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China: 'अरुणाचल प्रदेश, भारत का अभिन्न अंग था, है और रहेगा', भारत ने चीन के बेतुके बयान को किया खारिज
Tue, 19 Mar 2024 04:04 PM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: नितिन गौतम
Updated Tue, 19 Mar 2024 04:04 PM IST
सार
विदेश मंत्रालय ने कहा कि 'चीन की तरफ से बार-बार आधारहीन तर्क दिए जा रहे हैं। अरुणाचल प्रदेश, भारत का अभिन्न हिस्सा था, है और हमेशा रहेगा।'
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विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल (वीडियो ग्रैब)
- फोटो : ANI
विस्तार
भारत ने चीन के अरुणाचल प्रदेश को लेकर दिए गए बेतुके बयान को सिरे से खारिज कर दिया है और अरुणाचल प्रदेश पर चीन के दावे को आधारहीन बताया है। भारत ने कहा है कि अरुणाचल प्रदेश भारत का अभिन्न हिस्सा था, है और रहेगा। भारतीय विदेश मंत्रालय ने इसे लेकर आधिकारिक बयान जारी किया है और कहा है कि भारत की विकास यात्रा का लाभ अरुणाचल प्रदेश के लोगों को मिलता रहेगा।
क्या कहा विदेश मंत्रालय ने
भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा कि 'चीन के रक्षा मंत्रालय की तरफ से भारत के राज्य अरुणाचल प्रदेश पर किए बेतुके दावे पर हमने नोटिस लिया है। चीन की तरफ से बार-बार आधारहीन तर्क दिए जा रहे हैं। अरुणाचल प्रदेश, भारत का अभिन्न हिस्सा था, है और हमेशा रहेगा। अरुणाचल प्रदेश के लोगों को आधारभूत ढांचे के विकास और अन्य विकास परियोजनाओं का लाभ मिलता रहेगा।'
चीन के विदेश मंत्रालय ने दिया था बयान
विदेश मंत्रालय की प्रतिक्रिया चीनी सेना के उस दावे के बाद सामने आई है, जिसमें चीन ने अरुणाचल प्रदेश को चीनी क्षेत्र का हिस्सा बताया था। चीन के रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता कर्नल झांग जियाओगांग ने कहा था कि 'जिजांग (तिब्बत का चीनी नाम) चीन का हिस्सा है और चीन भारत के कथित अरुणाचल प्रदेश को न कभी स्वीकार करेगा और इसका सख्ती से विरोध करता है।' पीएम मोदी ने हाल ही में अरुणाचल प्रदेश में सेला टनल का उद्घाटन किया था। उसके बाद ही चीन ने अरुणाचल को लेकर बयान दिया। जिस पर भारत ने अपनी प्रतिक्रिया में चीन को कड़ा जवाब दिया है। चीन की तरफ से 15 मार्च को यह बयान दिया गया। भारत पहले भी चीन के ऐसे दावों को सिरे से खारिज कर चुका है। भारत ने अपने पूर्व के एक बयान में कहा था कि चीन का भारतीय नेताओं के अरुणाचल दौरे का विरोध बेतुका है और इसका कोई आधार नहीं है।
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क्या कहा विदेश मंत्रालय ने
भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा कि 'चीन के रक्षा मंत्रालय की तरफ से भारत के राज्य अरुणाचल प्रदेश पर किए बेतुके दावे पर हमने नोटिस लिया है। चीन की तरफ से बार-बार आधारहीन तर्क दिए जा रहे हैं। अरुणाचल प्रदेश, भारत का अभिन्न हिस्सा था, है और हमेशा रहेगा। अरुणाचल प्रदेश के लोगों को आधारभूत ढांचे के विकास और अन्य विकास परियोजनाओं का लाभ मिलता रहेगा।'
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चीन के विदेश मंत्रालय ने दिया था बयान
विदेश मंत्रालय की प्रतिक्रिया चीनी सेना के उस दावे के बाद सामने आई है, जिसमें चीन ने अरुणाचल प्रदेश को चीनी क्षेत्र का हिस्सा बताया था। चीन के रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता कर्नल झांग जियाओगांग ने कहा था कि 'जिजांग (तिब्बत का चीनी नाम) चीन का हिस्सा है और चीन भारत के कथित अरुणाचल प्रदेश को न कभी स्वीकार करेगा और इसका सख्ती से विरोध करता है।' पीएम मोदी ने हाल ही में अरुणाचल प्रदेश में सेला टनल का उद्घाटन किया था। उसके बाद ही चीन ने अरुणाचल को लेकर बयान दिया। जिस पर भारत ने अपनी प्रतिक्रिया में चीन को कड़ा जवाब दिया है। चीन की तरफ से 15 मार्च को यह बयान दिया गया। भारत पहले भी चीन के ऐसे दावों को सिरे से खारिज कर चुका है। भारत ने अपने पूर्व के एक बयान में कहा था कि चीन का भारतीय नेताओं के अरुणाचल दौरे का विरोध बेतुका है और इसका कोई आधार नहीं है।
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