{"_id":"5efc05098ebc3e42e6731fd3","slug":"india-chia-border-latest-update-china-new-maneuver-between-finger-4-and-5-on","type":"story","status":"publish","title_hn":"India China disputes: पैंगोंग पर चीन का नया पैंतरा, फिंगर 4-5 के बीच दावेदारी","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
India China disputes: पैंगोंग पर चीन का नया पैंतरा, फिंगर 4-5 के बीच दावेदारी
Wed, 01 Jul 2020 09:08 AM IST
संजीव कुमार झा
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: संजीव कुमार झा
Updated Wed, 01 Jul 2020 09:08 AM IST
सार
- सैटेलाइट इमेज से खुलासा, 81 मीटर लंबे, 25 मीटर चौडे़ इलाके में 185 नए ढांचे
- फिंगर 4 से 8 के बीच पहले ही दावेदारी, फिंगर 3 की तरफ भी घुसने की कोशिश
विज्ञापन
पैंगोंग त्सो झील
- फोटो : social media
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
चीन ने पैंगोंग त्सो झील पर फिर नया पैंतरा दिखाया है। चीनी सेना ने झील के फिंगर 4 और फिंगर 5 के बीच बड़े बड़े नक्शे लगाकर सिर्फ झील के विवादित इलाके ही नहीं बल्कि गलवां, डेपसांग और हॉट स्प्रिंग के अच्छे-खासे इलाके पर अपनी दावेदारी ठोंकी है। कोर कमांडरों के बीच 22 जून को पीछे हटने की सहमति के बावजूद चीन ने 81 मीटर लंबे और 25 मीटर चौड़े इलाके में टेंट, हट जैसे 185 नए ढांचे बनाए हैं।
विज्ञापन
सूत्रों के मुताबिक सेना को चीन की इस हरकत का पता सैटेलाइट इमेज की पड़ताल के बाद चला है। यही नहीं, चीन फिंगर 3 की तरफ भी आने की कोशिश में है जहां भारतीय सेना डटकर खड़ी है। चीन ने पैंगोंग झील के फिंगर 4 से फिंगर 8 तक करीब 8 वर्ग किलोमीटर इलाके में पहले ही भारतीय सेना की गश्त रोक रखी है। हालांकि यह करतूत झील की तरफ पानी पर हुई है।
विज्ञापन
इन फिंगर के जमीनी इलाके में चीन की ताजा हरकत गंभीर तौर पर उकसाने वाली है। दरअसल, फिंगर 1 से 8 तक का इलाका भारत का है। वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) फिंगर 8 से गुजरती है। फिंगर 8 से फिंगर 14 तक चीन के इलाके में है। अब चीन फिंगर 4 से 8 तक दावेदारी ठोंक रहा है।
विज्ञापन
सैन्य सूत्रों के मुताबिक 22 जून की बातचीत के बाद चीन पीछे हटना दो दूर कई नए जगहों पर लगातार हरकत में जुटा है। लिहाजा भारतीय सेना भी इन तनावग्रस्त जगहों पर अपनी तैयारी बढ़ा रहा है।