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चीनी सीमा पर भारत ने की सुरक्षा के कड़े इंतजाम
शशिधर पाठक, नई दिल्ली
Updated Wed, 09 Aug 2017 11:55 PM IST
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डोकलाम
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डोकलाम में भारत और चीन के बीच जारी गतिरोध में हर दिन नया बदलाव देखने को मिल रहा है। चीन की युद्ध की धमकियों के बीच भारतीय सेना ने डोकलाम से सटे क्षेत्र में अग्रिम चौकियों पर तोपों की तैनाती की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
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इसके अलावा चीन से सटे कुछ क्षेत्रों में पहले से ही बारूदी सुरंग है बिछी है। सेना मुख्यालय सूत्र इसे सतर्कता बरते जाने से जोड़ रहे हैं। वहीं, विदेश मंत्रालय के सूत्र ऑपरेशनल तैयारी को लेकर कोई टिप्पणी नहीं कर रहे हैं।
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बारूदी सुरंग या फिर अग्रिम चौकी की तरफ तोप की तैनाती बढ़ाने जैसा कदम युद्ध या टकराव जैसी आशंका बढने के समय ही किया जाता है। हालांकि, राजनयिक सूत्रों ने कहा कि चीन के साथ डोकलाम में गतिरोध को लेकर विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने स्थिति स्पष्ट कर दी है। भारत शांति और सौहार्द का पक्षधर है। इसे केन्द्र में रखकर कूटनीतिक चैनल के जरिए समाधान की पहल चल रही है।
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एक अन्य सूत्र के अनुसार भारत ने डोकलाम क्षेत्र में सैनिकों की संख्या में कुछ कटौती की थी। भारत को उम्मीद थी कि इस तरह की पहल किए जाने के बाद चीन भी डोकलाम में अपनी सैन्य तैनाती को कम करेगा। लेकिन अभी तक गतिरोध की स्थिति में कोई बदलाव नहीं आया है। ऐसे में भारतीय सेना ने भविष्य की चुनौतियों को देखते हुए अपनी तैयारी को धार देना शुरू कर दिया है। इसके माध्यम से भारत स्पष्ट करना चाहता है कि उसे युद्ध का भय न दिखाया जाए। भारत हर चुनौती का सामना करने के लिए तैयार है।
रक्षा मामलों के विशेषज्ञ मेजर जनरल(रिटा.) अशोक मेहता का कहना है कि नाथुला के पीछे और सिक्किम में पहले से ही तोप और गोला बारूद मौजूद हैं। आठ तोपें सीमा क्षेत्र की सुरक्षा में तैयार हालत में रखी जाती हैं। अब संभव है कि इसकी संख्या को बढ़ाकर 12 तोपों की कर दी जाए और इन्हें अग्रिम चौकियों तक ले जाया जाए। लेकिन यह सब चीन के स्थानीय स्तर पर झड़प छेडऩे की दशा में केवल सुरक्षात्मक तैयारी का हिस्सा प्रतीत हो रहा है। मेजर जनरल का कहना है कि भारत का रुख साफ है। हम युद्ध नहीं चाहते। इसलिए रक्षात्मक तैयारी में कोई बुराई नहीं है।
कौन-कौन सी तोपें होंगी तैनात
भारत के पास बेहतरीन तोप की श्रृंखला में बोफोर्स तोप है। हालांकि इसके अलावा होवित्जर तोपें, रॉकेट लांचर, मोटार सबकुछ हैं। लेकिन मेजर जनरल मेहता के अनुसार सुरक्षा की दृष्टि से बोफोर्स का कोई जवाब नहीं है। मेजर जनरल का कहना है कि भारत की चौकियां ऊंचाई पर हैं।
भारत की चौकियों से डोकलाम में जहां चीन के सैनिक तैनात हैं, साफ दिखता है। चीन का यह क्षेत्र खुला है और हमारी स्थिति काफी बेहतर है। अशोक मेहता का कहना है कि भारत किसी भी दशा में आक्रमण नहीं करेगा। हम साफ कर चुके हैं कि यदि चुनौती दी गई तो रक्षात्मक रहेंगे। ऐसे भारत की सैन्य तैयारी से चीन को पांच से छह गुणा अधिक सैन्य तैयारी करनी पड़ेगी।
क्या युद्ध होगा
भारत और चीन के बीच युद्ध की कोई संभावना नहीं है। मेजर जनरल मेहता का कहना है कि डोकलाम को लेकर इस तरह की कोई संभावना नहीं है। लेकिन चीन द्वारा स्थानीय स्तर की झड़प जैसा कदम उठाने से इनकार नहीं किया जा सकता। मेजर जनरल मेहता का कहना है कि डोकलाम में अभी जहां चीन की फौज तैनात है उससे कोई 40-45 किमी दूर उनके सैनिकों की अच्छी संख्या मौजूद है। इसी तरह से भारत की भी स्थिति काफी मजबूत है।