India G20 Presidency: 18 जनवरी से होगी हेल्थ वर्किंग ग्रुप की बैठक, तीन प्राथमिकताओं पर होगा फोकस
स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया, बैठक का शीर्ष एजेंडा स्वास्थ्य आपात स्थितियों की रोकथाम और एक स्वस्थ्य व एंटीबायोटिक प्रतिरोध पर ध्यान देना है।
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जी20 में भारत अध्यक्षता के तहत पहली हेल्थ वर्किंग ग्रुप की बैठक 18 से 20 जनवरी के बीच तिरुवनंतपुरम में होगी। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने सोमवार को इसकी जानकारी दी। मंत्रालय ने बताया, बैठक में तीन प्राथमिकताओं पर जोर दिया जाएगा, जिसमें स्वास्थ्य आपात स्थितियों पर नजर रखना- तैयारी और प्रतिक्रिया, फार्मास्युटिकल क्षेत्र में सहयोग को मजबूत करना, इसके अलावा डिजिटल हेल्थ इनोवेशन और समाधान शामिल हैं।
मंत्रालय ने बताया बैठक का शीर्ष एजेंडा स्वास्थ्य आपात स्थितियों की रोकथाम और एक स्वस्थ्य व एंटीबायोटिक प्रतिरोध पर ध्यान देना है। उन्होंने कहा, इसके लिए भारत वैश्विक मंचों को चर्चाओं के लिए एकजुट करने में एक प्रमुख भूमिका निभाने जा रहा है। स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि जी20 समूह के अध्यक्ष के रूप में भारत का उद्देश्य स्वास्थ्य प्राथमिकताओं को जारी रखना और मजबूत करना है।
बता दें, भारत ने एक दिसंबर, 2022 को जी20 की अध्यक्षता ग्रहण की थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि भारत की जी20 अध्यक्षता समावेशी और निर्णायक होगी। जी20 के तहत चार स्वास्थ्य कार्य समूह (HWG) की बैठकें होंगी और एक मंत्रिस्तरीय बैठक होगी। ये बैठकें तिरुवनंतपुरम, गोवा, हैदराबाद और गांधीनगर सहित देश भर में बैठकें आयोजित की जाएंगी।
जी20 में भारत और मिस्र मिलाएंगे हाथ
भारत में मिस्र के राजदूत वाएल मोहम्मद अवाद हमीद ने कहा, यह पहली बार होगा जब मिस्र के राष्ट्रपति गणतंत्र दिवस के लिए भारत में मुख्य अतिथि होंगे। यह एक ऐतिहासिक क्षण होगा और मिस्र और भारत के बीच एक नई साझेदारी बनाने का एक सुनहरा अवसर होगा। उन्होंने कहा, जी20 के दौरान, मिस्र और भारत वैश्विक दक्षिण की आवाज बनने के लिए हाथ मिलाएंगे और वैश्विक दक्षिण के सामने आने वाली चुनौतियों पर चर्चा करेंगे। हम जलवायु परिवर्तन, वित्त, विकास के महत्व और रोजगार सृजन पर चर्चा करेंगे।
उन्होंने कहा, हमें उम्मीद है कि भारत जल्द ही गेहूं के निर्यात पर लगे प्रतिबंध को हटा देगा और मिस्र को गेहूं का निर्यात फिर से शुरू हो जाएगा। मिस्र भी उर्वरकों का निर्यात करके भारत में खाद्य सुरक्षा में रचनात्मक भूमिका निभाने में बहुत रुचि रखता है।
जयशंकर ने एफसीडीओ के स्थायी उप सचिव फिलिप बार्टन से की मुलाकात
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सोमवार को दिल्ली में स्थायी उप-सचिव, विदेश, राष्ट्रमंडल और विकास कार्यालय (एफसीडीओ) फिलिप बार्टन से मुलाकात की। उन्होंने ट्वीट के माध्यम से यह जानकारी दी। उन्होंने आगे लिखा, हमने 2030 की रूपरेखा के तहत विकास, वैश्विक मुद्दों और द्विपक्षीय संबंधों पर चर्चा की। बार्टन ने जवाबी ट्वीट में जयशंकर को धन्यवाद दिया। एफसीडीओ का काम ब्रिटेन और ब्रिटेन वासियों के राष्ट्रीय हितों को आगे बढ़ाना, ब्रिटेन की सुरक्षा, वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए अंतरराष्ट्रीय साझेदारों के साथ बातचीत करना और दुनिया में यूके की साख को बेहतरी प्रदान करना है। एफसीडीओ के स्थायी उप सचिव से पहले बार्टन भारत में ब्रिटिश उच्चायुक्त थे।