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ब्रह्मोस मिसाइल के उन्नत वर्जन का सफल परीक्षण
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली
Updated Sat, 28 May 2016 12:37 AM IST
सार
- राजस्थान की पश्चिमी सीमा स्थित पोकरण में हुआ परीक्षण
- अब तीनों सेनाएं होंगी इस बेहतरीन मिसाइल से लैस
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brahmos
विस्तार
भारतीय वायुसेना ने सतह से सतह पर मार करने वाली सुपर सोनिक ब्रह्मोस मिसाइल के उन्नत वर्जन का शुक्रवार को राजस्थान की पश्चिमी सीमा पर स्थित पोकरण फायरिंग रेंज में सफल परीक्षण किया।
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भारतीय वैज्ञानिकों ने अब इसे सुखोई में लगाने में सफलता हासिल कर ली है। परीक्षण के दौरान सेना के साथ इसे विकसित करने वाले वैज्ञानिक भी उपस्थित थे। मिसाइल उम्मीदों पर खरी उतरी और लक्ष्य भेद दिया। जानकारी के अनुसार अब थल, जल व वायुसेना इस बेहतरीन मिसाइल से लैस होगी। सैन्य विशेषज्ञों का कहना है कि ब्रह्मोस को मार गिराना लगभग असंभव है।
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इसकी गति ध्वनि से तीन गुना अधिक है। बहुत नीची उड़ान भरने के कारण इस मिसाइल को राडार पकड़ नहीं पाती। इसकी गति के कारण ब्रह्मोस को लक्ष्य से पहले मार गिराना आसान नहीं है। इसे रोकने के लिए दागी जाने वाली मिसाइलों की रफ्तार इससे आधी ही है।
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सुखोई में तीन ब्रह्मोस मिसाइल लगाई जा सकती हैं। भारत और रूस के संयुक्त उपक्रम ब्रह्मोस कारपोरेशन की ओर से विकसित की जा रही इस मिसाइल का नामकरण भारत की ब्रह्मपुत्र व मास्को से होकर बहने वाली मस्कवा नदी के नाम को मिलाकर किया गया है।