{"_id":"63bb5ce782c8ff114d741999","slug":"india-bangladesh-friendship-pipeline-may-be-operational-from-february-2023","type":"story","status":"publish","title_hn":"IBFPL: भारत-बांग्लादेश मैत्री पाइपलाइन फरवरी से हो सकती है चालू, परियोजना पर 377.08 करोड़ रुपये हुए खर्च","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
IBFPL: भारत-बांग्लादेश मैत्री पाइपलाइन फरवरी से हो सकती है चालू, परियोजना पर 377.08 करोड़ रुपये हुए खर्च
Mon, 09 Jan 2023 05:46 AM IST
वीरेंद्र शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गुवाहाटी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गुवाहाटी
Published by: वीरेंद्र शर्मा
Updated Mon, 09 Jan 2023 05:46 AM IST
सार
अंतरराष्ट्रीय तेल पाइपलाइन आईबीएफपीएल के माध्यम से असम स्थित नुमालीगढ़ रिफाइनरी लिमिटेड़ (एनआरएल) के बंगाल के सिलीगुड़ी स्थित विपणन टर्मिनल से बांग्लादेश पेट्रोलियम कॉरपोरेशन (बीपीसी) के परबतीपुर डिपो तक ईंधन पहुंचाया जाएगा।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
भारत-बांग्लादेश मैत्री पाइपलाइन (आईबीएफपीएल) अगले महीने चालू हो सकती है। आधिकारिक सूत्रों ने रविवार को यह जानकारी दी। 130 किलोमीटर लंबी इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर 377.08 करोड़ रुपये की लागत आई है।
अंतरराष्ट्रीय तेल पाइपलाइन आईबीएफपीएल के माध्यम से असम स्थित नुमालीगढ़ रिफाइनरी लिमिटेड़ (एनआरएल) के बंगाल के सिलीगुड़ी स्थित विपणन टर्मिनल से बांग्लादेश पेट्रोलियम कॉरपोरेशन (बीपीसी) के परबतीपुर डिपो तक ईंधन पहुंचाया जाएगा। वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिये भारत-बांग्लादेश के प्रधानमंत्रियों की उपस्थिति में सितंबर, 2018 में इस पाइपलाइन का शिलान्यास हुआ था। पूर्वोत्तर की सबसे बड़ी रिफाइनरी कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, यह परियोजना सही मायने में एक इंजीनियरिंग ‘चमत्कार’ है। यह दोनों देशों के बीच आपसी सहयोग और तकनीकी समझ के साथ पूरी हो सकी है। यह दो दक्षिण- एशियाई देशों के बीच अच्छे संबंधों का प्रमाण है।
विज्ञापन
अंतरराष्ट्रीय तेल पाइपलाइन आईबीएफपीएल के माध्यम से असम स्थित नुमालीगढ़ रिफाइनरी लिमिटेड़ (एनआरएल) के बंगाल के सिलीगुड़ी स्थित विपणन टर्मिनल से बांग्लादेश पेट्रोलियम कॉरपोरेशन (बीपीसी) के परबतीपुर डिपो तक ईंधन पहुंचाया जाएगा। वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिये भारत-बांग्लादेश के प्रधानमंत्रियों की उपस्थिति में सितंबर, 2018 में इस पाइपलाइन का शिलान्यास हुआ था। पूर्वोत्तर की सबसे बड़ी रिफाइनरी कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, यह परियोजना सही मायने में एक इंजीनियरिंग ‘चमत्कार’ है। यह दोनों देशों के बीच आपसी सहयोग और तकनीकी समझ के साथ पूरी हो सकी है। यह दो दक्षिण- एशियाई देशों के बीच अच्छे संबंधों का प्रमाण है।
विज्ञापन