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विरासत ट्रेन के संरक्षण के लिए भारत-ताइवान ने साझा की सूचना
Tue, 20 Oct 2020 06:12 AM IST
Rajeev Rai
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Rajeev Rai
Updated Tue, 20 Oct 2020 06:12 AM IST
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भारत-ताइवान
- फोटो : Social media
भारत और ताइवान के पास पर्वतीय विरासत रेल सेवा हैं और जलवायु परिवर्तन के कारण बढ़ती प्राकृतिक आपदाओं के बीच इसके संरक्षण, रखरखाव व संवर्धन के लिए दोनों देशों ने सूचना का आदान-प्रदान किया है। अधिकारियों ने सोमवार को इसकी जानकारी दी।
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भारत के पास यूनेस्को विश्व विरासत वाले रेल रूट हैं और तकनीकी तौर पर उसका प्रबंधन कर रहा है, वहीं पारिस्थितिकी संवेदनशील पर्यटन मॉडल बनाने में ताइवान का अनुभव उल्लेखनीय है। हाल ही में भारत-ताइवान ने रेलवे सांस्कृतिक विरासत संरक्षण पर वर्चुअल सेमिनार में विरासत पर्यटन को बढ़ावा देने पर विचार-विमर्श किया था। भारत में पर्वतीय रेलवे में कालका-शिमला रेलवे, दार्जिलिंग हिमालयी रेलवे और नीलगिरी रेलवे है। वहीं, ताइवान में अलीशान वन रेलवे है।
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