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INDIA Bloc Vs ECI: कांग्रेस फिर बोली- जवाबदेही से भाग रहा आयोग; CEC ज्ञानेश कुमार के जवाब पर विपक्ष का पलटवार

Mon, 18 Aug 2025 03:21 PM IST
बशु जैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: बशु जैन Updated Mon, 18 Aug 2025 03:21 PM IST
सार

चुनाव आयोग ने रविवार को देश के मुख्य विपक्ष दल कांग्रेस और राहुल गांधी के सभी आरोपों का तथ्यों और तर्कों के साथ जवाब दिया था। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने राहुल गांधी को चेतावनी दी थी कि वे हलफनामा दें या देश से माफी मांगें? चुनाव आयोग के जवाब पर विपक्षी गठबंधन इंडिया ने पलटवार किया है।

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INDIA Bloc Briefing Opposition Leaders Question Election Commission Congress MP Gaurav Gogoi accountability
विपक्षी गठबंधन इंडिया की प्रेसवार्ता में मौजूद नेता। - फोटो : Youtube/@INCIndia

विस्तार

वोट चोरी और बिहार मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर चुनाव आयोग के जवाब पर विपक्षी गठबंधन इंडिया ने पलटवार किया है। कांस्टीट्यूशन क्लब में कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, सपा, डीएमके, राजद जैसे आठ प्रमुख विपक्षी दलों के प्रतिनिधियों ने बैठक के बाद प्रेस वार्ता की। इसमें कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने कहा कि चुनाव आयोग अपनी जवाबदेही से भाग रहा है। वहीं सपा सांसद रामगोपाल यादव ने कहा कि चुनाव आयोग राहुल गांधी से बार-बार हलफनामा मांग रहा है, लेकिन हम 2022 में ही कई बार चुनाव आयोग को शिकायत के साथ हलफनामा दे चुके हैं। मगर आयोग ने कोई कार्रवाई नहीं की। आयोग हमारी शिकायतों को नजरअंदाज करता है। 
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कांग्रेस नेता गौरव गोगोई ने कहा कि मतदान का अधिकार संविधान द्वारा आम नागरिक को दिया गया सबसे महत्वपूर्ण अधिकार है। लोकतंत्र इसी पर निर्भर करता है। चुनाव आयोग इसकी रक्षा के लिए बना निकाय है। मगर चुनाव आयोग विपक्ष द्वारा उठाए गए सवालों का जवाब देने में असमर्थ है, अपनी जिम्मेदारी से भाग रहा है। महाराष्ट्र में मतदाता सूची में नाम बढ़ाए गए हैं। कर्नाटक के महादेवपुरा में मतदाता सूची में विसंगतियां हैं। जबकि वीडियो डाटा हटाने पर चुनाव आयोग चुप है। उन्होंने कहा कि  चुनाव आयोग उन अधिकारियों के हाथों में है जो विपक्ष द्वारा लगाए गए किसी भी आरोप की जांच नहीं कर रहे हैं। 
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गौरव गोगोई ने कहा कि कल अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में चुनाव आयोग (EC) ने राजनीतिक दलों पर सवाल उठाए, जब उन्हें यह बताना पड़ा कि वे जल्दबाजी में एसआईआर क्यों करा रहे हैं? चुनाव आयोग बिहार में एसआईआर पर चुप रहा। वे इस बात पर भी चुप रहे कि लोकसभा और महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों के बीच 70 लाख नए मतदाता कैसे जुड़े? 
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समाजवादी पार्टी के सांसद राम गोपाल यादव ने कहा कि चुनाव आयोग राहुल गांधी से बार-बार हलफनामा मांग रहा है, लेकिन 2022 के यूपी चुनावों में जब अखिलेश यादव ने कहा कि सपा समर्थकों के नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए हैं, तो हमने हलफनामा दिया। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। चुनाव आयोग का यह कहना कि निराधार शिकायतें की जा रही हैं। कोई हलफनामा नहीं दिया गया है। यह गलत है। यूपी में वोट काटने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। यह सब सोची-समझी रणनीति के तहत किया जाता है और चुनाव आयोग हमारी शिकायतों को नजरअंदाज़ करता है। यह एक गंभीर मुद्दा है।

टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने कहा कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ने डुप्लिकेट ईपीआईसी मतदाता कार्ड का मुद्दा उठाया, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। फर्जी मतदाता सूचियों के लिए पूर्व चुनाव आयोगों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए, लोकसभा को तुरंत भंग किया जाना चाहिए। मुख्य चुनाव आयुक्त द्वारा कठपुतली का प्रदर्शन बेहद शर्मनाक था। चुनाव आयोग का काम विपक्ष पर हमला करना नहीं है। मुख्य चुनाव आयुक्त महोदय से मैं कहती हूं कि आप अपने राजनीतिक आकाओं के पास वापस चले जाएं। 

राजद सांसद मनोज झा ने कहा कि हमें भारत के संविधान से शक्ति मिल रही है। मैं मुख्य चुनाव आयुक्त को बताना चाहता हूं कि चुनाव आयोग संविधान का पर्याय नहीं है, बल्कि यह संविधान से ही जन्मा है। इसे टुकड़े-टुकड़े न करें। यह सुरक्षा और संरक्षण के लिए है। यह सांविधानिक औचित्य और नैतिकता के आपके उल्लंघन के लिए ढाल नहीं बन सकती। कल हम अपने मुख्य चुनाव आयुक्त को ढूंढ रहे थे, हमें भाजपा का नया प्रवक्ता मिल गया।

डीएमके सांसद तिरुचि शिवा ने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ने सुप्रीम कोर्ट के हालिया निर्देश के बारे में कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया है कि उन्हें सभी 65 लाख मतदाताओं का विवरण प्रकाशित करना चाहिए। हमारी चिंता यह है कि मुख्य चुनाव आयुक्त बिहार में जल्दबाजी में एसआईआर क्यों कर रहे हैं? नए मतदाताओं की संख्या असामान्य रूप से कम क्यों है? यह मुद्दा राजनीतिक दलों का नहीं, बल्कि देश के आम आदमी का है। शिवसेना के अरविंद सावंत ने भी मुख्य चुनाव आयुक्त पर भाजपा प्रवक्ता की तरह व्यवहार करने का आरोप लगाया।



भाजपा प्रवक्ता की तरह बोल रहा चुनाव आयोग: आप
आम आदमी पार्टी (आप) के नेता अनुराग ढांडा ने कहा कि चुनाव आयोग ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश से पहले सूची क्यों नहीं जारी की? अब वे कह रहे हैं कि गोपनीयता के मुद्दे के कारण वे सीसीटीवी फुटेज जारी नहीं कर सकते, इससे गोपनीयता कैसे बाधित होती है? चुनाव आयोग के चयन में समस्या है।  चुनाव आयोग भाजपा के प्रवक्ता की तरह बोल रहा था। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग का व्यवहार संदिग्ध है। वे एक तटस्थ सांविधानिक संस्था के रूप में अपनी भूमिका निभाने में विफल रहे हैं। विपक्ष द्वारा उठाए गए सवालों का जवाब देना चुनाव आयोग का कर्तव्य है। 



विपक्षी गठबंधन इंडिया ने जारी किया साझा बयान
चुनाव आयोग के जवाब को लेकर विपक्षी गठबंधन इंडिया ने साझा बयान जारी किया। इसमें कहा गया कि चुनाव आयोग देश में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव व्यवस्था सुनिश्चित करने के अपने सांविधानिक कर्तव्य का निर्वहन करने में पूरी तरह विफल रहा है। अब यह स्पष्ट हो गया है कि चुनाव आयोग का नेतृत्व ऐसे अधिकारी नहीं कर रहे हैं जो समान अवसर सुनिश्चित कर सकें। यह भी स्पष्ट है कि चुनाव आयोग का नेतृत्व करने वाले लोग मतदाता धोखाधड़ी की सार्थक जांच के किसी भी प्रयास को भटकाते और विफल करते हैं और इसके बजाय सत्तारूढ़ दल को चुनौती देने वालों को डराने-धमकाने का विकल्प चुनते हैं। यह एक गंभीर अपराध है।


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