{"_id":"5ecbf4c68ebc3e90510723f9","slug":"india-now-among-10-countries-who-are-most-hit-by-coronavirus","type":"story","status":"publish","title_hn":"भारत दुनिया में कोरोना से 10वां सबसे ज्यादा प्रभावित देश, कुल मामले 1.38 लाख से ज्यादा","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
भारत दुनिया में कोरोना से 10वां सबसे ज्यादा प्रभावित देश, कुल मामले 1.38 लाख से ज्यादा
Mon, 25 May 2020 10:14 PM IST
गौरव पाण्डेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: गौरव पाण्डेय
Updated Mon, 25 May 2020 10:14 PM IST
विज्ञापन
भारत में लगातार बढ़ रहे हैं कोरोना के मामले
- फोटो : पीटीआई
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भारत में कोरोना वायरस महामारी का प्रसार बढ़ता ही जा रहा है। लगातार चार दिन से रिकॉर्ड मामले सामने आने के बाद देश में कोरोना संक्रमण के कुल मामले 1.38 लाख से भी ज्यादा हो गए हैं। जॉन हॉपकिंस यूनिवर्सिटी के डाटा के मुताबिक ईरान को पीछे छोड़ते हुए भारत दुनिया भर में कोविड-19 से सबसे ज्यादा प्रभावित 10 देशों की सूची में शामिल हो गया है।
विज्ञापन
भारत में कोरोना से स्थिति लगातार बिगड़ रही है। पिछले 24 घंटे में देश में कोरोना के रिकॉर्ड 2677 नए मामले सामने आए हैं और 154 लोगों की मौत हुई है। पूरे देश में कोरोना के कुल मामलों की संख्या एक लाख 38 हजार 845 हो गई है। इनमें 77,103 सक्रिय मामले हैं। देश में अब तक 57,721 लोग ठीक हो चुके हैं और 4021 लोगों की मौत हो चुकी है।
विज्ञापन
विज्ञापन
जॉन हॉपकिंस के डाटा के मुताबिक, भारत दुनिया भर में कोरोना से 10वां सबसे ज्यादा प्रभावित देश है। इस सूची में सबसे ऊपर अमेरिका है जिसके बाद रूस, ब्रिटेन, स्पेन, इटली, ब्राजील, जर्मनी, तुर्की और फ्रांस हैं। भारत में 22 मई को 6088, 23 मई को 6654, 24 मई को 6767 और 25 मई को कोरोना वायरस के 6977 पॉजिटिव मामले सामने आए थे।
इसके साथ ही देश में सोमवार को कोरोना वायरस की जांच के लिए होने वाली आरटी-पीसाआर जांच की संख्या 30 लाख के पार हो गई। भारत में कोरोना से मामलों की संख्या में इतनी तेजी से बढ़ोत्तरी के पीछे प्रवासी मजदूरों का पलायन एक बड़ा कारण बन कर सामने आया है। दूसरी ओर देश में रेल, सड़क और हवाई यात्रा को भी अनुमति दे दी गई है।
रेल और सड़क परिवहन के सीमित संचालन को लेकर भारतीय जनस्वास्थ्य एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष डॉ. चंद्रकांत एस पांडव कहते हैं कि ये जो राहतें दी जा रही हैं, ये कोरोना वायरस प्रसार संक्रमण के और प्रसार का माहौल तैयार करेंगी। पांडव ने कहा, सरकार के सख्त निगरानी पर ध्यान देना होगा अन्यथा देश की स्वास्थ्य व्यवस्था तबाह हो सकती है।
वहींस जनस्वास्थ्य फाउंडेशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष प्रो. के श्रीनाथ रेड्डी कहते हैं कि भारत में कोरोना के मामलों की संख्या में बढ़ोत्तरी दोनों पहलुओं को स्पष्ट करती है कि जांच की गति भी बढ़ी है और प्रसार भी बढ़ा है। उन्होंने कहा, अब हमें रोजाना किए जाने वाली जांचों की संख्या और और उन जांचों से सामने आने वाले नए मामलों को देखने की जरूरत है।