{"_id":"5c1ac9f7bdec2256ad22c944","slug":"income-tax-law-will-be-easy","type":"story","status":"publish","title_hn":"सरल होगा देश का आयकर कानून, 28 फरवरी तक आएगी समिति की रिपोर्ट","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
सरल होगा देश का आयकर कानून, 28 फरवरी तक आएगी समिति की रिपोर्ट
Thu, 20 Dec 2018 04:15 AM IST
आसिम खान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: आसिम खान
Updated Thu, 20 Dec 2018 04:15 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पचास साल पुराने आयकर कानून के मसौदे को फिर से तैयार करने के लिए गठित की गई समिति इसकी भाषा को सरल बनाएगी। साथ ही समिति समय-समय पर किए संशोधनों के कारण जटिल हो गए नियमों और कई व्याख्याओं वाले नियमों को भी आसान बनाएगी। यह बात बुधवार केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) सदस्य तथा समिति के प्रमुख अखिलेश रंजन ने कही। उन्होंने कहा कि इस कदम का मकसद अनुपालन को प्रोत्साहित करना तथा कर निश्चितता को सुनिश्चित करना है।
विज्ञापन
रंजन ने एक कार्यक्रम में कहा कि कर कानून ऐसा होना चाहिए जो आसानी से समझ में आ जाए, मौजूदा कानून में कुछ मामलों में भाषा जटिल हो गई है। कई जगह बार-बार अतिरिक्त संशोधन हुए हैं और उनमें विवरण पर विवरण जोड़े गए हैं, जिन्हें फिर से सरल करने के लिए प्रावधानों पर प्रावधान जोड़े गए हैं, जिनसे वह और जटिल हो गए हैं। रंजन ने आगे कहा कि हम केवल बदलाव के लिए भाषा में बदलाव की कोशिश नहीं कर रहे हैं। मेरा मानना है कि हमें कानून के जटिल भागों को आसानी से समझने के योग्य बनाने की ओर काम करना चाहिए।
विज्ञापन
इससे अनुपालन को बढ़ावा मिलेगा और कर निश्चितता आएगी। कार्यबल 50 साल पुराने आयकर कानून के मसौदे को फिर से तैयार कर रहा है और इस संदर्भ में समिति अपनी रिपोर्ट 28 फरवरी, 2019 तक देगी। समिति की सिफारिशों को 2019-20 के पूर्ण बजट में शामिल किया जाएगा, जो अगले साल होने वाले आम चुनावों के बाद पेश किया जाएगा। एजेंसी
विज्ञापन
फर्जी निवेश पर रिफंड पर लगाम
आयकर विभाग ने फर्जी तरीके से लिए जाने वाले रिफंड पर नकेल कसना शुरू कर दिया है। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) के चेयरमैन सुशील चंद्रा ने यह जानकारी दी। मुंबई, बंगलूरू और पंजाब के कुछ हिस्सों में जांच में पता चला कि कुछ आयकर दाताओं से 80सी और हाउसिंग लोन के तहत फर्जी निवेश दिखा कर रिफंड के लिए प्रेरित किया जाता है।