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इंटरनेट शटडाउन के मामले में भारत है सबसे पीछे, 121 बार हुए शटडाउन के मामले
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Fri, 02 Nov 2018 08:12 AM IST
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भारत इंटरनेट शटडाउन के मामले में दुनिया में पहले स्थान पर आ गया है। सरकारी प्राधिकारियों के अनुसार 2018 में 121 बार इंटरनेट शटडाउन हुए हैं। यह आंकड़े दिल्ली बेस्ड सॉफ्टवेयर फ्रीडम लॉ सेंटर इंटरनेट शटडाउन ट्रैकर ने जारी किए हैं। गुरुवार को फ्रीडम ऑन द नेट 2018 की रिपोर्ट को जारी किया गया। जिसमें भारत का स्कोर 43 है। पिछले साल यह स्कोर 41 था।
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यह डाटा दिखाता है कि कैसे सरकारी नियंत्रण की वजह से इंटरनेट की स्वतंत्रता पर असर पड़ा है। भारत गिरकर 'आंशिक मुक्त' श्रेणी में आ गया है। स्कोर जितना ज्यादा होगा, स्वतंत्रता उतनी कम होगी। जैसे कि 0 स्कोर का मतलब है पूरी स्वतंत्रता, वहीं 100 का मतलब है कोई स्वतंत्रता नहीं। भारत में सरकार दंगे, हेट क्राइम की घटनाओं, परीक्षा में होने वाली नकल के मद्देनजर इंटरनेट सेवा को बंद कर देती है।
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शटडाउन के उदारणों का हवाला देते हुए रिपोर्ट में कहा गया है, तमिलनाडु में वाट्सएप पर एक वीडियो वायरल हुआ था जिसमें एक बच्चे का अपहरण किया जा रहा था। इसमें बच्चों का अपरहरण करने वालों को लेकर चेतावनी दी गई थी। यह वीडियो मूल रूप से पाकिस्तान से अपहरण के खिलाफ एक घोषणा थी। रिपोर्ट में कहा गया है कि अगस्त 2017 में उच्चतम न्यायालय द्वारा निजता को मौलिक अधिकार बनाने का आदेश दिया गया था। यह इंटरनेट स्वतंत्रता की एक जीत थी लेकिन इसमें कई उल्लंघन हुए हैं।
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