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MEA: अनुच्छेद 370 पर 'सुप्रीम' फैसले पर OIC के बयान पर भारत सख्त; खंडन करते हुए गलत इरादे वाला करार दिया
Wed, 13 Dec 2023 05:28 PM IST
शिव शरण शुक्ला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शिव शरण शुक्ला
Updated Wed, 13 Dec 2023 05:28 PM IST
सार
ओआईसी के जनरल सेक्रेटेरिएट ने जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को हटाने को लेकर भारतीय सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ बयान दिया था। भारतीय विदेश मंत्रालय ने इसे खारिज कर दिया है। साथ ही कहा है कि ओआईसी का यह बयान गलत इरादे वाला है।
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विदेश मंत्रालय की प्रतिक्रिया।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
जम्मू-कश्मीर से संविधान के अनुच्छेद 370 के प्रावधानों से संबंधित सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले पर इस्लामिक सहयोग संगठन (ओआईसी) के जनरल सचिवालय द्वारा जारी बयान को भारत ने खारिज कर दिया है। भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने इस संबंध में बयान जारी किया। उन्होंने कहा कि भारत भारतीय सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले पर इस्लामिक सहयोग संगठन (ओआईसी) के जनरल सचिवालय द्वारा जारी बयान को खारिज करता है। यह गलत सूचना और गलत इरादे वाला है।
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विदेश मंत्रालय ने खारिज किया ओआईसी का बयान
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने बुधवार को जम्मू-कश्मीर से संविधान के अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को हटाने से संबंधित सुप्रीम कोर्ट के ओआईसी के फैसले पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि ओआईसी ऐसा मानवाधिकारों के सिलसिलेवार उल्लंघनकर्ता और सीमा पार आतंकवाद के एक बेपरवाह प्रमोटर के इशारे पर करता है, जिससे उसकी कार्रवाई और भी संदिग्ध हो जाती है। ऐसे बयान केवल ओआईसी की विश्वसनीयता को कमजोर करते हैं।
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कल आया था ओआईसी महासचिव का बयान
गौरतलब है कि बीते मंगलवार को ओआईसी के जनरल सेक्रेटेरिएट ने जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को हटाने को लेकर भारतीय सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ बयान दिया था। इतना ही नहीं इस्लामिक सहयोग संगठन के महासचिव ने जम्मू-कश्मीर के लोगों के साथ अपनी एकजुटता की भी पुष्टि की थी।
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11 दिसंबर को आया था सुप्रीम कोर्ट का फैसला
बता दें कि जम्मू-कश्मीर से संविधान के अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को निरस्त करने के केंद्र सरकार के 2019 के फैसले के खिलाफ दाखिल याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ ने फैसला सुनाया था। इस पीठ में सीजेआई डी वाई चंद्रचूड़ के अलावा, जस्टिस संजय किशन कौल, संजीव खन्ना, बीआर गवई और सूर्यकांत भी शामिल थे। इस अनुच्छेद के जरिए जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा मिला हुआ था। फैसला सुनाते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 को हटाना संवैधानिक रूप से वैध है। जम्मू कश्मीर पर केंद्र सरकार का फैसला बना रहेगा। पांच अगस्त 2019 का फैसला बरकार रहेगा। इसे नहीं बदला जाएगा। इसके साथ ही सीजेआई ने नए परिसीमन के आधार पर जम्मू-कश्मीर में जल्द से जल्द चुनाव करवाने के भी निर्देश दिए थे।