{"_id":"5b9ec278867a557fe86c3453","slug":"india-france-will-create-sea-monitored-satellite","type":"story","status":"publish","title_hn":"भारत-फ्रांस मिलकर बनाएंगे समुद्र की निगरानी करने वाले उपग्रह, हिंद महासागर की निगरानी करेंगे उपग्रह","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
भारत-फ्रांस मिलकर बनाएंगे समुद्र की निगरानी करने वाले उपग्रह, हिंद महासागर की निगरानी करेंगे उपग्रह
एजेंसी, बंगलूरू
Updated Mon, 17 Sep 2018 02:22 AM IST
विज्ञापन
हिंद महासागर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भारत और फ्रांस समुद्र की निगरानी करने वाले उपग्रह के लॉन्च पर एक साथ काम करेंगे। इनकी संख्या आठ से 10 के बीच होगी। फ्रांस की अंतरिक्ष एजेंसी सीएनईएस के मुखिया जीन वेस ले गॉल ने इसकी पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि पांच साल से कम समय में यह मिशन पूरा कर लिया जाएगा। एजेंसी के अधिकारियों के मुताबिक, समुद्र की निगरानी करने वाले उपग्रहों का हिंद महासागर पर मुख्य रूप से ध्यान होगा। यह वही क्षेत्र है, जहां चीन लगातार अपनी मौजूदगी बढ़ा रहा है। यह भारत का किसी देश के साथ सबसे बड़ा अंतरिक्ष मिशन होगा।
गॉल ने कहा कि समुद्री संचार के सैकड़ों मार्ग हिंद महासागर से होकर ही गुजरते हैं। यह क्षेत्र भारत और फ्रांस के लिए रणनीतिक रूप से काफी महत्व रखता है। ऐसे में दोनों देशों की समुद्री सुरक्षा एजेंसियों से मिले सुझावों पर अमल करते हुए कार्य शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि भारत के मंगल और शुक्र मिशन को सफल बनाने में भी फ्रांस भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) का सहयोग करेगा। दोनों देशों ने इसी साल मार्च में अंतरिक्ष कार्यक्रमों को लेकर एक साझा विजन जारी किया था। इसमें आपसी सहयोग को मजबूत करने के लिए इसरो और फ्रांस की अंतरिक्ष एजेंसी के साथ कार्य करने की बात कही गई थी।
विज्ञापन
गॉल ने कहा कि समुद्री संचार के सैकड़ों मार्ग हिंद महासागर से होकर ही गुजरते हैं। यह क्षेत्र भारत और फ्रांस के लिए रणनीतिक रूप से काफी महत्व रखता है। ऐसे में दोनों देशों की समुद्री सुरक्षा एजेंसियों से मिले सुझावों पर अमल करते हुए कार्य शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि भारत के मंगल और शुक्र मिशन को सफल बनाने में भी फ्रांस भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) का सहयोग करेगा। दोनों देशों ने इसी साल मार्च में अंतरिक्ष कार्यक्रमों को लेकर एक साझा विजन जारी किया था। इसमें आपसी सहयोग को मजबूत करने के लिए इसरो और फ्रांस की अंतरिक्ष एजेंसी के साथ कार्य करने की बात कही गई थी।
विज्ञापन