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सहयोग: ड्रोन बनाने में भारत की मदद करेगा अमेरिका, रक्षा मंत्रालय ने किए समझौते पर हस्ताक्षर
Fri, 03 Sep 2021 08:50 PM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: कीर्तिवर्धन मिश्र
Updated Fri, 03 Sep 2021 08:50 PM IST
सार
रक्षा मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया, ‘‘भारत और अमेरिकी रक्षा मंत्रालय के बीच एएलयूएवी के लिए परियोजना समझौते पर 30 जुलाई को हस्ताक्षर किए गए।’’
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भारत में ड्रोन विकसित करने में मदद करेगा अमेरिका।
- फोटो : PTI
विस्तार
अफगानिस्तान से अमेरिका के नेतृत्व वाली गठबंधन सेना को निकालने और लगभग पूरे देश में राज कायम करने के बाद तालिबान ने अपना रंग दिखाना शुरू कर दिया है। संगठन ने गुरुवार को ही काबुल में हथियारों की परेड निकाली, जिसमें आत्मघाती हमलों में इस्तेमाल होने वाली बम से लदी कारें और और सुसाइड वेस्ट का भी प्रदर्शन किया गया। जहां कारों को ट्रक से खींचा जा रहा था, वहीं कुछ आतंकी परेड में सुसाइड वेस्ट पहनकर चल रहे थे।
तालिबान की इस परेड का अफगानिस्तान के सरकारी चैनल पर प्रदर्शन हुआ। इसमें आईईडी के अलावा एके-47 और अन्य हथियार दिखाए गए। इतना ही नहीं तालिबान के कुछ लड़ाके मार्शल आर्ट्स की अपनी तकनीक से प्लेट और पत्थर तोड़ते भी दिखाई दिए। इन लड़ाकों के पीछे ही खुले ट्रॉलर में हथियार लदे दिखाई दिए, जिनमें उनके नाम भी दिए गए थे। इनमें मुख्यतः वायरलेस सेट, मशीनगन, एलएमजी, शॉटगन और एम4 जैसी राइफलें शामिल थीं।
40 मिनट की इस परेड को देखने के लिए तालिबान के बड़े नेता इकट्ठा हुए थे, जिन्हें पास ही एक स्टैंड पर देखा गया। उनके सामने ही कुछ आतंकी खड़े होकर अपने टारगेट शूटिंग के कौशल का प्रदर्शन करते भी दिखे। इनमें अधिकतर लड़ाकों ने बिल्कुल अफगान सैनिकों जैसी यूनिफॉर्म पहनी थी।
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तालिबान की ओर से यह परेड ऐसे समय में सामने आई है, जब अमेरिकी अफसरों ने खुलासा किया है कि उसके करीब 48 एयरक्राफ्ट आतंकी संगठन की पहुंच में हैं। हालांकि, अभी यह साफ नहीं है कि इनमें से कितने चलाने के लायक बचे हैं। विमानों के अलावा अमेरिका ने 70 बम रोधी वाहन और हमवी भी अफगानिस्तान में छोड़ी हैं।
अमेरिका ने अफगान सेना को कौन से हथियार दिए थे?
अमेरिकी वॉचडॉग की पिछले महीने भेजी गई एक रिपोर्ट के मुताबिक, अफगानिस्तान में तालिबान शासन आने से पहले तक अफगान सेना के पास कई बड़े हथियार थे। इनमें 6 लाख M16 असॉल्ट राइफल्स, 1 लाख 62 हजार संचार उपकरण, रात में सेना ऑपरेट करने के लिए 16 हजार नाइट विजन गॉगल्स, मशीन गन, तकरीबन 1 लाख वाहन और 16 हजार के करीब खुफिया सर्विलांस से जुड़े उपकरण शामिल हैं। इस साल जून तक अफगान सेना के पास 211 एयरक्राफ्ट्स भी मौजूद थे, जिनकी संख्या बाद में बढ़ाई गई थी। इनमें ब्लैक हॉक हेलिकॉप्टर से लेकर ए-29 सुपर टुकानो अटैक एयरक्राफ्ट और सी-208 लाइट अटैक एयरप्लेन भी शामिल थे।
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तालिबान की इस परेड का अफगानिस्तान के सरकारी चैनल पर प्रदर्शन हुआ। इसमें आईईडी के अलावा एके-47 और अन्य हथियार दिखाए गए। इतना ही नहीं तालिबान के कुछ लड़ाके मार्शल आर्ट्स की अपनी तकनीक से प्लेट और पत्थर तोड़ते भी दिखाई दिए। इन लड़ाकों के पीछे ही खुले ट्रॉलर में हथियार लदे दिखाई दिए, जिनमें उनके नाम भी दिए गए थे। इनमें मुख्यतः वायरलेस सेट, मशीनगन, एलएमजी, शॉटगन और एम4 जैसी राइफलें शामिल थीं।
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40 मिनट की इस परेड को देखने के लिए तालिबान के बड़े नेता इकट्ठा हुए थे, जिन्हें पास ही एक स्टैंड पर देखा गया। उनके सामने ही कुछ आतंकी खड़े होकर अपने टारगेट शूटिंग के कौशल का प्रदर्शन करते भी दिखे। इनमें अधिकतर लड़ाकों ने बिल्कुल अफगान सैनिकों जैसी यूनिफॉर्म पहनी थी।
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तालिबान की ओर से यह परेड ऐसे समय में सामने आई है, जब अमेरिकी अफसरों ने खुलासा किया है कि उसके करीब 48 एयरक्राफ्ट आतंकी संगठन की पहुंच में हैं। हालांकि, अभी यह साफ नहीं है कि इनमें से कितने चलाने के लायक बचे हैं। विमानों के अलावा अमेरिका ने 70 बम रोधी वाहन और हमवी भी अफगानिस्तान में छोड़ी हैं।
अमेरिका ने अफगान सेना को कौन से हथियार दिए थे?
अमेरिकी वॉचडॉग की पिछले महीने भेजी गई एक रिपोर्ट के मुताबिक, अफगानिस्तान में तालिबान शासन आने से पहले तक अफगान सेना के पास कई बड़े हथियार थे। इनमें 6 लाख M16 असॉल्ट राइफल्स, 1 लाख 62 हजार संचार उपकरण, रात में सेना ऑपरेट करने के लिए 16 हजार नाइट विजन गॉगल्स, मशीन गन, तकरीबन 1 लाख वाहन और 16 हजार के करीब खुफिया सर्विलांस से जुड़े उपकरण शामिल हैं। इस साल जून तक अफगान सेना के पास 211 एयरक्राफ्ट्स भी मौजूद थे, जिनकी संख्या बाद में बढ़ाई गई थी। इनमें ब्लैक हॉक हेलिकॉप्टर से लेकर ए-29 सुपर टुकानो अटैक एयरक्राफ्ट और सी-208 लाइट अटैक एयरप्लेन भी शामिल थे।