नोट बदल कर मुनाफा कमाने वालों के खिलाफ आयकर विभाग सतर्क
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आयकर विभाग ने पांच सौ और एक हजार रुपये के नोटों को गैरकानूनी ढंग से बदल कर मुनाफा कमाने और टैक्स चोरी करने की खबरों के बाद दिल्ली, मुंबई, चंडीगढ़ और लुधियाना समेत कई बड़े शहरों में सर्वे किया।
अधिकारियों के मुताबिक दिल्ली के करोलबाग, दरीबा कलां और चांदनी चौक में बृहस्पतिवार को देर तक आयकर विभाग में सर्वे की कार्यवाही चल रही थी। मुंबई में तीन जगह औैर चंडीगढ़, लुधियाना में भी कुछ जगहों पर नोट बदल कर मुनाफा कमाने की खबरों के बाद सर्वे किए गए। देर शाम मिली खबरों के मुताबिक दक्षिण भारत के दो शहरों में भी इस तरह की कार्यवाहियों को अंजाम दिया गया।
केंद्रीय राजस्व सचिव हसमुख अढिया ने कहा कि आयकर विभाग ने कहीं छापे नहीं मारे। यह सर्वे था, जो हवाला कारोबार करने वालों पर नजर रखने के लिए शुरू किया गया था। सर्वे के तहत आयकर अधिकारियों ने ट्रेडर, ऑपरेटरों के कारोबारी प्रतिष्ठानो में जाकर मौजूदा नोटों के स्टॉक का जायजा लिया। कुछ घरों और दफतरों में तलाशी ली गई।
गैरकानूनी ट्रांजेक्शन पर नजर रखें
सूत्रों के मुताबिक आयकर विभाग को कुछ कारोबारियों, ज्वैलरों, करेंसी चेंजरों और हवाला कारोबारियों की ओर से डिस्काउंट पर नोट बदल कर मुनाफा कमाने की खबर मिली थी। इन जगहों पर 500 और 1000 रुपये के बदले छोटे नोट दिए जा रहे थे। लेकिन इसके बदले रकम वसूली जा रही थी।
सूूत्रों के मुताबिक इस तरह के इनपुट्स मिलने के बाद केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने सभी जांच इकाइयों को निर्देश दिया कि वे भारी नकदी को इधर-उधर किए जाने और गैरकानूनी ट्रांजेक्शन पर नजर रखें। इसके बाद से टैक्स बचाने की इस तरह की गतिविधियों पर विभाग की निगाहें गड़ गईं।
इस बीच, वित्त मंत्री अरुण जेटली ने भरोसा दिलाया है कि 500 और 1000 के नोट जमा करने वाले छोटे डिपोजिटरों को आय विभाग परेशान नहीं करेगा। लेकिन बड़ी मात्रा में बेनामी रकम जमा करने वालों को टैक्स नियमों के तहत कार्रवाई का सामना करना होगा।