पेंगोंग झील घुसपैठ: विपक्ष का सरकार पर हमला, पूछा- कब दिखेंगी मोदी की 'लाल आंख'
भारत और चीन के बीच जारी सीमा विवाद को लेकर जहां दोनों देश रिश्तों को सामान्य करने की कोशिश कर रहे हैं। वहीं 29-30 अगस्त की रात को चीन के सैनिकों ने एक बार फिर से भारतीय सीमा में घुसपैठ करने की कोशिश की, जिसे भारतीय सेना ने नाकाम कर दिया। दोनों देशों की सेनाओं के बीच पूर्वी लद्दाख में ताजा झड़प हुई है। इसे लेकर अब देश में राजनीति शुरू हो गई है। देश की मुख्य विपक्षी पार्टी ने इसे लेकर सरकार पर हमला बोला है। वहीं बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष मायावती ने मोदी सरकार को सजग रहने की सलाह दी है।
कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने ट्वीट कर कहा, 'रोज नई चीनी घुसपैठ, पेंगोंग त्सो लेक इलाका, गोगरा व गलवां घाटी, डेपसांग प्लेन्स, लिपुलेख, डोका ला व नाकु ला पास। फौज तो भारत मां की रक्षा में निडर खड़ी हैं, पर मोदी जी की 'लाल आंख' कब दिखेंगी?'
देश की सरज़मीं पर क़ब्ज़े का नया दुस्साहस !
रोज़ नई चीनी घुसपैठ........
पांगोंग सो लेक इलाक़ा,
गोगरा व गलवान वैली,
डेपसंग प्लैनस,
लिपुलेख,
डोका लॉ व नाकु लॉ पास।
फ़ौज तो भारत माँ की रक्षा में निडर खड़ी हैं,
पर मोदी जी की “लाल आँख” कब दिखेंगी?#IndiaChinaBorderTension pic.twitter.com/oU2mPPAiHNविज्ञापन विज्ञापन— Randeep Singh Surjewala (@rssurjewala) August 31, 2020
मायावती ने सरकार को सलाह देते हुए कहा, 'चीनी सेना द्वारा एक बार फिर पूर्वी लद्दाख क्षेत्र में दुस्साहस करने की खबर चौंकाने वाली है, लेकिन संतोष की बात है कि भारतीय सेना ने इसका मुंहतोड़ जवाब दिया है। सरकार को आगे और भी ज्यादा सजग व सतर्क रहने की जरूरत है।'
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जानकारी के अनुसार, 29 अगस्त की रात को भारत और चीन के सैनिकों के बीच पेंगोंग त्सो झील के पास झड़प हुई। सरकार ने इस पर कहा है कि हमारे जाबांज जवानों ने चीनी सैनिकों की घुसपैठ को नाकाम कर दिया।
वहीं भारतीय सेना के जनसंपर्क अधिकारी कर्नल अमन आनंद ने कहा, 'पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) के जवानों ने 29/30 अगस्त की रात को पूर्वी लद्दाख में चल रहे गतिरोध के दौरान दोनों देशों के बीच शांति स्थापित करने के लिए हुई सैन्य और राजनयिक बातचीत का उल्लंघन किया और यथास्थिति को बदलने के लिए घुसपैठ की।'