राजनैतिक दलों ने कमाए 11 हजार करोड़, जानिए सपा-बसपा की कमाई कितनी?
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देश की लगभग सभी राजनैतिक दलों को साल दर साल जमकर आय हुई। देश की छह राष्ट्रीय और 51 क्षेत्रीय दलों को वित्तीय वर्ष 2004-05 से वर्ष 2014-2015 तक 11 हजार 367 करोड़ रुपए की आय हुई। इसमें से 69 फीसदी आय इन राजनैतिक दलों को अज्ञात स्त्रोतों से हुई है।
इस बात का खुलासा एडीआर की रिपोर्ट से हुआ है। उन्होंने यह आयकर रिपोर्ट, ऑडिट रिपोर्ट और आरटीआई के जरिए यह रिपोर्ट तैयार की है। एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म (एडीआर) की रिपोर्ट के मुताबिक राजनैतिक दलों को 16 फीसदी (एक हजार 835 करोड़ रुपए) आय ज्ञात स्त्रोत से हुई।
इसके अलावा 15 फीसदी (एक हजार 699 करोड़ रुपए) की राशि अज्ञात स्त्रोत (अचल संपत्ति, पुराने अखबार बेचकर, सदस्यता शुल्क, डेलिगेट शुल्क लेकर, बैंक ब्याज, पब्लिकेशन कंटेंट की बिक्री और लेवि आदि) से प्राप्त हुई।
अज्ञात स्त्रोत से राजनीतिक दलों दलों को सात हजार 833 करोड़ रुपए की राशि प्राप्त हुई। रिपोर्ट के मुताबिक भाजपा, कांग्रेस, बसपा, एनसीपी, सीपीआई, सीपीएम की नौ हजार 278 करोड़ रुपए में से 6 हजार 612 करोड़ रुपए अज्ञात स्त्रोत से आए प्राप्त किए। वहीं क्षेत्रीय पार्टियों को1220 करोड़ अज्ञात स्त्रोत से आय हुई, जबकि उन्हें 2089 करोड़ रुपए की कुल आय 11 सालों में हुई। उधर, एक दशक में कांग्रेस की आय 83 फीसदी (3,323 करोड़ रुपए), बीजेपी की आय 65 फीसदी (2125 करोड़ रुपए), समाजवादी पार्टी की आय 94 फीसदी (766 करोड़ रुपए) और शिरोमणि अकाली दल की आय 86 फीसदी (88 करोड़ रुपए) बढ़ गई।
सिर्फ छह दलों का ही 11 सालों का दान चुनाव आयोग में उपलब्ध
उधर, 51 दलों में से सिर्फ छह दलों का ही 11 सालों का सभी दान चुनाव आयोग में उपलब्ध हैं। इन सालों में 45 दलों ने कम से कम एक वित्तीय वर्ष के लिए चुनाव आयोग को अपना दान का विवरण जमा नहीं किया। जबकि 12 दल ऐसे हैं जिन्होंने एक भी दान रिपोर्ट चुनाव को वर्ष 2004-05 से जमा नहीं किया।
एडीआर की सदस्या लक्ष्मी श्रीराम ने बताया कि राजनैतिक दलों को पुराने फर्नीचर, पुराने अखबार, ब्याज, किताबों की बिक्री से भी आय होती है। इसलिए इनको मिलने वाली राशि को आय की श्रेणी में रखा गया है। हालांकि इस आय में अधिकांश राशि किसी व्यक्ति या संस्था द्वारा दिए जाने वाले चंदे से प्राप्त होती है। इसके अलावा जिन्होंने 20 हजार से कम दान का योगदान देने वाले का ब्यौरा पार्टियां देने के लिए बाध्य नहीं हैं।
वहीं अज्ञात स्त्रोत में कूपनों की बिक्री, आजीवन सहयोग निधि, रिलीफ फंड, वोलेंट्री का योगदान, बैठक में मिलने वाली राशि आदि भी शामिल है। बसपा ने नहीं बताया एक भी स्त्रोत वहीं सभी राष्ट्रीय और क्षेत्रीय पार्टियों में से केवल बसपा ने यह लगातार घोषित किया है कि पार्टी को पिछले एक दशक में कोई भी दान 20 हजार रुपए से अधिक मात्रा में नहीं मिला है। इसलिए पार्टी का 100 प्रतिशत दान अज्ञात स्त्रोत से मिला है। बसपा की कुल आय 11 सालों में 2057 फीसदी बढ़ी है। पार्टी की आय इन सालों में 5 करोड़ 19 लाख रुपए से बढ़कर 112 करोड़ रुपए हो गया।