पूर्व पीएम मनमोहन बोले- पीएम को अपने बयानों से चीन के षड्यंत्रकारी रुख को नहीं देनी चाहिए ताकत
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पूर्व प्रधानमंत्री डॉक्टर मनमोहन सिंह ने पूर्वी लद्दाख की गलवां घाटी में हुई हिंसक झड़प को लेकर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपने बयानों से चीन के षड्यंत्रकारी रुख को ताकत नहीं देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री को अपने शब्दों और घोषणाओं द्वारा देश की सुरक्षा एवं सामरिक हितों पर पड़ने वाले प्रभाव के प्रति सदैव बेहद सावधान होना चाहिए। उन्होंने सरकार से कहा कि भ्रामक प्रचार कभी भी कूटनीति तथा मजबूत नेतृत्व का विकल्प नहीं हो सकता।
पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा, ‘हम प्रधानमंत्री और सरकार का आवाह्न करते हैं कि वे इस मौके पर साथ आएं और कर्नल संतोष बाबू और हमारे शहीद जवानों के लिए न्याय सुनिश्चित करें जिन्होंने हमारी क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया है। इससे कुछ भी कम करना लोगों के विश्वास के साथ ऐतिहासिक विश्वासघात होगा।’
We call upon the PM&Govt to rise to the occasion, to ensure justice for Col. B. Santosh Babu&our jawans who have made ultimate sacrifice&resolutely defended our territorial integrity. To do any less would be a historic betrayal of the people’s faith.: Former PM Dr Manmohan Singh pic.twitter.com/PtD031VEIx
— ANI (@ANI) June 22, 2020
पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा कि यही समय है जब पूरे राष्ट्र को एकजुट और संगठित होकर इस दुस्साहस का जवाब देना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस सर्वोच्च त्याग के लिए हम इन साहसी सैनिकों और उनके परिवारों के प्रति कृतज्ञ हैं लेकिन उनका यह बलिदान व्यर्थ नहीं जाना चाहिए।
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डॉक्टर सिंह ने कहा, ‘आज हम इतिहास के नाजुक मोड़ पर खड़े हैं। हमारी सरकार के फैसले और कदम इस बात को तय करेंगे कि भविष्य की पीढ़ियां हमारा आकलन कैसे करें। जो देश का नेतृत्व कर रहे हैं उनके कंधों पर कर्तव्य का गहन दायित्व है। हमारे प्रजातंत्र में यह दायित्व प्रधानमंत्री का है।’
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने कहा, ‘प्रधानमंत्री को अपने शब्दों और एलानों द्वारा देश की सुरक्षा एवं समारिक और भूभागीय हितों पर पड़ने वाले प्रभाव के प्रति सदैव बेहद सावधान होना चाहिए। चीन ने अप्रैल से लेकर अब तक लद्दाख की गलवां घाटी और पेंगोंग त्सो झील क्षेत्र में कई बार जबरन घुसपैठ की है। हम न तो उनकी धमकियों एवं दबाव के सामने झुकेंगे और न ही अपनी भूभागीय अखंडता से कोई समझौता स्वीकार करेंगे।’
उन्होंने कहा, 'हम प्रधानमंत्री एवं केंद्र सरकार से आग्रह करते हैं कि वे वक्त की चुनौतियों का सामना करें और कर्नल बी. संतोष बाबू एवं हमारे सैनिकों की कुर्बानी की कसौटी पर खरा उतरें, जिन्होंने ‘राष्ट्रीय सुरक्षा’ एवं ‘भूभागीय अखंडता’ के लिए अपने प्राणों की आहुति दे दी।'
राहुल बोले- पूर्व प्रधानमंत्री ने दी महत्वपूर्ण सलाह
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने डॉक्टर मनमोहन सिंह के बयान पर कहा, 'पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह जी की महत्वपूर्ण सलाह। भारत की भलाई के लिए, मैं आशा करता हूं कि प्रधानमंत्री उनकी बात को विनम्रता से मानेंगे।'