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भारत-यूरोपीय संघ की बैठक: मोदी हुए शामिल, 8 साल बाद शुरू होगी एफटीए पर वार्ता

Sat, 08 May 2021 09:29 PM IST
कुमार संभव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: कुमार संभव Updated Sat, 08 May 2021 09:29 PM IST
सार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को भारत-यूरोपीय संघ के राष्ट्राध्यक्षों और शासनाध्यक्षों के साथ शिखर बैठक की। प्रधानमंत्री का भारत-यूरोपीय संघ शिखर बैठक में हिस्सा लेने पुर्तगाल जाने का कार्यक्रम था लेकिन देश में कोविड-19 के संक्रमण की दूसरी लहर के कारण उत्पन्न संकट को देखते हुए यह यात्रा स्थगित कर दी गई थी और दोनों पक्षों ने डिजिटल माध्यम से बैठक करने का निर्णय किया था । यूरोपीय संघ, भारत के लिये सामरिक रूप से महत्वपूर्ण समूह है और यह 2018 में भारत का सबसे बड़ा कारोबारी सहयोगी रहा है। यूरोपीय संघ के साथ भारत का द्विपक्षीय कारोबार वर्ष 2018-19 में 115.6 अरब डॉलर का था, जिसमें निर्यात 57.17 अरब डॉलर तथा आयात 58.42 अरब डॉलर का रहा। बैठक में भारत और यूरोपीय संघ ने संतुलित, महत्वाकांक्षी एवं समग्र कारोबार समझौते और ‘स्टैंड-अलोन’ निवेश संरक्षण समझौता पर बातचीत शुरू करने पर सहमति जताई।

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India-EU summit meeting today 27 countries leaders including PM Modi participate in this event
यूरोपीय परिषद की बैठक में पीएम मोदी ने की शिरकत - फोटो : एएनआई

विस्तार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को भारत-यूरोपीय संघ के राष्ट्राध्यक्षों और शासनाध्यक्षों के साथ शिखर बैठक की। इस बैठक में कोविड-19 की स्थिति एवं स्वास्थ्य संबंधी तैयारी, पृथ्वी की सुरक्षा एवं हरित विकास को बढ़ावा, जलवायु परिवर्तन, अर्थव्यवस्था का आधुनिकीकरण समेत अन्य मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई। मोदी ने यूरोपीय संघ +27 के प्रारूप में यूरोपीय संघ के सदस्य देशों के नेताओं के साथ संवाद किया। उल्लेखनीय है कि मोदी ने यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष चार्ल्स मिशेल के निमंत्रण पर विशेष आमंत्रित के रूप में यूरोपीय परिषद की बैठक में भाग लिया।

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प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वैश्विक हित के लिए भारत और यूरोपीय संघ के संबंधों को बेहतर करने की प्रतिबद्धता के साथ मैंने यूरोपीय संघ के सदस्य देशों और अध्यक्ष चार्ल्स मिचेल व उर्सला वॉन डेर लेयन के साथ भारत-ईयू नेताओं की बैठक में भाग लिया। उन्होंने कहा कि हमारे लोगों के लिए शांति और समृद्धता सुनिश्चित करने के लिए हमारी मजबूत भागीदारी बहुत अहम है।  मोदी ने कहा कि मैं व्यापार और निवेश समझौतों के लिए बातचीत शुरू करने के फैसले का स्वागत करता हूं। हमारी भागीदारी कोविड-19 महामारी को रोकने के लिए और एक अधिक डिजिटल व हरित संसार में सतत व समग्र रिकवरी के लिए जरूरी है। उन्होंने कहा कि भारत के साथ मजबूत संबंधों की प्रतिबद्धता के लिए मैं ईयू के नेताओं और इसके सदस्य देशों को धन्यवाद कहता हूं।
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आठ साल बाद शुरू होगी एफटीए पर वार्ता
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने ट्वीट किया, ‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यूरोपीय संघ के देशों के सभी नेताओं एवं यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष के साथ चर्चा की।’ उन्होंने कहा कि पहली बार प्रधानमंत्री ने यूरोपीय संघ +27 के प्रारूप में नेताओं के साथ बैठक की। यह भारत और यूरोपीय संघ के बीच मजबूत राजनीतिक इच्छा का परिचायक है। भारत-यूरोपीय संघ शिखर सम्मेलन के बाद विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत और यूरोपीय संघ (ईयू) संतुलित, महत्वाकांक्षी और समग्र व्यापार समझौता (एफटीए) के लिए वार्ता बहाल करने पर सहमत हुए। आठ साल बाद भारत और यूरोपीय संघ के बीच एफटीए पर बातचीत शुरू होगी।
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मंत्रालय ने कहा कि भारत और यूरोपीय संघ ‘स्टैंड-अलोन’ निवेश संरक्षण समझौता पर बातचीत शुरू करने के लिए सहमत हुए। वहीं, विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अपने ट्वीट में कहा कि शिखर बैठक में यूरोपीय संघ के सदस्यों ने वास्तविक अर्थों में एकजुटता प्रदर्शित की। विदेश मंत्रालय द्वारा भारत-यूरोपीय संघ के नेताओं की बैठक के संबंध में जारी संयुक्त बयान में कहा गया है, ‘आज की बैठक में साझे हितों, लोकतंत्र, स्वतंत्रता, कानून के शासन एवं मानवाधिकारों का सम्मान जैसे मूल्यों एवं सिद्धांतों को रेखांकित किया गया जो हमारी सामरिक साझेदारी का मूल है।’

दोनों पक्षों ने जुलाई 2020 में पिछली शिखर बैठक के बाद एवं हाल के समय में उनके बीच साझेदारी में आई गति की सराहना की। संयुक्त बयान में कहा गया है कि इस संदर्भ में दोनों पक्षों ने भारत-यूरोपीय संघ ढांचा 2025 को लेकर तय कार्य बिंदुओं को लागू करने तथा आज लिए गए नये फैसलों को आगे बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की। इसमें कहा गया है, ‘हमने इस बात पर सहमति व्यक्त की कि दुनिया के बड़े लोकतंत्र के रूप में भारत और यूरोपीय संघ का बहु ध्रुवीय विश्व में सुरक्षा, समृद्धि और टिकाऊ विकास सुनिश्चित करने में साझा हित है।’ बयान के अनुसार, दोनों पक्षों ने इस दिशा में हुई प्रगति को और आगे बढ़ाने तथा टिकाऊ विकास एवं पेरिस समझौता 2030 के एजेंडे पर सुरक्षित, हरित, अधिक डिजिटल एवं स्थिर विश्व की दिशा में संयुक्त रूप से योगदान देने पर सहमति व्यक्त की।


मंत्रालय के अनुसार, दोनों पक्षों के बीच भारत-यूरोपीय संघ साझेदारी तथा पुणे मेट्रो रेल परियोजना के संबंध में दस्तावेजों पर हस्ताक्षर किए गए। दोनों पक्षों ने कोविड-19 की स्थिति एवं स्वास्थ्य संबंधी तैयारी के बारे में भी चर्चा की। बयान में कहा गया, ‘हम महामारी के कारण वैश्विक स्तर पर उत्पन्न कठिन परिस्थितियों को समझते हैं। हम इस महामारी के कारण भारत, यूरोप तथा शेष दुनिया में जान गंवाने वालों के प्रति शोक प्रकट करते हैं एवं पीड़ितों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना प्रकट करते हैं।’

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