{"_id":"60e868a967f9300e51791f48","slug":"income-tax-department-unearths-300-crore-rupees-black-money-in-raids-on-hyderabad-based-company","type":"story","status":"publish","title_hn":"आयकर विभाग: हैदराबाद की कंपनी पर छापेमारी में 300 करोड़ के काले धन का पता चला","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
आयकर विभाग: हैदराबाद की कंपनी पर छापेमारी में 300 करोड़ के काले धन का पता चला
Fri, 09 Jul 2021 08:49 PM IST
गौरव पाण्डेय
पीटीआई, हैदराबाद
पीटीआई, हैदराबाद
Published by: गौरव पाण्डेय
Updated Fri, 09 Jul 2021 08:49 PM IST
सार
रियल एस्टेट और अपशिष्ट प्रबंधन में लगी हैदराबाद की एक कंपनी के परिसरों पर छापा मारने के बाद आयकर विभाग ने 300 करोड़ रुपये की बिना हिसाब की आय का पता लगाया। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
सीबीडीटी ने एक बयान में बताया कि यह तलाशी छह जुलाई को ली गई थी। बयान में कहा गया, 'तलाशी और जब्ती अभियान के साथ विभिन्न दस्तावेजों की प्राप्ति के आधार पर समूह की कंपनियों और संबद्ध कंपनियों ने 300 करोड़ रुपये की बिना हिसाब की आय होने की बात स्वीकार की है। इसके अलावा समूह बकाया करों का भुगतान करने के लिए भी सहमत हुआ है।'
विज्ञापन
बता दें कि सीबीडीटी, कर विभाग के लिए नीति तैयार करता है। बोर्ड ने समूह की पहचान उजागर नहीं की, लेकिन कहा कि यह रियल एस्टेट, निर्माण, अपशिष्ट प्रबंधन और बुनियादी ढांचे के कार्यों में लगा हुआ है। सीबीडीटी ने कहा कि समूह के अपशिष्ट प्रबंधन का कारोबार पूरे भारत में फैला हुआ है, जबकि रियल एस्टेट की गतिविधियां मुख्य रूप से हैदराबाद में केंद्रित हैं।
विज्ञापन
समूह द्वारा कथित तौर पर कर छिपाने के मामले पर सीबीडीटी ने कहा, यह पाया गया कि समूह ने वित्त वर्ष 2018-19 के दौरान अपनी अधिकतम हिस्सेदारी, समूह की सिंगापुर स्थित एक नॉन रेजिडेंट इकाई को बेच दी थी और बड़ी मात्रा में कैपिटन गेन का फायदा उठाया था।
विज्ञापन
सीबीडीटी के बयान में आगे कहा गया है, 'समूह ने बाद में संबंधित पक्षों के साथ शेयर खरीद, बिक्री, ‘नॉन आर्म लेंथ वैल्यूड सब्सक्रिप्शन’ और बाद में बोनस जारी करने जैसी आकर्षक योजनाओं के जरिए उस लाभ को हस्तांतरित कर दिया। उसने ऐसा कैपिटल गेन के जरिए अर्जित कमाई को नुकसान के रूप में दिखाने के लिए किया।'
सीबीडीटी ने कहा, जो आपत्तिजनक साक्ष्य, दस्तावेज बरामद किए गए हैं, वह साबित करते हैं कि संबंधित कैपिटल गेन को समायोजित करने के लिए कृत्रिम नुकसान दिखाया गया। तलाशी अभियान में लगभग 1200 करोड़ रुपये का कृत्रिम नुकसान का पता चला है, जिसपर कर की देनदारी बनती है। तलाशी की कार्रवाई में समूह से जुड़ी कंपनियों के साथ बेहिसाब नकद लेनदेन का भी पता चला है और इसकी मात्रा और तौर-तरीकों की जांच की जा रही है।