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S Jaishankar: विदेश मंत्री ने नेपाल में कई समझौतों पर किए हस्ताक्षर, पड़ोसी देश के राष्ट्रपति व पीएम से मिले

Thu, 04 Jan 2024 06:59 PM IST
कुमार विवेक न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: कुमार विवेक Updated Thu, 04 Jan 2024 06:59 PM IST
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India, Nepal ink several agreements as Jaishankar holds 'productive' talks with his counterpart Saud
नेपाल में विदेश मंत्री एस जयशंकर। - फोटो : Social Media

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने गुरुवार को अपने नेपाली समकक्ष एनपी सऊद के साथ ''समग्र व सार्थक'' बैठक की और समग्र द्विपक्षीय संबंधों, व्यापार, संपर्क परियोजनाओं और रक्षा एवं सुरक्षा में सहयोग समेत अन्य मुद्दों पर चर्चा की।  

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वर्ष 2024 में किसी विदेशी देश की अपनी पहली यात्रा पर नेपाल पहुंचे जयशंकर ने सऊद के साथ सातवें भारत-नेपाल संयुक्त आयोग की बैठक की सह-अध्यक्षता की। जयशंकर ने एक पोस्ट में कहा, ''हमारे समग्र द्विपक्षीय संबंधों, व्यापार और आर्थिक संबंधों, भूमि, रेल एवं हवाई संपर्क परियोजनाओं, रक्षा एवं सुरक्षा, कृषि, ऊर्जा, बिजली, जल संसाधन, आपदा प्रबंधन, पर्यटन, नागर विमानन, लोगों के बीच आपसी संपर्क और सांस्कृतिक आदान-प्रदान व विकास साझेदारी पर चर्चा हुई।"
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इससे पहले, जयशंकर ने राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल और प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल प्रचंड से मुलाकात की जिस दौरान दोनों पक्षों ने सदियों पुराने, अनूठे और बहुआयामी नेपाल-भारत संबंधों पर ठोस विचारों का आदान-प्रदान किया। जयशंकर ने प्रधानमंत्री प्रचंड के कार्यालय 'सिंह दरबार' में उनसे मुलाकात की और उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से हार्दिक शुभकामनाएं दीं।
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 नेपाल में अपने समग्र रणनीतिक हितों के संदर्भ में भारत के लिए महत्वपूर्ण है, और दोनों देशों के नेताओं ने अक्सर सदियों पुराने "रोटी बेटी" संबंधों का उल्लेख किया है। भारत पांच भारतीय राज्यों सिक्किम, पश्चिम बंगाल, बिहार, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के साथ 1,850 किलोमीटर से अधिक की सीमा साझा करता है। चारों ओर से जमीन से घिरा नेपाल वस्तुओं और सेवाओं के परिवहन के लिए भारत पर बहुत अधिक निर्भर करता है।

जून में प्रधानमंत्री प्रचंड ने नई दिल्ली का दौरा किया था जिस दौरान दोनों पक्षों ने कई बड़े समझौतों पर हस्ताक्षर किए थे जिनमें पड़ोसी देश से बिजली का आयात मौजूदा 450 मेगावाट से बढ़ाकर अगले 10 साल में 10,000 मेगावाट करने का समझौता भी शामिल है।

विदेश मंत्री एस जयशंकर की नेपाल की दो दिवसीय यात्रा के दौरान नेपाल ने गुरुवार को एक दीर्घकालिक समझौते पर हस्ताक्षर किए जिससे अगले 10 साल में भारत को 10,000 मेगावाट बिजली का निर्यात किया जा सकेगा।

भारत और नेपाल के बीच बिजली समझौता

जयशंकर और नेपाल के ऊर्जा, जल संसाधन एवं सिंचाई मंत्री शक्ति बहादुर बसनेत की मौजूदगी में यहां द्विपक्षीय बैठक के दौरान बिजली निर्यात पर समझौते पर हस्ताक्षर किए गए। नेपाल के ऊर्जा सचिव गोपाल सिगडेल और उनके भारतीय समकक्ष पंकज अग्रवाल ने द्विपक्षीय समझौते पर हस्ताक्षर किए, जो अगले 10 वर्षों में नेपाल से भारत को 10,000 मेगावाट बिजली के निर्यात की सुविधा प्रदान करेगा। प्रधानमंत्री पुष्पकमल दहल प्रचंड की पिछले साल 31 मई से तीन जून तक भारत यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच बिजली निर्यात को लेकर सहमति बनी थी। दोनों पक्षों ने कई बड़े समझौतों पर हस्ताक्षर किए थे, जिसमें पड़ोसी देश से नई दिल्ली का बिजली आयात मौजूदा 450 मेगावाट से बढ़ाकर अगले 10 साल में 10,000 मेगावाट करना शामिल है। 

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