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Odisha: 'भारत-सिंगापुर सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम के विकास के लिए काम कर रहे हैं', भुवनेश्वर में बोले षणमुगरत्नम

Sat, 18 Jan 2025 09:13 PM IST
पवन पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भुवनेश्वर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भुवनेश्वर Published by: पवन पांडेय Updated Sat, 18 Jan 2025 09:13 PM IST
सार

राष्ट्रपति षणमुगरत्नम ने कहा कि 'भारत और सिंगापुर की प्राथमिकताएं भी बहुत समान हैं,' उन्होंने कहा, 'भारत-सिंगापुर मंत्रिस्तरीय गोलमेज सम्मेलन के तहत स्थापित प्राथमिकताओं के अनुसार, दोनों सरकारें भारत में सेमीकंडक्टर पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करने के लिए मिलकर काम कर रही हैं। 

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India-Singapore working for development of semiconductor ecosystem: Prez Shanmugaratnam
थर्मन षणमुगरत्नम, सिंगापुर के राष्ट्रपति - फोटो : ANI

विस्तार

सिंगापुर के राष्ट्रपति थर्मन षणमुगरत्नम ने शनिवार को कहा कि भारत विश्व अर्थव्यवस्था में एक प्रमुख ध्रुव के रूप में उभर रहा है। उन्होंने कहा कि उनका देश सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम और हवाई संपर्क क्षेत्र में योगदान देने की कोशिश कर रहा है।
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'भारत वैश्विक अर्थव्यवस्था के एक प्रमुख ध्रुव के रूप में उभर रहा है'
उन्होंने ओडिशा के अपने दो दिवसीय दौरे के अंत में मीडिया को जानकारी देते हुए कहा, 'भारत बहुध्रुवीय दुनिया में अपने आप में एक ध्रुव बनने की आकांक्षा रखता है, जो कि भू-राजनीतिक रूप से तो सही है, लेकिन यह आर्थिक रूप से भी सही है। भारत वैश्विक अर्थव्यवस्था के एक प्रमुख ध्रुव के रूप में उभर रहा है। भारत एक ऐसा देश है जिसके साथ हम सहयोग करना चाहेंगे'। उन्होंने कहा, 'अपनी जनसांख्यिकी, अपनी स्वयं की विकास प्रक्रियाओं और अपनी निर्यात अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण क्षमता के कारण, भारत एक ऐसा देश है जिसके साथ सिंगापुर संभवतः सहयोग करेगा'।
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'दोनों देशों की प्राथमिकताएं भी बहुत समान हैं'
राष्ट्रपति षणमुगरत्नम ने कहा कि 'भारत और सिंगापुर की प्राथमिकताएं भी बहुत समान हैं,' उन्होंने कहा, 'भारत-सिंगापुर मंत्रिस्तरीय गोलमेज सम्मेलन के तहत स्थापित प्राथमिकताओं के अनुसार, दोनों सरकारें भारत में सेमीकंडक्टर पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करने के लिए मिलकर काम कर रही हैं। सिंगापुर देख रहा है कि वह पारिस्थितिकी तंत्र में कैसे योगदान दे सकता है और वह नई पीढ़ी के औद्योगिक पार्कों पर भी विचार कर रहा है, विशेष रूप से सेम्बकॉर्प नए औद्योगिक पार्कों के विकास के लिए संभावित स्थलों की बहुत सक्रियता से खोज कर रहा है।'  हम कौशल विकास पर भी कर रहे मेहनत- षणमुगरत्नम
राष्ट्रपति षणमुगरत्नम ने कहा कि दोनों देश कौशल विकास पर भी बहुत मेहनत कर रहे हैं, जो भारत के भविष्य को सुरक्षित करने का एक प्रमुख कारक है। उन्होंने कहा, 'चूंकि सिंगापुर के पास इस क्षेत्र में कुछ अनुभव है, इसलिए वह भारत के कौशल पारिस्थितिकी तंत्र को विकसित करने में एक खिलाड़ी बनना चाहता है।' राष्ट्रपति ने कहा, 'स्थिरता दोनों देशों के लिए एक प्रमुख प्राथमिकता है। भारत सौर और पवन ऊर्जा के मामले में भाग्यशाली है और यह एक महत्वपूर्ण हरित अमोनिया उत्पादक बनने जा रहा है। इसलिए, सिंगापुर इन क्षेत्रों के विकास और दक्षिण पूर्व एशिया की ओर जाने वाले हरित गलियारे में भारत के साथ जुड़ने का इच्छुक है, जिसमें अधिक समय लग सकता है लेकिन यह एक बहुत ही महत्वपूर्ण आकांक्षा है।' 

उन्होंने कहा, 'भारत में नेतृत्व के साथ मेरी बैठकों के दौरान, हमने हवाई सेवा समझौते का विस्तार करने की अपनी इच्छा व्यक्त की, जिसे लगभग 10 साल पहले अंतिम बार संशोधित किया गया था।' उन्होंने कहा कि हवाई सेवा समझौते के विस्तार से दोनों देशों और उनकी अर्थव्यवस्था को लाभ होगा।
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