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Broken Rice Export: टूटे चावल के निर्यात पर पूरी तरह से प्रतिबंध, सरकार ने आदेश किया जारी
Fri, 09 Sep 2022 08:50 AM IST
प्रांजुल श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: प्रांजुल श्रीवास्तव
Updated Fri, 09 Sep 2022 08:50 AM IST
सार
चावल के वैश्विक व्यापार में भारत का हिस्सा 40% है। भारत ने 2021-22 में 2.12 करोड़ टन चावल निर्यात किया था। अब भारत ने टूटे हुए चावल के निर्यात पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया है।
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चावल
विस्तार
Rice Export India: चावल की बढ़ती हुई कीमतों को नियंत्रित करने के लिए भारत सरकार ने टूटे चावल के निर्यात पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया है। इस संबंध में आदेश भी जारी कर दिया गया है। यह आदेश आज से ही लागू होगा। इससे पहले टूटे चावल के निर्यात पर किसी तरह का शुल्क नहीं लगता था।
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इसके अलावा, सरकार की ओर से जारी एक अन्य आदेश के तहत गैर-बासमती चावल के निर्यात पर 20 फीसदी शुल्क वसूला जाएगा। यह आदेश भी आज से लागू होगा। हालांकि, उबले और बासमती चावल के निर्यात को इस प्रतिबंध से बाहर रखा गया है। गौरतबल है कि भारत चीन के बाद दूसरा सबसे बड़ा चावल उत्पादक देश है। वैश्विक चावल उत्पादन में भारत की 20 प्रतिशत हिस्सेदारी है।
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वैश्विक व्यापार में भारत की 40 प्रतिशत हिस्सेदारी
राजस्व विभाग ने एक अधिसूचना में कहा कि मौजूदा खरीफ सीजन में धान फसल का रकबा काफी घट गया है। ऐसे में घरेलू आपूर्ति बढ़ाने के लिए सरकार ने यह कदम उठाया है। कृषि मंत्रालय के अनुसार, कुछ राज्यों में बारिश कम होने से मौजूदा खरीफ सीजन में अब तक धान का बुवाई क्षेत्र 5.62 फीसदी घटकर 383.99 लाख हेक्टेयर रह गया है। चावल के वैश्विक व्यापार में भारत का हिस्सा 40% है। भारत ने 2021-22 में 2.12 करोड़ टन चावल निर्यात किया था। इस दौरान 150 से अधिक देशों को 6.11 अरब डॉलर का गैर-बासमती चावल निर्यात किया गया था।
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