महज एक दिन में मिलेगा आयकर रिफंड, ऑनलाइन रिटर्न फाइल करना होगा आसान
- 6.85 करोड़ भारतीयों ने वित्त वर्ष 2017-18 के लिए भरा था रिटर्न
- 1.83 लाख करोड़ रुपये का रिफंड अभी तक दे चुका है आयकर विभाग
- 4242 करोड़ रुपये में इनफोसिस तैयार करेगी रिटर्न फाइलिंग सिस्टम
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अगले साल से आपको आयकर रिटर्न फाइल करने के बाद सरकार से टैक्स रिफंड लेने के लिए 63 दिन का इंतजार नहीं करना होगा। रिटर्न भरने के महज एक दिन से भी कम समय में रिफंड आपके खाते में जमा हो जाएगा। इसके लिए सरकार ने बुधवार को अगली पीढ़ी का एडवांस आयकर रिटर्न फाइलिंग सिस्टम तैयार करने की मंजूरी दे दी। करीब 4241.97 करोड़ रुपये में समन्वित ई फाइलिंग और सेंट्रलाइज्ड प्रोसेसिंग सेंटर 2.0 सिस्टम को तैयार करने की जिम्मेदारी आईटी क्षेत्र की दिग्गज कंपनी इंफोसिस को सौंपी गई है।
नए आयकर रिटर्न फाइलिंग सिस्टम को लागू करने का निर्णय बुधवार को प्रधामंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में यहां हुई मंत्रिमंडल की बैठक में लिया गया। बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने बताया कि ऑनलाइन आयकर रिटर्न फाइल करने की प्रक्रिया को सरल बनाने वाली यह परियोजना महज 18 महीने में पूरी हो जाएगी, जिसका उसके बाद तीन महीने तक वैकल्पिक तौर पर परीक्षण किया जाएगा। उन्होंने बताया कि बोली प्रक्रिया के बाद इस परियोजना को लागू करने की जिम्मेदारी इंफोसिस कंपनी को दी गई है। उन्होंने कहा कि इससे आयकरदाताओं को जहां एक ही दिन में रिफंड मिलने लगेगा, वहीं सरकार पर भी रिफंड में देरी के कारण लगने वाले ब्याज का बोझ कम होगा।
आयकर की प्री-फाइलिंग की मिलेगी छूट
नए सिस्टम में आयकर रिटर्न की प्री-फाइलिंग की भी व्यवस्था की गई है। मंत्रिमंडल ने चालू वित्त वर्ष में लागू सीपीसी आईटीआर 1.0 परियोजना के लिए भी 1,482.44 करोड़ रुपये की राशि देने की घोषणा की है।
ऐसा होगा नया आयकर रिटर्न सिस्टम
नया ई-फाइलिंग व सेंट्रल प्रॉसेसिंग सेंटर (सीपीसी) प्रोजेक्ट एक सिरे से दूसरे सिरे तक आयकर रिटर्न की सभी प्रक्रिया फाइल करने की छूट देगा। इस निर्णय में यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि आयकर रिटर्न के जल्द निपटारे के बावजूद पारदर्शिता और जवाबदेही की स्थिति बरकरार रहे। साथ ही आयकर विभाग के साथ किसी भी तरह के इंटरफेस के बिना ही रिफंड का पैसा सीधे आम आदमी के बैंक खाते में स्थानांतरित हो सके।
चार सरकारी कंपनियां में नए वेतनमान की घोषणा
बिजली उत्पादन क्षेत्र की चार सरकारी कंपनियों के अधिकारियों के नए वेतनमानों को भी सुप्रीम कोर्ट ने मंजूरी दे दी। इससे नेशनल हाइड्रो डेवलपमेंट कॉरपोरशन लिमिटेड (एनएचपीसी), नॉर्थ ईस्ट इलेक्ट्रिक पावर कॉरपोरेशन (एनईईपीसीओ), टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड और सतलुज जल विद्युत निगम लिमिटेड (एसजेवीएन) के निदेशक मंडल स्तर से नीचे वाले अधिकारियों के नए वेतनमानों के नियमन को भी मंजूरी दी है।