कितनी मजबूत है भारत की तटीय सुरक्षा? बड़े पैमाने पर जांच के लिए योजना तैयार
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अगले साल की शुरुआत में तटीय सुरक्षा के लिए भारत बड़े पैमाने पर जांच करेगा। यह जांच एक ऑपरेशन के तहत की जाएगी। जिसका नाम है एक्सरसाइज सी विजिल। इसके तहत भारत के हितधारकों और एजेंसियों की प्रतिक्रिया की जांच की जाएगी क्योंकि यह हमलों से निपटने के लिए भारत की तत्परता का पता लगाते हैं।
इस एक्सरसाइज के तहत प्रतिक्रिया, प्रतिक्रिया का समय और एजेंसियों के बीच के समन्वय की जांच का पता लगाया जाएगा, कि वह पूर्वी और पश्चिमी समुद्र-तट से आए खतरे से कैसे निपटती हैं। यह जानकारी रक्षा मंत्रालय के एक अधिकारी ने पहचान न बताने की शर्त पर दी।
आज से करीब 10 साल पहले 26 नवंबर, 2008 को 10 पाकिस्तानी आतंकवादी छिपकर मुंबई आ गए थे। उन्होंने तीन दिनों तक चले हमले में 166 लोगों की मौत हो गई जबकि 300 लोग इसमें घायल हुए। सभी आतंकी लश्कर ए तैयबा के थे, जिन्होंने ताज होटल पर हमला किया। फिलहाल हमारे देश की तटीय सुरक्षा में लगाई गईं नौकाएं अधिकतम 20 मीटर तक ही लंबी हैं। पूरे देश के विभिन्न राज्यों में कुल 280,000 नौकाएं पंजीकृत हैं।
जिनमें से इस कैटिगरी में 220,000 नौकाएं आती हैं। ताज होटल पर हमला करने आए 10 पाकिस्तानी आतंकवादी भी समुद्र के रास्ते से मुंबई आए थे। उन्होंने समुद्र में तैर रही छोटी सी मछली पकड़े की नाव (कुबेर) को हाईजैक किया था। उन्होंने नाव को हाईजैक करने के बाद उसके कप्तान को मार दिया और मुंबई तक पहुंच गए। इसके बाद वह राफ्ट्स की सहायता से भूमि तक पहुंचे।
उसके बाद से 20 मीटर लंबे मछली पकड़ने के जहाजों में ऑटोमेटिक आइडेंटिफिकेशन सिस्टम (एआईएस) लगाए गए। इसमें नाव से संबंधित जानकारी स्टोर होती है। इससे पता चलता है कि नाव कहां से आई है और कहां जाएगी। छोटी नावों में भी उस सिस्टम को लगाया गया लेकन उनपर सिस्टम ने काम नहीं किया। अब छोटी नावों में लगाने के लिए सैटेलाइट आधारित द्विमार्गीय संदेशवाहन पर काम चल रहा है। इसे इसरो ने विकसित किया है। लेकिन इसकी लागत 12-14 हजार रुपये के बीच है। जो कि नाविकों के लिए काफी अधिक है।
क्या होगा एक्सरसाइज सी विजिल टेस्ट?
इस टेस्ट के दौरान हर उस आकस्मिक घटना की जांच की जाएगी दो निकट भविष्य में हो सकती है। एक्सरसाइज के दौरान मुंबई, कोच्चि, विजाग, पोर्ट ब्लेयर और गुरुग्राम स्थित आएमएसी (इंफॉर्मेशन मैनेजमेंट एंड एनालिसिस सेंटर) में 46 तटीय रडार स्टेशन, 74 नेशनल अटॉमिक आइडेंटिफिकेशन सिस्टम चेन स्टेशन और 4 जॉइंट ऑपरेशनल सेंटर का परीक्षण किया जाएगा।
भारतीय नौसेना इस एक्सरसाइज का नेतृत्व करेगी। इस एक्सरसाइज में एजेंसियों के परीक्षण के आलावा डायरेक्टर जनरल ऑफ शिपिंग (मर्चेंट शिपिंग को नियंत्रित करने वाला), डायरेक्टर जनरल ऑफ लाइटहाउस और लाइटशिप (एआईएस की सहायता से आने और जाने वाली नावों को ट्रैक करने वाले), तटीय राज्यों की समुद्री पुलिस, इंडियन कोस्टल गार्ड, खूफिया एजेंसी जैसे रॉ, कस्टम डिपार्टमेंट, स्थानीय पुलिस और मछुआरों को भी शामिल किया गया है।
एक्सरसाइज का उद्देश्य बताते हुए इससे जुड़े एक अधिकारी ने बताया कि सी विजिल एक्सरसाइज में संभावित परिदृश्यों में एआईएस सिस्टम, कोस्टल रडार स्टेशन, जॉइंट कमांड सेंटर की सुरक्षा का उल्लंघन करना शामिल होगा। इस एक्सरसाइज की सटीक तारीख भी किसी के साथ साझा नहीं की गई है। इसके पीछे का उद्देश्य एक्सरसाइज को गुप्त रखना है। अधिकारी ने बताया कि इस एक्सरसाइज के तहत रियेलिटी चेक किया जाएगा। यानी वास्तविक प्रतिक्रिया और वास्तविक समन्वय का परीक्षण।