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India Pak Tension: क्या है एस-400 मिसाइल सिस्टम, जिससे भारत ने पाकिस्तानी हमले को किया नाकाम
Thu, 08 May 2025 04:58 PM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: नितिन गौतम
Updated Thu, 08 May 2025 04:58 PM IST
सार
भारत ने एस-400 मिसाइल सिस्टम से पाकिस्तान के हमले की कोशिश को नाकाम कर दिया। पाकिस्तान ने भारत के कई शहरों में स्थित सैन्य ठिकानों पर हमले की नापाक कोशिश की थी, लेकिन एस-400 वायु रक्षा प्रणाली के सामने उसकी एक न चली और उसे भारी नुकसान उठाना पड़ा।
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एस 400 मिसाइल डिफेंस सिस्टम
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
भारतीय वायुसेना ने बुधवार रात भारत की तरफ आ रहे टारगेट्स को वायु रक्षा प्रणाली 'एस-400 सुदर्शन चक्र मिसाइल सिस्टम' से निशाना बनाया। न्यूज एजेंसी एएनआई के अनुसार, एस-400 से सफलतापूर्वक सभी टारगेट्स को तबाह कर दिया गया। वहीं भारतीय सेना ने जवाबी कार्रवाई करते हुए हार्पी ड्रोन्स से पाकिस्तान के वायु सुरक्षा प्रणाली को निशाना बनाया और लाहौर स्थित रडार सिस्टम को तबाह कर दिया।
क्या है एस-400 वायु रक्षा प्रणाली
एस-400 वायु रक्षा प्रणाली उपकरणों का एक नेटवर्क है, जिसे हवाई खतरों से निपटने के लिए किसी विशिष्ट क्षेत्र में तैनात किया जाता है। यह दुश्मन के लड़ाकू विमानों, मिसाइलों और ड्रोन्स को हवा में ही निशाना बनाने के लिए डिजाइन किया गया है। एस-400 मिसाइल डिफेंस सिस्टम को भारतीय वायुसेना के सबसे ताकतवर हथियारों में से एक माना जाता है। यह किसी भी संभावित खतरे को हवा में ही तबाह करने में सक्षम है। एस-400 मिसाइल सिस्टम को चीन और पाकिस्तान के खतरे को ध्यान में रखकर तैनात किया गया है। इसकी रेंज 40 से 400 किलोमीटर के बीच है। भारत और रूस के बीच साल 2018 में एस-400 मिसाइल डिफेंस सिस्टम का सौदा हुआ था। सौदे के तहत भारत को एस-400 मिसाइल सिस्टम की तीन रेजीमेंट मिल चुकी हैं। भारत को अभी दो और रेजीमेंट मिलनी हैं, लेकिन रूस-यूक्रेन युद्ध की वजह से उनमें देरी हुई है और अब उनके साल 2026 में मिलने की उम्मीद है।
S400 मिसाइल डिफेंस सिस्टम के एक रेजीमेंट में आठ लॉन्चर होते हैं। मतलब आठ लॉन्चिंग ट्रक और हर एक ट्रक में चार लॉन्चर होते हैं। हर लॉन्चर से चार मिसाइलें निकलती हैं। मतलब एक रेजीमेंट कभी भी 32 मिसाइलें दाग सकता है। यह आसमान से घात लगाकर आने वाली किसी भी मिसाइल को पलक झपकते ही बर्बाद करने की क्षमता रखता है। यह दुनिया की सबसे सटीक एयर डिफेंस सिस्टम में से एक है। खास बात ये है कि किसी भी क्षेत्र से आने वाले न्यूक्लियर मिसाइल को भी ये हवा में ही नष्ट करने की क्षमता रखता है। इसके जरिए दुश्मनों की सीमा के अंदर भी नजर रखी जा सकती है।
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ये भी पढ़ें- Lahore Defense System Hit: भारत की जवाबी कार्रवाई में लाहौर का एयर डिफेंस सिस्टम तबाह, PAK के रडार हुए बेकार
इस मिसाइल सिस्टम को नाटो द्वारा SA-21 ग्रोवलर भी कहा जाता है। यह माइनस 50 से माइनस 70 डिग्री सेल्सियस तक तापमान में काम करने की क्षमता रखता है। इसकी मिसाइल्स को नष्ट कर पाना भी काफी मुश्किल होता है, क्योंकि इसकी कोई तय जगह नहीं होती है। इसे असानी से डिटेक्ट भी नहीं किया जा सकता है।
S400 मिसाइल की खासियत
पाकिस्तान के हमले की कोशिश को नाकाम करने के बाद भारत ने भी मुंहतोड़ जवाब देते हुए पाकिस्तान के रडार सिस्टम को निशाना बनाया और लाहौर स्थित रडार सिस्टम को तबाह कर दिया। भारत ने हार्पी ड्रोन्स की मदद से पाकिस्तानी रडार सिस्टम को निशाना बनाया। हार्पी ड्रोन्स को इस्राइल की कंपनी इस्राइल एयरोस्पेस इंडस्ट्रीज द्वारा विकसित किया गया है। यह उन्नत श्रेणी का लोइटरिंग म्युनिशन सिस्टम है, जो हवा में मंडराते हुए दुश्मन पर नजर रखता है और इशारा मिलते ही उसे तबाह कर देता है।
ये भी पढ़ें- Operation Sindoor: भारतीय सेना ने मारे 100 से अधिक पाकिस्तानी आतंकी; सर्वदलीय बैठक में राजनाथ सिंह ने बताया
हार्पी ड्रोन्स की खासियत ये है कि इसे निगरानी के साथ ही हमले के लिए भी इस्तेमाल किया जा सकता है। दुश्मन की वायु सुरक्षा प्रणाली को तबाह करने में इस ड्रोन का लोहा दुनिया मानती है। यह ड्रोन 9 घंटे तक लगातार उड़ान भर सकता है और एक हजार किलोमीटर तक की रेंज में हमला कर सकता है। इस खासियत की वजह से यह ड्रोन दुश्मन देश में काफी भीतर तक हमला करने में सक्षम है। यह ड्रोन इलेक्ट्रो ऑप्टिकल, इंफ्रारेड और फारवर्ड लुकिंग इंफ्रारेड सेंसर्स से लैस है। इस ड्रोन में निगरानी के लिए सीसीडी कैमरा भी लगा है और यह रडार को चकमा देने में सक्षम है।
पाकिस्तान ने भारत में कई ठिकानों को निशाना बनाने की नाकाम कोशिश की
पाकिस्तान ने बुधवार की रात भारत के उत्तरी और पश्चिमी शहरों पर हमले की कोशिश की, लेकिन भारतीय सशस्त्र बल पूरी तरह से सतर्क थे और उन्होंने जवाबी कार्रवाई करते हुए पाकिस्तान के इस हमले को नाकाम कर दिया। पाकिस्तानी सेना ने भारत के श्रीनगर, जम्मू, अमृतसर, जालंधर, लुधियाना आदि शहरों में ड्रोन्स और मिसाइल से हमले की नाकाम कोशिश की थी। पाकिस्तान ने आदमपुर, बठिंडा, चंडीगढ़ में स्थित सैन्य ठिकानों पर भी हमले की नापाक कोशिश की, लेकिन सभी हमले नाकाम कर दिए गए। इसके बाद भारतीय सेना ने जवाबी कार्रवाई करते हुए पाकिस्तान के कई ठिकानों पर मौजूद एयर डिफेंस रडार सिस्टम को निशाना बनाया।
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क्या है एस-400 वायु रक्षा प्रणाली
एस-400 वायु रक्षा प्रणाली उपकरणों का एक नेटवर्क है, जिसे हवाई खतरों से निपटने के लिए किसी विशिष्ट क्षेत्र में तैनात किया जाता है। यह दुश्मन के लड़ाकू विमानों, मिसाइलों और ड्रोन्स को हवा में ही निशाना बनाने के लिए डिजाइन किया गया है। एस-400 मिसाइल डिफेंस सिस्टम को भारतीय वायुसेना के सबसे ताकतवर हथियारों में से एक माना जाता है। यह किसी भी संभावित खतरे को हवा में ही तबाह करने में सक्षम है। एस-400 मिसाइल सिस्टम को चीन और पाकिस्तान के खतरे को ध्यान में रखकर तैनात किया गया है। इसकी रेंज 40 से 400 किलोमीटर के बीच है। भारत और रूस के बीच साल 2018 में एस-400 मिसाइल डिफेंस सिस्टम का सौदा हुआ था। सौदे के तहत भारत को एस-400 मिसाइल सिस्टम की तीन रेजीमेंट मिल चुकी हैं। भारत को अभी दो और रेजीमेंट मिलनी हैं, लेकिन रूस-यूक्रेन युद्ध की वजह से उनमें देरी हुई है और अब उनके साल 2026 में मिलने की उम्मीद है।
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S400 मिसाइल डिफेंस सिस्टम के एक रेजीमेंट में आठ लॉन्चर होते हैं। मतलब आठ लॉन्चिंग ट्रक और हर एक ट्रक में चार लॉन्चर होते हैं। हर लॉन्चर से चार मिसाइलें निकलती हैं। मतलब एक रेजीमेंट कभी भी 32 मिसाइलें दाग सकता है। यह आसमान से घात लगाकर आने वाली किसी भी मिसाइल को पलक झपकते ही बर्बाद करने की क्षमता रखता है। यह दुनिया की सबसे सटीक एयर डिफेंस सिस्टम में से एक है। खास बात ये है कि किसी भी क्षेत्र से आने वाले न्यूक्लियर मिसाइल को भी ये हवा में ही नष्ट करने की क्षमता रखता है। इसके जरिए दुश्मनों की सीमा के अंदर भी नजर रखी जा सकती है।
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इस मिसाइल सिस्टम को नाटो द्वारा SA-21 ग्रोवलर भी कहा जाता है। यह माइनस 50 से माइनस 70 डिग्री सेल्सियस तक तापमान में काम करने की क्षमता रखता है। इसकी मिसाइल्स को नष्ट कर पाना भी काफी मुश्किल होता है, क्योंकि इसकी कोई तय जगह नहीं होती है। इसे असानी से डिटेक्ट भी नहीं किया जा सकता है।
S400 मिसाइल की खासियत
- S400 में चार रेंज की मिसाइलें होती हैं। ये 40, 100, 200 और 400 किलोमीटर की दूरी तक दुश्मन के किसी भी हथियार को नष्ट करने की क्षमता रखती हैं।
- यह 100 से 40 हजार फीट तक उड़ने वाले हर टारगेट को नष्ट करने की क्षमता रखता है।
- यह सिस्टम मिसाइल, एयरक्राफ्ट या फिर ड्रोन से हुए किसी भी तरह के हमले से निपटने में सक्षम है।
पाकिस्तान के हमले की कोशिश को नाकाम करने के बाद भारत ने भी मुंहतोड़ जवाब देते हुए पाकिस्तान के रडार सिस्टम को निशाना बनाया और लाहौर स्थित रडार सिस्टम को तबाह कर दिया। भारत ने हार्पी ड्रोन्स की मदद से पाकिस्तानी रडार सिस्टम को निशाना बनाया। हार्पी ड्रोन्स को इस्राइल की कंपनी इस्राइल एयरोस्पेस इंडस्ट्रीज द्वारा विकसित किया गया है। यह उन्नत श्रेणी का लोइटरिंग म्युनिशन सिस्टम है, जो हवा में मंडराते हुए दुश्मन पर नजर रखता है और इशारा मिलते ही उसे तबाह कर देता है।
ये भी पढ़ें- Operation Sindoor: भारतीय सेना ने मारे 100 से अधिक पाकिस्तानी आतंकी; सर्वदलीय बैठक में राजनाथ सिंह ने बताया
हार्पी ड्रोन्स की खासियत ये है कि इसे निगरानी के साथ ही हमले के लिए भी इस्तेमाल किया जा सकता है। दुश्मन की वायु सुरक्षा प्रणाली को तबाह करने में इस ड्रोन का लोहा दुनिया मानती है। यह ड्रोन 9 घंटे तक लगातार उड़ान भर सकता है और एक हजार किलोमीटर तक की रेंज में हमला कर सकता है। इस खासियत की वजह से यह ड्रोन दुश्मन देश में काफी भीतर तक हमला करने में सक्षम है। यह ड्रोन इलेक्ट्रो ऑप्टिकल, इंफ्रारेड और फारवर्ड लुकिंग इंफ्रारेड सेंसर्स से लैस है। इस ड्रोन में निगरानी के लिए सीसीडी कैमरा भी लगा है और यह रडार को चकमा देने में सक्षम है।
पाकिस्तान ने भारत में कई ठिकानों को निशाना बनाने की नाकाम कोशिश की
पाकिस्तान ने बुधवार की रात भारत के उत्तरी और पश्चिमी शहरों पर हमले की कोशिश की, लेकिन भारतीय सशस्त्र बल पूरी तरह से सतर्क थे और उन्होंने जवाबी कार्रवाई करते हुए पाकिस्तान के इस हमले को नाकाम कर दिया। पाकिस्तानी सेना ने भारत के श्रीनगर, जम्मू, अमृतसर, जालंधर, लुधियाना आदि शहरों में ड्रोन्स और मिसाइल से हमले की नाकाम कोशिश की थी। पाकिस्तान ने आदमपुर, बठिंडा, चंडीगढ़ में स्थित सैन्य ठिकानों पर भी हमले की नापाक कोशिश की, लेकिन सभी हमले नाकाम कर दिए गए। इसके बाद भारतीय सेना ने जवाबी कार्रवाई करते हुए पाकिस्तान के कई ठिकानों पर मौजूद एयर डिफेंस रडार सिस्टम को निशाना बनाया।
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