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FTA: भारत-न्यूजीलैंड के बीच मुक्त व्यापार समझौता आज, 70 फीसदी भारतीय उत्पादों को मिलेगा शुल्क मुक्त प्रवेश

Mon, 27 Apr 2026 03:22 AM IST
Devesh Tripathi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Devesh Tripathi Updated Mon, 27 Apr 2026 03:22 AM IST
सार

भारत और न्यूजीलैंड सोमवार को मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) पर हस्ताक्षर करेंगे। इस समझौते का मकसद पांच साल में दोनों देशों के बीच होने वाले व्यापार को दोगुना कर पांच अरब डॉलर तक पहुंचाना है। इस समझौते के बाद न्यूजीलैंड पहुंचने वाले ज्यादातर भारतीय उत्पादों पर कोई टैक्स नहीं लगेगा।

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India New Zealand Free trade agreement today 70 percent of products will get duty free entry tariff export
भारत-न्यूजीलैंड के बीच मुक्त व्यापार समझौता - फोटो : X/@PiyushGoyal

विस्तार

भारत और न्यूजीलैंड के बीच व्यापारिक रिश्तों में एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। पिछले साल 22 दिसंबर को बातचीत पूरी होने की घोषणा के चार महीने से ज्यादा समय बाद भारत और न्यूजीलैंड सोमवार को मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) पर हस्ताक्षर करेंगे। इस समझौते का मकसद पांच साल में दोनों देशों के बीच होने वाले व्यापार को दोगुना कर पांच अरब डॉलर तक पहुंचाना है। समझौते का सबसे बड़ा लाभ भारतीय निर्यातकों को होगा, क्योंकि न्यूजीलैंड पहुंचने वाले करीब 70 फीसदी भारतीय उत्पादों पर कोई टैक्स नहीं लगेगा। इससे भारतीय सामान न्यूजीलैंड के बाजार में सस्ते और अधिक प्रतिस्पर्धी हो जाएंगे।
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वाणिज्य मंत्रालय ने कहा, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और न्यूजीलैंड के व्यापार एवं निवेश मंत्री टॉड मैक्ले की उपस्थिति में भारत मंडपम में इस ऐतिहासिक समझौते को अंतिम रूप दिया जाएगा। गोयल ने कहा, कई वर्षों की लंबी चर्चाओं और उच्च स्तरीय वार्ताओं के बाद इस समझौते पर सहमति बनी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन के बीच हुई बातचीत ने इस समझौते को अंतिम रूप देने में अहम भूमिका निभाई। इस सौदे के बाद दोनों देशों के बीच व्यापारिक बाधाएं कम हो जाएंगी। टैरिफ में ढील के अलावा इस समझौते के तहत बेहतर नियामकीय सहयोग के जरिये गैर-टैरिफ रुकावटों को दूर करने, कस्टम, सैनिटरी और फाइटो-सैनिटरी उपायों और व्यापार में तकनीकी बाधाओं से जुड़े नियमों को आसान बनाने के प्रावधान भी शामिल हैं।
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भारत के लिहाज से एफटीए के मायने
  • न्यूजीलैंड अगले 15 वर्षों में भारत में 20 अरब डॉलर का निवेश करेगा। यह निवेश विनिर्माण, बुनियादी ढांचा, सेवा, नवाचार व रोजगार सृजित करने वाले क्षेत्रों में आएगा।
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  • न्यूजीलैंड से भारत आने वाले सेब, शराब और कीवी फल पर लगने वाले कोटा आधारित टैरिफ में कटौती होगी।
  • एफटीए उन भारतीय निर्यातकों की मदद करेगा, जो पश्चिम एशिया संकट समेत वैश्विक अनिश्चितताओं के असर से जूझ रहे हैं।
  • उन्हें ओशिनिया क्षेत्र में निर्यात को फैलाने में मदद मिलेगी, क्योंकि भारत पहले ही ऑस्ट्रेलिया से एक व्यापार समझौता कर चुका है।

न्यूजीलैंड को होगा क्या फायदा?
एफटीए के तहत न्यूजीलैंड से भारत को निर्यात होने वाले ऊन, कोयला, भेड़ का मांस, शराब, एवोकैडो, ब्लूबेरी और 95 फीसदी से अधिक वानिकी एवं लकड़ी के सामान पर टैरिफ कम या खत्म हो जाएगा। गोयल और मैक्ले ने रविवार को अपनी-अपनी पत्नियों के साथ आगरा में ताजमहल का दीदार किया। इस बीच, गोयल ने कहा, दोनों देश मुक्त व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर के साथ अपने आर्थिक संबंधों में एक नया अध्याय शुरू करने के लिए तैयार हैं।

किसानों और घरेलू उद्योग के हितों का पूरा ध्यान
भारत ने किसानों और घरेलू उद्योग (एमएसएमई) की सुरक्षा का पूरा ध्यान रखते हुए डेयरी क्षेत्र को इस समझौते से बाहर रखा है। दूध, क्रीम, चीज और अन्य डेयरी उत्पादों पर न्यूजीलैंड को कोई रियायत नहीं दी गई है। प्याज, चना, मटर, मक्का, बादाम, चीनी, कृत्रिम शहद, पशु, वनस्पति या सूक्ष्मजीव वसा एवं तेल, हथियार, गोला-बारूद, रत्न-आभूषण, तांबा एवं उससे बने उत्पाद और एल्यूमीनियम एवं उससे बने सामान जैसी कई संवेदनशील वस्तुओं को भी इस सौदे से बाहर रखा गया है।

किसानों को उत्पादकता बढ़ाने में मदद करेगा न्यूजीलैंड....इस समझौते के तहत न्यूजीलैंड कीवी फल, सेब और शहद पर एक विशेष कृषि-तकनीक कार्ययोजना तैयार करेगा। इसका उद्देश्य भारतीय किसानों को अपनी उत्पादकता और गुणवत्ता बढ़ाने में मदद करना है। इस सहयोग में उत्कृष्टता केंद्रों की स्थापना, बेहतर रोपण सामग्री, उत्पादकों के लिए क्षमता निर्माण, बाग प्रबंधन, कटाई के बाद की प्रक्रियाओं, आपूर्ति शृंखला के प्रदर्शन और खाद्य सुरक्षा के लिए तकनीकी सहायता शामिल है।

समझौते में भौगोलिक संकेत यानी जीआई उत्पादों को लेकर भी महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। न्यूजीलैंड ने अपने कानून में बदलाव कर भारतीय शराब और स्पिरिट्स के पंजीकरण को आसान बनाने का भरोसा दिया है।

हर वर्ष 5,000 भारतीय पेशेवरों को अस्थायी रोजगार वीजा देगा न्यूजीलैंड
समझौते के तहत न्यूजीलैंड हर साल 5,000 भारतीय पेशेवरों को अस्थायी रोजगार वीजा देगा, जिसकी वैधता तीन साल तक होगी। इसमें योग प्रशिक्षक, आयुष चिकित्सक, शेफ के साथ आईटी, इंजीनियरिंग, हेल्थकेयर, इंजीनियरिंग, शिक्षा, निर्माण जैसे उच्च मांग वाले क्षेत्र शामिल हैं। इससे सेवा क्षेत्र में भारत की पकड़ और मजबूत होगी।


दवाइयों व चिकित्सा उपकरणों को बढ़ावा
न्यूजीलैंड में तेजी से नियामकीय पहुंच मिलने के कारण भारत के फार्मा और मेडिकल उपकरण क्षेत्र को बढ़ावा मिलेगा। ऐसा इसलिए होगा, क्योंकि इस समझौते के तहत यूएस फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एफडीए), ईयू की यूरोपीयन मेडिसिन एजेंसी और यूके की मेडिसिन्स एंड हेल्थकेयर प्रोडक्ट्स रेगुलेटरी एजेंसी जैसे भरोसेमंद नियामकीय की  गुड मैन्युफैक्चरिंग प्रैक्टिस एवं ग्लोबल क्लीनिकल प्रैक्टिस जैसे इंस्पेक्शन रिपोर्ट को स्वीकार किया जाएगा। इससे दोहरी जांचें कम होंगी। अनुपालन लागत घटेगी और उत्पादों की मंजूरी प्रक्रिया तेज होगी। इससे न्यूजीलैंड को होने वाले भारत के दवा और मेडिकल उपकरणों के निर्यात में वृद्धि को बढ़ावा मिलेगा।

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