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CTC: आतंकवाद से लड़ाई का नेतृत्व करेगा भारत! UN आतंक-रोधी समिति ने अपनाया दिल्ली डेक्लेरेशन

Sat, 29 Oct 2022 06:36 PM IST
शिव शरण शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शिव शरण शुक्ला Updated Sat, 29 Oct 2022 06:36 PM IST
सार

रुचिरा कंबोज ने अपने उद्घाटन भाषण में आतंकवादियों द्वारा इस्तेमाल की जा रही नई तकनीक के खतरों और खतरे पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि शांति और सुरक्षा के लिए आतंकवाद सबसे गंभीर खतरों में से एक बना हुआ है।

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India Ruchira Kamboj says Non-binding Delhi declaration to be adopted to counter terrorism
रुचिरा कंबोज - फोटो : ANI

विस्तार

विश्व में आतंकवाद की नई चुनौतियों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर विचार-विमर्श के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की आतंकवाद विरोधी समिति (CTC) की दूसरे दिन की  विशेष बैठक राजधानी दिल्ली में हुई। इस बैठक के दौरान संयुक्त राष्ट्र में भारत सरकार की स्थायी प्रतिनिधि और आतंकवाद विरोधी समिति की अध्यक्ष रुचिरा कंबोज ने कहा कि इसका मुख्य उद्देश्य आतंकवादी समूहों द्वारा नई और उभरती प्रौद्योगिकियों के दुरुपयोग पर चर्चा करना था। जिसमें सूचना और संचार प्रौद्योगिकियों के साथ आतंक, और ड्रोन सहित मानव रहित हवाई प्रणाली पर विशेष रूप से चर्चा की गई। वहीं, आतंकवाद विरोधी समिति की अध्यक्ष रुचिरा कंबोज के कहे मुताबिक, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की आतंकवाद विरोधी समिति ने यूएनसीटीसी इमर्जिंग टेक विशेष बैठक में सर्वसम्मति से दिल्ली घोषणा को अपना लिया।   

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भारत करेगा बड़ी घोषणा
इससे पहले संयुक्त राष्ट्र में भारत सरकार की स्थायी प्रतिनिधि रुचिरा कम्बोज ने कहा था कि आतंकवाद से निपटने के लिए भारत एक घोषणा करेगा, जो सदस्य राज्यों को आतंकवाद के खतरे का मुकाबला करने के लिए सहयोगी और सामूहिक रूप से काम करने के लिए प्रोत्साहित करेगी।  दिल्ली की ये घोषणा गैर-बाध्यकारी मार्गदर्शक सिद्धांतों पर आधारित होगी।
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इससे पहले आज, रुचिरा कंबोज ने अपने उद्घाटन भाषण में आतंकवादियों द्वारा इस्तेमाल की जा रही नई तकनीक के खतरों और खतरे पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि शांति और सुरक्षा के लिए आतंकवाद सबसे गंभीर खतरों में से एक बना हुआ है। प्रौद्योगिकी के बढ़ते प्रसार और डिजिटलीकरण में तेजी से वृद्धि के साथ, आतंकवादी उद्देश्यों के लिए नई और उभरती प्रौद्योगिकियों के उपयोग को संबोधित करना बढ़ती चिंता का विषय बन गया है।
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हाल के वर्षों में बढ़ गया तकनीक का इस्तेमाल 
वहीं, विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा, हाल के वर्षों में आतंकवादी संगठनों ने तकनीकि का इस्तेमाल कर अपनी क्षमताओं को बढ़ाया है। आतंकवादी तेजी से इंटरनेट व सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का उपयोग कर रहे हैं, जिनके जरिए वे समाज को अस्थिर करने के उद्देश्य से कट्टरता फैला रहे हैं। उन्होंने कहा, विशेष रूप से एशिया और अफ्रीका में आतंकवाद का खतरा बढ़ता जा रहा है। 

भारत देगा पांच लाख अमेरिकी डॉलर
वहीं, विदेश मंत्री एस जयशंकर ने इस दौरान कहा कि आतंकवाद का मुकाबला करने के लिए भारत संयुक्त राष्ट्र ट्रस्ट फंड फॉर काउंटर टेररिज्म में 500,000 अमरीकी डालर का योगदान देगा। उन्होंने कहा, भारत आतंकवाद विरोधी संस्था के प्रयासों को बल देने के लिए  भारत इस साल संयुक्त राष्ट्र ट्रस्ट फंड फॉर काउंटर टेररिज्म में आधा मिलियन डॉलर का स्वैच्छिक योगदान देगा। 


 भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) की दो दिवसीय आतंकवाद विरोधी बैठक की मेजबानी की। ये बैठक आज समाप्त हो गई। दो दिवसीय सम्मेलन में 28 अक्तूबर को पहले दिन मुंबई में और उसके अगले दिन यानी आज दिल्ली में बैठकें हुईं। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की आतंकवाद विरोधी समिति के भारत में होने वाले सम्मेलन में इंटरनेट, नए ऑनलाइन भुगतान तंत्र और मानव रहित हवाई प्रणालियों का उपयोग करने वाले आतंकी समूहों से निपटने के तरीकों पर चर्चा की गई। भारत वर्तमान में सुरक्षा परिषद आतंकवाद विरोधी समिति का अध्यक्ष है।

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