फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   India China 1962 War Battle of Walong Indian Army LAC bravery story know all about it news and updates

Battle of Walong 1962: 62वें वॉलोंग दिवस पर भव्य आयोजन करेगी सरकार, चीन को ऐसे मिलेगा कड़ा संदेश

Tue, 15 Oct 2024 07:30 PM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला Published by: कीर्तिवर्धन मिश्र Updated Tue, 15 Oct 2024 07:30 PM IST
विज्ञापन
India China 1962 War Battle of Walong Indian Army LAC bravery story know all about it news and updates
1962 में हुआ था वॉलोंग का संघर्ष। - फोटो : अमर उजाला
भारतीय सेना 1962 में हुए भारत-चीन युद्ध के दौरान वॉलोंग की जंग में शहीद हुए वीर सैनिकों को श्रद्धांजलि देने के लिए कई कार्यक्रम आयोजित करने जा रही है। 62वें वॉलोंग दिवस के मौके पर इस दौरान एक महीने तक कई स्मारक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। ये समारोह 17 अक्तूबर 2024 से शुरू हो कर 14 नवंबर, 2024 तक आयोजित किए जाएंगे। वॉलोंग की लड़ाई में भारतीय सेना ने बेजोड़ बहादुरी, समर्पण और अदम्य साहस का परिचय दिया था। यह युद्ध युद्ध किबिथू, नामती ट्राई जंक्शन, वॉलोंग और अरुणाचल प्रदेश के सुदूर पूर्वी हिस्सों में लड़ा गया था। वास्तविक नियंत्रण रेखा पर चीन के साथ चल रहे गतिरोध के बीच अरुणाचल प्रदेश में वॉलोंग दिवस का भव्य आयोजन चीन को कड़ा संदेश माना जा रहा है। इससे पहले 10-11 अक्तूबर को वास्तविक नियंत्रण रेखा के पास गंगटोक के फॉरवर्ड एरिया में भारतीय सेना के टॉप कमांडरों की कॉन्फ्रेंस भी आयोजित की गई थी।       
विज्ञापन


भारतीय सेना की तरफ से मिली जानकारी के मुताबिक 62वें समारोह में शहीद नायकों को श्रद्धांजलि देने के लिए स्थानीय समुदायों को भी शामिल किया जाएगा। भारतीय सेना की तरफ से इस दौरान व्हाइट वाटर राफ्टिंग, मोटरसाइकिल रैलियां, साइकिल रैलियां, युद्धक्षेत्र ट्रेकिंग, एडवेंचर ट्रेकिंग और हाफ मैराथन जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। साथ ही, युद्ध नायकों, वेटरंस और युद्ध ऑपरेशन के दौरान महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले पोर्टरों के परिवारों को भी सम्मानित किया जाएगा। सेना के मुताबिक इस दौरान चिकित्सा और पशु चिकित्सा शिविर भी आयोजित किए जाएंगे, जो दूरदराज के गांवों में सेना और स्थानीय लोगों के बीच संबंधों को और मजबूत करेंगे। इस समारोह का समापन 14 नवंबर 2024 को होगा, उस दिन वॉलोंग युद्ध स्मारक का उद्घाटन किया जाएगा। सेना के मुताबिक इस दौरान लामा स्पर में शौर्य स्थल और सीमावर्ती क्षेत्रों में कई इंफ्रास्ट्रक्चर परियजनाओं का भी उद्घाटन किया जाएगा, जिससे इस क्षेत्र में कनेक्टिविटी और मजबूत होगी। 
विज्ञापन


वॉलोंग युद्ध की कहानी
1962 में भारत-चीन युद्ध किबिथू, टाइगर माउथ के नाम से प्रसिद्ध नामती ट्राई जंक्शन, वॉलोंग और अरुणाचल प्रदेश के सुदूर पूर्वी इलाकों में लड़ा गया था। इस युद्ध में भारतीय सेना ने चीनी सैनिकों के छक्के छुड़ा दिए थे। हथियारों और गोला बारूद के भारी कमी के बावजूद हमारी सेना के जवानों ने चीनी सेना को 27 दिनों तक रोके रखा था। 21 अक्तूबर 1962 की आधी रात में चीनी सैनिकों ने मात्र 700 मीटर दूर बंकर से भारतीय चौकियों पर गोलीबारी शुरू की, तो कुमाऊं रेजिमेंट की यूनिट ने जबरदस्त जवाबी हमला किया। लेकिन जब चीनी सेनाएं भारतीय इलाकों पर कब्जा करने के लिए आगे बढ़ीं, तो रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण वॉलोंग सेक्टर की रक्षा करने की ज़िम्मेदारी भारतीय सेना की सेकंड इन्फैंट्री डिवीजन की 11वीं इन्फैंट्री ब्रिगेड पर आ गई। इस ब्रिगेड में 6 कुमाऊं, 4 सिख और 3/3 गोरखा राइफल्स जैसी लड़ाकू यूनिट्स शामिल थीं।
विज्ञापन
विज्ञापन


इस दौरान भारतीय सेना के जवानों को कठिन चुनौतियों का सामना करना पड़ा। वहां की मौसमी परिस्थितियां विपरित थीं और इलाका काफी उबड़-खाबड़ था। यहां तक कि जवानों के पास गोला-बारूद की भारी कमी थी। इन सब के बावजूद भारतीय सैनिकों ने अपनी मातृभूमि की रक्षा में अद्वितीय वीरता और धैर्य का परिचय दिया। प्रसिद्ध 6 कुमाऊं रेजिमेंट के जवानों के पास जब गोला-बारूद खत्म हो गया, तो उन्होंने हाथों से लड़ाई लड़ी। नामती और लैडर्स में 4 सिख रेजिमेंट (सारागढ़ी बटालियन) 3/3 और 2/8 गोरखा राइफल्स के बहादुर जवानों ने खुखरी से चीनी सैनिकों को मौत के घाट उतारा और दुश्मन के कई हमलों को विफल कर दिया।   


वॉलोंग की लड़ाई में 11वीं इन्फैंट्री ब्रिगेड ने जो अदम्य साहस का परिचय दिया, उससे चीन की सेना के बढ़ते कदम रुक गए। चीन को मौका मिला और उसने ज्यादा सैनिक बुला लिए। इसके बाद चीन ने ट्राई जंक्शन पर निशाना साधना शुरू कर दिया। जिससे भारतीय सेना के पास गोला-बारूद की सप्लाई बाधित हो गई। जिसके बाद मजबूर होकर भारतीय सैनिकों को वापस बुलाना पड़ा। वॉलोंग की लड़ाई सिर्फ जंग की कहानी नहीं है, बल्कि उस वीरता की कहानी है, जिसे सुन कर आज भी रोंगटे खड़े हो जाते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed