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भारत-चीन विवाद: पीएलए को फिंगर 4 से 8 तक पीछे खदेड़ना सबसे कठिन
Wed, 24 Jun 2020 10:52 AM IST
अनवर अंसारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अनवर अंसारी
Updated Wed, 24 Jun 2020 10:52 AM IST
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India China Fingers Disputes
- फोटो : ग्राफिक्स/रोहित झा/अमर उजाला
भारत और चीन के बीच सोमवार को हुई कमांडर स्तर की वार्ता के बाद वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर तनाव को कम करने के लिए दोनों पक्षों में आपसी सहमति बनी। बैठक में तय किया गया कि लद्दाख के पैंगोंग त्सो झील के उत्तरी किनारे पर फिंगर एरिया में यथास्थिति की बहाली की जाए। अधिकारियों और चीन मामलों पर नजर रखने वाले विशेषज्ञों ने मंगलवार को इस बात की जानकारी दी।
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एक अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर बताया कि पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) ने फिंगर 4 से लेकर फिंगर 8 तक स्थायी बंकर्स और निगरानी चौकियां स्थापित की। उन्होंने कहा कि चीन द्वारा इसको छोड़कर फिंगर 8 पर अपनी वास्तविक स्थिति पर लौटना इस सहमति का सबसे कठिन हिस्सा होगा।
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बता दें कि, करीब 14,500 फीट की ऊंची पहाड़ी पर मौजूद पैंगोंग झील के पास आठ पहाड़ियां हैं जो कि हाथ की उंगलियों के आकार की हैं और सीमा विवाद फिंगर 4 से लेकर फिंगर 8 तक है, क्योंकि भारतीय सेना के कब्जे में फिंगर 4 तक का इलाका है, जबकि फिंगर 4 से फिंगर 8 तक इलाका दोनों सेनाओं का पेट्रोलिंग इलाका है।
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चीन ने फिंगर 4 तक अपनी सड़क बना ली है, जबकि झील के किनारे पर भारतीय सेना का बेस कैंप है जहां पर सैनिकों की तैनाती है। फिंगर 4 से भारतीय सेना फिंगर 8 तक पैदल गश्त करती है।
एक अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर बताया कि मई की शुरुआत में फिंगर 4 पर चीनी सेना ने कब्जा कर लिया, इससे पहले भारतीय सेना के सैनिक फिंगर 8 तक गश्त करते थे, जिसे नई दिल्ली अपना इलाका मानता है।
उन्होंने बताया कि चीन द्वारा इलाके में कब्जा करने से भारतीय दल का गश्ती इलाका सीमित हो गया। फिंगर 4 और फिंगर 8 एक-दूसरे से आठ किलोमीटर दूर है। सैटेलाइट तस्वीरों से पता चलता है कि 5-6 मई को सीमा पर तनाव के मौजूदा दौर के बाद यहां की स्थितियों में कई परिवर्तन हुए।
उत्तरी सेना के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल डी एस हुड्डा (रिटायर्ड) ने कहा कि पीएलए को फिंगर 4 से फिंगर 8 तक पीछे भेजना सबसे कठिन काम है। उनके इरादों को क्षेत्र में उनकी सैन्य स्थिति से पता लगाया जा सकता है।