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म्यांमार के राष्ट्रपति से मुलाकात में मोदी ने जताई आतंकवाद पर चिंता

Mon, 29 Aug 2016 11:19 PM IST
एजेंसी, नई दिल्ली
एजेंसी, नई दिल्ली Updated Mon, 29 Aug 2016 11:19 PM IST
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India promises whole-hearted support to Myanmar
प्रधानमंत्री मोदी के साथ म्यांमार के राष्ट्रपति यू हतिन क्याव - फोटो : pti
दशकों के सैन्य शासन के बाद लोकतंत्र की राह पर आगे बढ़ रहे म्यांमार को भारत ने हर कदम पर सहयोग का आश्वासन दिया है। क्षेत्र में आतंकवाद और उग्रवादी गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए दोनों देश मिलकर काम करेंगे। 
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प्रधानमंत्री मोदी ने सोमवार को म्यांमार के राष्ट्रपति यू हतिन क्याव के साथ विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से बातचीत की। म्यांमार में आंग सान सू की की पार्टी नेशनल लीग फॉर डेमोक्रेसी की सरकार बनने के बाद दोनों देशों के बीच यह पहली शीर्ष स्तरीय वार्ता है। 
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दोनों देशों के बीच आवाजाही, दवा, नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए चार एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। कृषि, बैकिंग और ऊर्जा के क्षेत्र में भी संबंध मजबूत करने पर सहमति बनी है। 
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वार्ता के बाद मोदी ने कहा कि दोनों पक्ष इस बात को समझते हैं कि एक दूसरे के सुरक्षा हित आपस में जुड़े हैं। ऐसे में दोनों देशों ने क्षेत्र में आतंकवाद से लड़ने और उग्रवादी गतिविधियों पर लगाम लगाने के लिए साथ मिलकर काम करने पर सहमति जताई है। 

भारत के लिए महत्वपूर्ण है म्यांमार

India promises whole-hearted support to Myanmar

प्रधानमंत्री ने कहा, ‘हम इस पर सहमत हैं कि एक दूसरे के सामरिक हितों और चिंताओं के प्रति संवेदनशील रहने की जरूरत है।’ म्यांमार के राष्ट्रपति ने कहा कि उनकी सरकार भारत के साथ संबंधों को और मजबूत करना चाहती है। 

दोनों देशों के बीच दालों के व्यापार के लिए दीर्घकालिक व्यवस्था पर आगे बढ़ने पर भी सहमति बनी है। इससे पहले विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने म्यांमार के राष्ट्रपति से मुलाकात की। 

भारत के लिए महत्वपूर्ण है म्यांमार
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत म्यांमार को खुशहाल देखना चाहता है। म्यांमार को ‘पुल’ बताते हुए पीएम ने कहा कि यह भारत और दक्षिण पूर्व एशिया को जोड़ता है। म्यांमार भारत के लिए कूटनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण देश है। दोनों देश 1640 किमी लंबी सीमा साझा करते हैं। नगालैंड और मणिपुर की सीमाएं भी म्यांमार से लगती है, इस क्षेत्र उग्रवाद से प्रभावित है। उधर, चीन भी लगातार म्यांमार की कई परियोजनाओं में भारी निवेश कर अपनी उपस्थिति बढ़ा रहा है। 

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