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भारत और मालदीव के बीच तनाव है बरकरार, उपहार में दिए गए हेलिकॉप्टरों पर कोई सहमति नहीं

Wed, 29 Aug 2018 09:46 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Wed, 29 Aug 2018 09:46 AM IST
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India and Maldives relation remain tense, no understanding on allowing two Indian choppers

भारत और मालदीव के बीच तनाव अब भी बरकरार है। दोनों देशों के बीच तनाव का ही कारण है कि भारत द्वारा मालदीव को उपहार में दिए गए दो हेलिकॉप्टरों पर अभी कोई सहमति नहीं बन पाई है कि इन्हें मालदीव रखेगा या फिर हटाएगा। मालदीव में सितंबर माह में चुनाव होने हैं और भारत भी अब इन चुनाव परिणामों तक इंतजार करना चाहता है।

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भारत सरकार अभी वहां से हेलिकॉप्टर हटाना नहीं चाहती है क्योंकि मालदीव में चुनाव करीब हैं। वहीं मालदीव भी इस पर कोई बयान नहीं दे रहा है। मालदीव के संयुक्त विपक्ष को भी डर सता रहा है कि राष्ट्रपति अब्दुल्ला चुनाव में छेड़छाड़ कर सकते हैं। लेकिन कुछ लोग ऐसे भी हैं जिन्हें उम्मीद है कि लोग सरकार से नाराज हैं जिसकी वजह से चुनावों में सरकार को हार मिलेगी।
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मामले पर भारतीय अधिकारियों का कहना है कि इन हेलिकॉप्टरों को हटाने की तारीख 30 जून थी जो कि अब निकल चुकी है। उसका पालन किया जाना चाहिए था। अधिकारियों की कही ये बात उस डील से बिल्कुल अलग है जो कि भारत और मालदीव के बीच हुई थी। उस डील में दोनों देशों के बीच हेलिकॉप्टर न हटाने को लेकर समझौता हुआ है।

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सुब्रमण्यन स्वामी के बयान के बाद हुआ था विवाद

India and Maldives relation remain tense, no understanding on allowing two Indian choppers

भारत द्वारा दिए गए इन हेलिकॉप्टर में से एक हिंद महासागर के दक्षिणतम अड्डू द्वीप पर तथा दूसरा सामरिक दृष्टिकोण के महत्वपूर्ण लम्मू क्षेत्र में तैनात है। इसके अलावा मालदीव में आपातकाल लगाए जाने के बाद से दोनों देशों के रिश्तों में खटास आई है। मालदीव सरकार ने इस बात के भी संकेत दिए हैं कि वह दोनों हेलिकॉप्टर और इसके स्टाफ को अपने यहां रखने के पट्टा समझौते का नवीनीकरण नहीं करेंगे।

जानकारी के लिए बता दें कि दोनों देशों के संबंध और भी खराब तब हुए तब भाजपा के सांसद सुब्रमण्यन स्वामी ने ये बयान दिया कि इस देश (मालदीव) के आने वाले राष्ट्रपति चुनावों में अगर गड़बड़ी होती है तो भारत को मालदीव पर हमला बोल देना चाहिए। स्वामी के इस बयान से रविवार को केंद्र सरकार ने खुद को अलग भी कर लिया है।

भारत के लिए मालदीव के साथ अच्छे रिश्ते रखना बेहद जरूरी है। ताकि वह चीन के स्ट्रिंग ऑफ पर्ल्स पॉलिसी से खुद को सुरक्षित रख सके। जिसका केवल एक ही उद्देश्य है और वह है  भारत को चारों ओर से घेरना। इसके अंतर्गत भारत के पड़ोसी देशों में विकास के नाम पर चीन अपनी पैठ मजबूत करता जा रहा है और अपने कर्जे में उन देशों को फंसाने के बाद भारत के खिलाफ करने की उसकी रणनिती है। इस लिहाज से अपने पड़ोसी देशों में चीन के इन बढ़ते कदमों को रोकने के लिए भारत के उनसे अच्छे रिश्ते होना बेहद जरूरी है।

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