रामगोपाल यादव ने यह मसला उठाया था। उन्होंने कहा कि सीमा पर पाकिस्तान और चीन की ओर से बढ़ते तनाव को देखते हुए हथियारों की कमी गंभीर चिंता का विषय है।

देश के पास दस दिनों से अधिक के लिए हथियार नहीं है : कैग

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भारतीय सेना - फोटो : डेमो फोटो

देश के पास दस दिनों से अधिक के लिए हथियार नहीं है। वहीं कांग्रेस नेता आनंद शर्मा ने कहा कि तीन वर्ष से सरकार ने कुछ नहीं किया। उन्होंने पूर्व रक्षा मंत्री मनोहर परिकर की निंदा करते हुए उन्हें ‘नॉन परफॉर्मर’ बताया।

शर्मा ने आगे कहा कि सरकार ने तो मात्र 10 दिन पहले एक समिति गठित कर खरीद बिक्री की प्रक्रिया को सरलीकृत किया है। शर्मा ने कहा, ‘यह आइसक्रीम खरीदने जैसा नहीं है...तीन सालों से कुछ नहीं हुआ।’

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