भारत-रूस 2+2 मंत्रिस्तरीय वार्ता: रूस के विदेश मंत्री रात पालम हवाईअड्डे पर पहुंचे, आज विदेश मंत्री जयशंकर से करेंगे मुलाकात
रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव आज डॉ. एस जयशंकर से मिलेंगे और भारत और रूस के बीच 2+2 मंत्रिस्तरीय वार्ता में शामिल होंगे। इस दौरान दोनों देशों के बीच रक्षा, ऊर्जा, तकनीक, व्यापार और निवेश समेत कई अहम क्षेत्रों में सहयोग मजबूत करने को लेकर समझौते होंगे।
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भारत और रूस के बीच होने वाली 2+2 मंत्रिस्तरीय वार्ता में हिस्सा लेने के लिए रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव रविवार देर रात दिल्ली के पालम हवाईअड्डे पर पहुंचे। वह आज विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर से मिलेंगे।
इस दौरान दोनों देशों के बीच रक्षा, ऊर्जा, तकनीक, व्यापार और निवेश समेत कई अहम क्षेत्रों में सहयोग मजबूत करने को लेकर समझौते होंगे। इसके साथ ही इस शिखर सम्मेलन के दौरान भारत-रूस संयुक्त उद्यम के तहत उत्तर प्रदेश के अमेठी के कोरवा में पांच लाख से अधिक राइफलों का निर्माण करने का लक्ष्य रखा गया है।
शिखर सम्मेलन के दौरान इन प्रमुख बिंदुओं पर चर्चा
- शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भारत और रूस के बीच द्विपक्षीय संबंधों की स्थिति और संभावनाओं की समीक्षा करेंगे और दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने पर रणनीति बनाएंगे।
- भारत और रूस 2+2 प्रारूप की वार्ता भी करेंगे जिसमें दोनों देशों के विदेश मामलों और रक्षा मंत्रियों के बीच एक बैठक होगी। रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव और रक्षा मंत्री सर्गेई शोइगु देशों के बीच पहले 2+2 संवाद में भाग लेंगे। 2+2 वार्ता के एजेंडे में पारस्परिक हित के राजनीतिक और रक्षा मुद्दे शामिल होंगे।
- दोनों पक्ष क्षेत्रीय सुरक्षा चिंताओं और अफगानिस्तान के तालिबान के अधिग्रहण के नतीजों पर भी बातचीत करेंगे। तालिबान भारत और रूस दोनों के लिए एक सामान्य चिंता है।
- भारत और रूस के सैन्य संबंधों को बढ़ावा देने के लिए दोनों देश 7.5 लाख AK-203 असाल्ट राइफलों की आपूर्ति पर समझौता करने वाले हैं। शिखर सम्मेलन से कुछ दिन पहले केंद्र ने भारत के रक्षा निर्माण में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के लिए संयुक्त उद्यम इंडो-रूसी राइफल्स प्राइवेट लिमिटेड के तहत उत्तर प्रदेश में एक कारखाने में एके -203 राइफल्स के निर्माण को मंजूरी दी।
- द्विपक्षीय फोकस एस-400 मिसाइल रक्षा प्रणालियों और अन्य रक्षा समझौतों की डिलीवरी पर भी होने की उम्मीद है। भारत ने लंबी अवधि की सुरक्षा जरूरतों के लिए अक्टूबर 2019 में 19वें भारत-रूस वार्षिक द्विपक्षीय शिखर सम्मेलन के दौरान पांच S-400 सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल प्रणालियों की खरीद के लिए रूस के साथ 5.43 अगब अमरीकी डालर के अनुबंध पर हस्ताक्षर किए थे।
- भारत और रूस के बीच कनेक्टिविटी, शिपिंग, अंतरिक्ष, सैन्य-तकनीकी सहयोग, विज्ञान और प्रौद्योगिकी, शिक्षा और संस्कृति जैसे मुद्दों सहित 10 से अधिक द्विपक्षीय समझौतों पर सहमति बनने की संभावना है।
- पुतिन और पीएम मोदी के बीच बैठक के दौरान कोरोना महामारी से लड़ने और सहयोग पर भी चर्चा की जाएगी।