केंद्र का फैसला: हर दवा दुकान पर चस्पा होगा क्यूआर कोड और हेल्पलाइन नंबर, दुष्प्रभाव की कर सकेंगे शिकायत
केंद्र सरकार ने दवा सुरक्षा मजबूत करने के लिए हर दवा दुकान पर क्यूआर कोड और हेल्पलाइन नंबर अनिवार्य कर दिया है। अब नागरिक सीधे दवा के दुष्प्रभाव की शिकायत दर्ज कर सकेंगे। साथ ही राज्यों को तुरंत लागू करने के निर्देश भी दिए है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
देश में दवाओं से होने वाले दुष्प्रभावों की जानकारी समय रहते हासिल करने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने दवाओं की निगरानी वाले सिस्टम में देश के आम नागरिकों को भी जोड़ दिया है। सरकार ने फैसला लिया है कि अब देशभर की हर रिटेल और होलसेल दवा दुकान पर एक क्यूआर कोड और हेल्पलाइन नंबर 1800-180-3024 चस्पा मिलेगा जिसके माध्यम से कोई भी व्यक्ति दवा के दुष्प्रभाव की जानकारी दे सकता है। जो सीधे राज्य के साथ साथ केंद्र सरकार के अफसरों तक पहुंचेगी। तत्काल इसकी जांच शुरू होगी और संबंधित जिले के औषधि नियंत्रक अधिकारी को 24 घंटे में अपनी रिपोर्ट देनी होगी।
चस्पा होगा क्यूआर कोड और हेल्पलाइन नंबर
नई दिल्ली स्थित केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) ने राज्यों को आदेश जारी करते हुए तत्काल सभी दवा दुकानों पर क्यूआर कोड और हेल्पलाइन नंबर चस्पा करने के लिए कहा है। ये जानकारी दुकानों पर ऐसी जगह चस्पा करनी होगी जहां हर किसी की नजर जा सके। राज्यों से रिपोर्ट भी मांगी गई है कि कितनी दुकानों पर इसे लागू किया गया। कोड छिपाकर, काउंटर के अंदर, या कम दिखाई देने वाली जगह लगाने पर कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है। राज्यों के ड्रग इंस्पेक्टरों को कहा है कि वे इस पर सख्त निगरानी रखें और अनुपालन सुनिश्चित करें।
ये भी पढ़ें:- एसआईआर को चुनौती देने वाले याचिकाकर्ताओं ने सुप्रीम कोर्ट में रखा पक्ष, चुनाव आयोग के तर्कों पर उठाए सवाल
राज्यों को तुरंत कार्रवाई का निर्देश
भारत के दवा महानियंत्रक डॉ. राजीव सिंह रघुवंशी ने कहा यह कदम भारत में फार्माकोविजिलेंस प्रथाओं को मजबूत करने और मरीजों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने के मकसद से उठाया गया है। सभी लाइसेंस धारकों को तुरंत प्रभाव से निर्देशों का पालन सुनिश्चित करना चाहिए। उन्होंने कहा दवा दुष्प्रभावोंकी रिपोर्टिंग तंत्र को मजबूत करना सार्वजनिक स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए बेहद आवश्यक है और इसमें सभी राज्यों का सहयोग जरूरी है।
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.