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India-Singapore Relations: राष्ट्रपति मुर्मू से मिले PM लॉरेंस वोंग; महामहिम ने सिंगापुर को बताया अहम साझेदार
Thu, 04 Sep 2025 09:20 PM IST
पवन पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: पवन पांडेय
Updated Thu, 04 Sep 2025 09:20 PM IST
सार
India-Singapore Relations: सिंगापुर के प्रधानमंत्री ने आज राष्ट्रपति मुर्मू से मुलाकात की है। राष्ट्रपति भवन में सिंगापुर के प्रधानमंत्री लॉरेंस वोंग का स्वागत करते हुए मुर्मू ने कहा कि सिंगापुर में रह रहे भारतीय प्रवासी समुदाय ने दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक और आपसी संबंधों को मजबूत करने में बड़ी भूमिका निभाई है।
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राष्ट्रपति मुर्मू से मिले सिंगापुर के पीएम
- फोटो : ANI वीडियो ग्रैब
विस्तार
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने गुरुवार को कहा कि भारत की एक्ट ईस्ट पॉलिसी और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र के विजन में सिंगापुर एक अहम साझेदार है। उन्होंने दोनों देशों के बीच बढ़ते रिश्तों और व्यापक रणनीतिक साझेदारी पर जोर दिया। राष्ट्रपति मुर्मू ने बताया कि सिंगापुर भारत में निवेश का एक बड़ा स्रोत है और यहां सिंगापुर का निवेश लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने रक्षा सहयोग का भी जिक्र किया, जिसमें संयुक्त सैन्य अभ्यास और प्रशिक्षण शामिल हैं।
NSA अजीत डोभाल और धर्मेंद्र प्रधान से भी मुलाकात
राष्ट्रपति से मुलाकात के कुछ ही देर पहले प्रधानमंत्री वोंग ने भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से मुलाकात की थी। वहीं दिन में उन्होंने भारतीय विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर से मुलाकात की और दोनों देशों के बीच संबंधों को मजबूत करने का भरोसा जताया।
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यह भी पढ़ें - India-Singapore Ties: सेमीकंडक्टर से सप्लाई चेन तक...; PM मोदी से मुलाकात के बाद क्या बोले प्रधानमंत्री वोंग?
राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा, 'भारत और सिंगापुर एक-दूसरे के लिए महत्वपूर्ण साझेदार हैं। सिंगापुर भारत की एक्ट ईस्ट पॉलिसी और इंडो-पैसिफिक विजन का भी मुख्य हिस्सा है।' राष्ट्रपति ने बताया कि साल 2025 खास रहेगा क्योंकि उस वर्ष दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंधों की स्थापना के 60 साल पूरे होंगे।
हाल ही में दिल्ली में तीसरी भारत-सिंगापुर मंत्री स्तरीय बैठक हुई थी, जिसमें सिंगापुर के विदेश मंत्री विवियन बालाकृष्णन सहित छह वरिष्ठ मंत्री शामिल हुए थे। राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पिछले साल सिंगापुर यात्रा के दौरान दोनों देशों के रिश्ते व्यापक रणनीतिक साझेदारी में बदले थे। गुरुवार को मोदी और वोंग ने इस साझेदारी के लिए एक रोडमैप भी पेश किया। राष्ट्रपति के अनुसार, गुरुवार को हुए द्विपक्षीय समझौते नए और उभरते क्षेत्रों जैसे ग्रीन इकोनॉमी, अंतरिक्ष, नागरिक उड्डयन, फिन-टेक और कौशल विकास में सहयोग को बढ़ावा देंगे। दोनों नेताओं ने कहा कि उच्चतम राजनीतिक स्तर पर नियमित बातचीत भारत-सिंगापुर रिश्तों की खासियत है और आने वाले समय में ये रिश्ते और मजबूत होंगे।
यह भी पढ़ें - Hyderabad House: पीएम मोदी की सिंगापुर के समकक्ष लॉरेंस वोंग के साथ द्विपक्षीय बैठक, इन मुद्दों पर हुई चर्चा
बीएमसीटी के दूसरे चरण का ऑनलाइन उद्घाटन
पीएम मोदी ने वोंग के साथ जेएन पोर्ट पीएसए टर्मिनल (बीएमसीटी) के दूसरे चरण का ऑनलाइन उद्घाटन किया। इससे टर्मिनल की कुल कंटेनर संभालने की क्षमता 48 लाख टीईयू हो जाएगी। देश का प्रमुख कंटेनर बंदरगाह वैश्विक बाजार के अग्रणी कंपनियों की ओर से संचालित पांच प्रमुख समर्पित कंटेनर टर्मिनल को संभालता है। इनकी गहराई 15+ मीटर है तथा 18,000 टीईयू पोत को संभालने की क्षमता है। जेएनपीए भारत के सभी प्रमुख बंदरगाहों पर 54 प्रतिशत कंटेनरयुक्त माल का संचालन करता है।
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#WATCH | Delhi | Singapore Prime Minister Lawrence Wong arrives at Rashtrapati Bhavan to meet President Droupadi Murmu. pic.twitter.com/ryD4YfRb2W
— ANI (@ANI) September 4, 2025विज्ञापन
NSA अजीत डोभाल और धर्मेंद्र प्रधान से भी मुलाकात
राष्ट्रपति से मुलाकात के कुछ ही देर पहले प्रधानमंत्री वोंग ने भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से मुलाकात की थी। वहीं दिन में उन्होंने भारतीय विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर से मुलाकात की और दोनों देशों के बीच संबंधों को मजबूत करने का भरोसा जताया।
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राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा, 'भारत और सिंगापुर एक-दूसरे के लिए महत्वपूर्ण साझेदार हैं। सिंगापुर भारत की एक्ट ईस्ट पॉलिसी और इंडो-पैसिफिक विजन का भी मुख्य हिस्सा है।' राष्ट्रपति ने बताया कि साल 2025 खास रहेगा क्योंकि उस वर्ष दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंधों की स्थापना के 60 साल पूरे होंगे।
हाल ही में दिल्ली में तीसरी भारत-सिंगापुर मंत्री स्तरीय बैठक हुई थी, जिसमें सिंगापुर के विदेश मंत्री विवियन बालाकृष्णन सहित छह वरिष्ठ मंत्री शामिल हुए थे। राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पिछले साल सिंगापुर यात्रा के दौरान दोनों देशों के रिश्ते व्यापक रणनीतिक साझेदारी में बदले थे। गुरुवार को मोदी और वोंग ने इस साझेदारी के लिए एक रोडमैप भी पेश किया। राष्ट्रपति के अनुसार, गुरुवार को हुए द्विपक्षीय समझौते नए और उभरते क्षेत्रों जैसे ग्रीन इकोनॉमी, अंतरिक्ष, नागरिक उड्डयन, फिन-टेक और कौशल विकास में सहयोग को बढ़ावा देंगे। दोनों नेताओं ने कहा कि उच्चतम राजनीतिक स्तर पर नियमित बातचीत भारत-सिंगापुर रिश्तों की खासियत है और आने वाले समय में ये रिश्ते और मजबूत होंगे।
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बीएमसीटी के दूसरे चरण का ऑनलाइन उद्घाटन
पीएम मोदी ने वोंग के साथ जेएन पोर्ट पीएसए टर्मिनल (बीएमसीटी) के दूसरे चरण का ऑनलाइन उद्घाटन किया। इससे टर्मिनल की कुल कंटेनर संभालने की क्षमता 48 लाख टीईयू हो जाएगी। देश का प्रमुख कंटेनर बंदरगाह वैश्विक बाजार के अग्रणी कंपनियों की ओर से संचालित पांच प्रमुख समर्पित कंटेनर टर्मिनल को संभालता है। इनकी गहराई 15+ मीटर है तथा 18,000 टीईयू पोत को संभालने की क्षमता है। जेएनपीए भारत के सभी प्रमुख बंदरगाहों पर 54 प्रतिशत कंटेनरयुक्त माल का संचालन करता है।