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आयोजन: इंडिया इंटरनेशनल मेडिकल इक्विपमेंट और इंडिया इंटरनेशनल हॉस्पिटल नीड एक्स्पो 11 दिसंबर से, विशाखापत्तनम में होंगे कार्यक्रम
Tue, 02 Nov 2021 03:57 PM IST
सुरेंद्र जोशी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: सुरेंद्र जोशी
Updated Tue, 02 Nov 2021 03:57 PM IST
सार
कोविड-19 की महामारी के दौरान हेल्थकेयर सेक्टर में आए उछाल को देखते हुए इस आयोजन को बहुत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आयोजन में एसोसिएशन ऑफ डायग्नोस्टिक्स मैन्युफैक्चरर्स इंडिया (एडीएमआई), फोर्स बायोमेडिकल और पब्लिक प्रोक्योरमेंट ग्रुप की भागीदारी होगी।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Pixabay
विस्तार
आंप्रप्रदेश के विशाखापत्तनम में 11 से 13 दिसंबर तक इंडिया इंटरनेशनल मेडिकल इक्विपमेंट और इंडिया इंटरनेशनल हॉस्पिटल नीड एक्स्पो का आयोजन किया जाएगा। देश के महान स्वप्नदर्शी व पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की जयंती के मौके पर आयोजित ये एक्स्पो उनको विशेष श्रद्धांजलि होगा।
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आयोजन के समन्वयक राजीव नाथ के मुताबिक, यह एक्सपो इंवेस्ट इंडिया, इंवेस्टमेंट प्रमोशन काउंसिल, एसोसिएशन ऑफ हेल्थकेयर प्रोवाइडर्स इंडिया (AHPI), कंसोर्टियम ऑफ एक्रीडेटेड हेल्थकेयर ऑर्गनाइजेशन (CAHO) एसोसिएशन ऑफ इंडियन मेडिकल डिवाइस इंडस्ट्री (AiMed) के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है।
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कोविड-19 की महामारी के दौरान हेल्थकेयर सेक्टर में आए उछाल को देखते हुए इस आयोजन को बहुत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आयोजन में एसोसिएशन ऑफ डायग्नोस्टिक्स मैन्युफैक्चरर्स इंडिया (एडीएमआई), फोर्स बायोमेडिकल और पब्लिक प्रोक्योरमेंट ग्रुप की भागीदारी होगी। उम्मीद की जा रही है कि इस आयोजन के जरिए हेल्थकेयर और अस्पतालों के लिए जरूरी उपकरणों की मांग, उसके निर्माण और उसकी गुणवत्ता को लेकर जहां गंभीर चर्चाएं होंगी, वहीं नई मांग के अनुरूप उत्पादन पर भी विचार होगा।
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मेक इन इंडिया को दिया बढ़ावा
भारतीय चिकित्सा उपकरण उद्योग संघ, हिंदुस्तान सीरिंज और चिकित्सा उपकरणों के प्रबंध निदेशक और इस फोरम के संयोजक राजीव नाथ ने बताया कि एक्सपो में इन क्षेत्रों के तमाम हितधारक अपनी क्षमता को प्रदर्शित करेंगे। भारतीय चिकित्सा उपकरण निर्माताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मेक इन इंडिया की उम्मीदों को जिस तरह पूरा करने की कोशिश की है, इस आयोजन में उसे बखूबी प्रदर्शित किया जाएगा।
स्वस्थ भारत के लक्ष्य को हासिल करने की कोशिश
मान्यता प्राप्त हेल्थकेयर संगठनों के कंसोर्टियम के अध्यक्ष डॉ. संजय अग्रवाल ने इस मौके पर कहा कि उनका संगठन स्वस्थ भारत विजन-2025 का समर्थन करता है। संगठन स्वास्थ्य सेवा में रोगी की सुरक्षा और गुणवत्ता को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। अग्रवाल के मुताबिक इस एक्स्पो के जरिए भारत की स्वास्थ्य सेवा प्रौद्योगिकी में जहां बदलाव लाना है, वहीं प्रधानमंत्री के स्वस्थ भारत के लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में एक कोशिश है।
2022 तक 372 अरब डॉलर का होगा यह उद्योग
भारत का स्वास्थ्य सेवा उद्योग 2022 तक 372 अरब डॉलर तक पहुंचने की ओर अग्रसर है। जानकारों का मानना है कि सिर्फ चिकित्सा उपकरण उद्योग ही 2025 तक 64 अरब डॉलर तक पहुंच जाएगा। कोविड के दौरान इसमें और बढ़ोतरी हुई है। जानकारों के मुताबिक कोविड-19 महामारी के दौरान भारतीय स्वास्थ्य सेवा प्रणाली और चिकित्सा उपकरण उद्योग ने जबरदस्त साहस दिखाया है और चुनौतियों का सामना करते हुए अनमोल जिंदगियों को बचाने में बड़ी भूमिका निभाई है।
जानकारों का मानना है कि भारतीय लोगों की बढ़ती आय, बढ़ती उम्र, बढ़ती स्वास्थ्य जागरूकता और निवारक स्वास्थ्य देखभाल के चलते भविष्य में स्वास्थ्य सेवाओं की मांग को और बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। चिकित्सा उपकरण निर्माण उद्योग में विदेशी निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए अनुकूल नीतियों, कर लाभ और आशाजनक विकास संभावनाओं ने उद्योग को निजी इक्विटी (पीई), उद्यम पूंजी (वीसी) और विदेशी निवेशकों को आकर्षित करने में मदद की है।
स्वास्थ्य क्षेत्र चौथा बड़ा नियोक्ता
वित्त वर्ष 2019 में, भारतीय स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र देश के चौथे बड़े नियोक्ता यानी रोजगार दाता के रूप में सामने आया है। तब इसमें कुल 3,19,780 लोग कार्यरत थे। इस क्षेत्र में चार करोड़ नौकरियां पैदा होने की उम्मीद है। एशियन रिसर्च एंड ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट फॉर स्किल ट्रांसफर (ARTIST) ने 2022 तक लगभग 10 लाख कुशल स्वास्थ्य सेवा प्रदाता बनाने की योजना की घोषणा की है और भारत इसमें सबसे आगे है। इसके साथ ही भारतीय चिकित्सा उपकरण उद्योग '2030 तक 50 अरब मेडटेक ड्रीम' की ओर अग्रसर है।
एएमटीजेड के तत्वावधान में कार्यक्रम
आंध्र प्रदेश मेडटेक जोन लिमिटेड के तत्वावधान में आयोजित तीन दिवसीय इस एक्सपो के दौरान विशिष्ट सम्मेलन, पूर्ण सत्र, खरीद कार्यशालाएं, बी 2, बी और बी 2 जी बैठकें और डॉक्टरों के सीएमई और हेल्थकेयर उत्कृष्टता पुरस्कार भारत को चित्रित करने वाले विशेष सत्रों के साथ-साथ मेडटेक में नेक्स्ट इन्वेस्टमेंट फ्रंटियर के रूप में चलेंगे।