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Hindi News ›   India News ›   Independence day 2020: Will the Prime Minister give any message to China from the ramparts of the Red Fort

क्या लाल किले की प्राचीर से चीन को कोई संदेश देंगे प्रधानमंत्री?

Fri, 14 Aug 2020 11:17 PM IST
अनवर अंसारी डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अनवर अंसारी Updated Fri, 14 Aug 2020 11:17 PM IST
सार

  • पांच मई से लद्दाख क्षेत्र में घुस आया है चीन
  • आए दिन पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी मारते हैं प्रधानमंत्री को ताना

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Independence day 2020: Will the Prime Minister give any message to China from the ramparts of the Red Fort
देश को संबोधित करते पीएम नरेंद्र मोदी - फोटो : DD NEWS

विस्तार

14-15 अगस्त की मध्यरात्रि में भारत ने ब्रिटिश हूकूमत से आजादी पाई थी और 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के रूप में मनाता है। ऐसे में सबकी निगाहें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरफ है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आत्म निर्भर, सशक्त और नये भारत का मिशन पूरा करने की ठान ली है। वह राम मंदिर निर्माण का भूमि पूजन कर आए हैं और देश कोविड-19 की महामारी से जूझ रहा है। हर दिन साठ हजार से अधिक संक्रमितों के मामले आ रहे हैं। इसके समानांतर चीन ने मई 2020 से लद्दाख क्षेत्र में भारतीय सीमा में घुसपैठ कर रखी है। क्या प्रधानमंत्री लाल किले की प्राचीर से चीन को कोई संदेश देंगे?

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विदेश मंत्रालय से रिटायर विदेश सेवा के अधिकारी वीरेंद्र शर्मा का कहना है कि अब तक हर प्रधानमंत्री इस तरह के ज्वलंत मुद्दों पर बोलते रहे हैं, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस मामले में बिल्कुल अलग हैं। वह समस्याओं पर बयान देने, भाषण देने की बजाय उनका समाधान खोजने के लिए प्रयासरत रहते हैं। इसलिए मुझे नहीं लगता कि वह बोलेंगे। केंद्रीय गृह मंत्रालय से अवकाश प्राप्त सचिव इस मामले में ऑन रिकार्ड कुछ नहीं कहना चाहते।
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उनका भी मानना है कि प्रधानमंत्री जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद को कम करने, वहां शांति बहाली और विकास के मुद्दे को अपने भाषण में शामिल कर सकते हैं। बिना नाम लिए पाकिस्तान को संदेश दे सकते हैं, लेकिन चीन के मामले में बोलने से परहेज करेंगे। आयकर विभाग से अवकाश प्राप्त धनेश कपूर चाहते हैं कि प्रधानमंत्री चीन की घुसपैठ पर देश के सामने स्थिति स्पष्ट करें। हालांकि वह कहते हैं कि उनके चाहने से क्या होता है? धनेश का कहना है कि प्रधानमंत्री मोदी की सरकार बहुत से मामले में अच्छा कर रही है।
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हमारे नेता तो चाहते हैं कि प्रधानमंत्री स्थिति स्पष्ट करें

कांग्रेस पार्टी के नेताओं को भी इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री से किसी तरह की स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद नहीं है। पार्टी के पूर्व केंद्रीय मंत्री ने यह एक संवेदनशील मुद्दा है। वह ऑन रिकार्ड कुछ नहीं कहना चाहते। वरिष्ठ नेता ने कहा कि कांग्रेस पार्टी के पूर्व अध्यक्ष ने राहुल गांधी इस मुद्दे को कई बार उठाया। प्रधानमंत्री से जवाब देने की मांग की, लेकिन प्रधानमंत्री ने आजतक कुछ नहीं कहा। सूत्र का कहना है कि प्रधानमंत्री जब गुजरात के मुख्यमंत्री थे तो तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पर तमाम व्यंग कसते थे। प्रधानमंत्री जी को आज इसके सामानांतर खुद का भी आकलन करना चाहिए।


उनसे देश जो जानना चाहता है, वह बताना चाहिए। भाजपा के प्रवक्ताओं ने भी इस मामले पर फिलहाल कुछ भी कहने से इनकार कर दिया। पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि प्रधानमंत्री का देश के नाम संबोधन है। यह उनका अधिकार है कि वह क्या बोलें। राष्ट्रहित में उन्हें देश की जनता को जो संबोधित करना होगा, करेंगे। सूत्र का कहना है कि भारत ने अपने प्रयासों से चीन को जवाब दे दिया है और एक बात साफ है कि भारत न तो अपने राष्ट्रीय हितों से समझौता करेगा, न ही अपनी एक इंच भूमि छोड़ेगा।

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