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Manipur: इस शहर में लहराया पूर्वोत्तर का सबसे ऊंचा झंडा, सीएम ने कहा- यह गौरव का प्रतीक
Thu, 15 Aug 2024 11:46 AM IST
श्वेता महतो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंफाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंफाल
Published by: श्वेता महतो
Updated Thu, 15 Aug 2024 11:46 AM IST
सार
आईएनए मेमोरियल के संयोजक वाई मोधु सिंह ने आईएनए के पुराने मुख्यालय का पुनर्निर्माण करने के लिए बीरेन सिंह सरकार द्वारा की गई पहल की सराहना की। बता दें कि आईएनए मुख्यालय से कुछ मीटर की दूरा पर आईएनए संग्रहालय है।
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बीरेन सिंह
- फोटो : X/ N Biren Singh
विस्तार
मणिपुर के बिष्णुपुर जिले में स्वतंत्रता दिवस के मौके पर मोइरंग के आईएनए मुख्यालय में पूर्वोत्तर भारत का सबसे ऊंचे झंडे को सलामी दी गई। भारतीय नेशनल आर्मी ने 1944 में पहली बार मोइरंग में ध्वजारोहण किया था। मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने कहा कि पूर्वोत्तर भारत का सबसे ऊंचा ध्वज हमारे देश के गौरव का प्रतीक है।
सीएम बीरेन सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, "आज हम गर्व से बिष्णुपुर जिले के मोइरांग में ऐतिहासिक आईएनए मुख्यालय में ध्वजारोहण देख रहे हैं। नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने आईएनए मुख्यालय की स्थापना की थी। यह एक बड़ा ऐतिहासिक महत्व रखता है। 14 अप्रैल 1944 में पहली बार भारतीय सेना ने यहां ध्वजारोहण किया था। यह स्वतंत्रता के लिए हमारे संघर्ष के क्षण को चिह्नित करता है।"
उन्होंने आगे कहा, "हम हर घर तिरंगा का जश्न मना रहे हैं। इस मौके पर हम अपने स्वतंत्रता सेनानियों द्वारा किए गए बलिदानों और भारत के स्वतंत्रता संग्राम की स्थायी विरासत को याद करें और उसका सम्मान करें।" इससे पहले सीएम ने कहा, "मैंने पूर्वोत्तर भारत में सबसे ऊंचे झंडे का ध्वजारोहण के बारे में सोचा और फिर इसमें कुछ लोगों को शामिल किया। मैं प्रधानमंत्री और गृह मंत्री को आश्चर्यचकित करना चाहता था। मैंने सुना है कि पूराने आजाद हिंद बल के मुख्यालय में अभी भी गोलियों के निशान हैं। हम घर के मालिक के पास पहुंचे और उनसे कहा कि सरकार मालिकों को जमीन देकर उचित मुआवजा देगी।"
आईएनए मेमोरियल के संयोजक वाई मोधु सिंह ने आईएनए के पुराने मुख्यालय का पुनर्निर्माण करने के लिए बीरेन सिंह सरकार द्वारा की गई पहल की सराहना की। बता दें कि आईएनए मुख्यालय से कुछ मीटर की दूरा पर आईएनए संग्रहालय है, जिसमें हथियार और अन्य यादगार वस्तुएं हैं। परिसर में सुभाष चंद्र बोस की एक प्रतिमा भी है जो पश्चिम बंगाल से एक उपहार थी।
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सीएम बीरेन सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, "आज हम गर्व से बिष्णुपुर जिले के मोइरांग में ऐतिहासिक आईएनए मुख्यालय में ध्वजारोहण देख रहे हैं। नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने आईएनए मुख्यालय की स्थापना की थी। यह एक बड़ा ऐतिहासिक महत्व रखता है। 14 अप्रैल 1944 में पहली बार भारतीय सेना ने यहां ध्वजारोहण किया था। यह स्वतंत्रता के लिए हमारे संघर्ष के क्षण को चिह्नित करता है।"
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Today, we proudly witness the unfurling of the tricolor at the historic INA headquarters in Moirang, Bishnupur district.
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The flag flies high atop the 165 ft tall flagpole, the tallest in North-East India, symbolizing our nation's pride and glory. The INA headquarters,… pic.twitter.com/ZCZYqzQ2D7— N. Biren Singh (@NBirenSingh) August 14, 2024
उन्होंने आगे कहा, "हम हर घर तिरंगा का जश्न मना रहे हैं। इस मौके पर हम अपने स्वतंत्रता सेनानियों द्वारा किए गए बलिदानों और भारत के स्वतंत्रता संग्राम की स्थायी विरासत को याद करें और उसका सम्मान करें।" इससे पहले सीएम ने कहा, "मैंने पूर्वोत्तर भारत में सबसे ऊंचे झंडे का ध्वजारोहण के बारे में सोचा और फिर इसमें कुछ लोगों को शामिल किया। मैं प्रधानमंत्री और गृह मंत्री को आश्चर्यचकित करना चाहता था। मैंने सुना है कि पूराने आजाद हिंद बल के मुख्यालय में अभी भी गोलियों के निशान हैं। हम घर के मालिक के पास पहुंचे और उनसे कहा कि सरकार मालिकों को जमीन देकर उचित मुआवजा देगी।"
आईएनए मेमोरियल के संयोजक वाई मोधु सिंह ने आईएनए के पुराने मुख्यालय का पुनर्निर्माण करने के लिए बीरेन सिंह सरकार द्वारा की गई पहल की सराहना की। बता दें कि आईएनए मुख्यालय से कुछ मीटर की दूरा पर आईएनए संग्रहालय है, जिसमें हथियार और अन्य यादगार वस्तुएं हैं। परिसर में सुभाष चंद्र बोस की एक प्रतिमा भी है जो पश्चिम बंगाल से एक उपहार थी।