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अमेरिका के विरोध के बावजूद रूस से एस-400 मिसाइल खरीदेगा भारत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Sun, 01 Jul 2018 09:19 AM IST
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एस-400 मिसाइल
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भारत जल्द ही रूस से एस-400 ट्रायम्फ एयर डिफेंस मिसाइल खरीदने की दिशा में अपने कदम आगे बढ़ा रहा है। अमेरिका इस सौदे का विरोध कर चुका है। इसके बावजूद रक्षा मंत्रालय ने इस डील की अड़चनों को दूर करते हुए प्रस्तावित 39 हजार करोड़ रुपए मंजूर कर दिए हैं। उच्च सूत्रों का कहना है कि रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता वाले डिफेंस एक्विजिशन काउंसिल (डीएसी) ने गुरुवार को एस-400 के सौदे से संबंधित मामूली परिवर्तनों को मंजूरी दे दी है।
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हाल में ही रूस के साथ हुई व्यवसायिक बातचीत के दौरान यह मामूली परिवर्तन सामने आए थे। एस-400 की खरीद का मामला अब मंजूरी के लिए वित्त मंत्रालय और प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाली केंद्रीय मंत्रिमंडल की सुरक्षा संबंधी समिति के पास जाएगा। एक सूत्र ने बताया कि देश के उच्च राजनीतिक नेतृत्व को इसपर फैसला लेना है कि असल में यह सौदा कब होगा।
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डीएसी ने अमेरिका द्वारा 2 प्लस 2 डायलॉग रद्द करने के एक दिन बाद ही बैठक की। यह डायलॉग विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण की अपने अमेरिकी समकक्षों माइक पॉम्पियो और जिम मैटिस के साथ 6 जुलाई को वाशिंगटन में होने वाली थी। अक्टूबर 2015 में खबर आई थी कि भारत रूस से एस-400 मिसाइल खरीदने की योजना बना रहा है। यह मिसाइल दुश्मन के रणनीतिक जहाजों, जासूसी हवाई जहाजों, मिसाइलों और ड्रोनों को 400 किलोमीटर तक की रेंज और हवा से 30 किलोमीटर ऊपर ही नष्ट कर सकता है।
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रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन 2016 में भारत दौरे पर गोवा आए थे। तब मोदी-पुतिन के बीच पांच एस-400 मिसाइल खरीदने पर सहमति बनी थी। इस साल अक्टूबर में होने वाली मोजी-पुतिन की बैठक में इस सौदे को अंतिम रूप दिया जाएगा। इसी बीच अमेरिका ने नई दिल्ली को इस सौदे को आगे ना बढ़ाने के लिए आगाह किया है।
फिलहाल भारत और रूस हालिया अमेरिकी कानून काउंटरिंग अमेरिकाज अडवर्सरीज थ्रू सैंक्संस ऐक्ट (सीएएटीएसए) के वित्तीय प्रतिबंधों से बचने का रोडमैप तैयार कर रहे हैं। इस कानून के जरिए अमेरिका दूसरे देशों को रूस से हथियार खरीदने से रोकने की कोशिश कर रहा है।