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अमरावती जल संकट: पीने के पानी के लिए 40 फीट गहरे कुएं में उतरने के लिए मजबूर हुए ग्रामीण
Sun, 09 Jun 2019 04:30 AM IST
Avdhesh Kumar
चुनाव डेस्क, अमर उजाला, अमरावती
चुनाव डेस्क, अमर उजाला, अमरावती
Published by: Avdhesh Kumar
Updated Sun, 09 Jun 2019 04:30 AM IST
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पानी के लिए 40 फीट गहरे कुए में जाते हैं ग्रामीण
- फोटो : ani
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महाराष्ट्र के अमरावती में एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। जहां लोगों को पानी पीने के लिए भारी मुसीबत का सामना करना पड़ रहा है। यहां जलसंकट का अंदाजा इस बात से ही लगाया जा सकता है कि लोगों को पीने के पानी के लिए 40 फीट गहरे कुएं में जाना पड़ता है।
स्थानीय निवासी शिवाजी बेलकर ने बताया कि उन्हें पानी के लिए 40 फीट नीचे उतरना पड़ता है। इसके बाद भी उन्हें पहले गंदा पानी हटाना पड़ता है और फिर साफ पानी का इंतजार करना पड़ता है। उनका कहना है कि इसमें उनका काफी समय लगता है और कभी कभी तो पूरा दिन भी इसी काम में चला जाता है। उन्होंने कहा कि इसके चलते यहां कुछ लोग ही पीने का पानी ले पाते हैं। यह समस्या कई सालों से चली आ रही है।
शिवाजी ने कहा कि पानी के लिए कई बार अधिकारियों से बात की है लेकिन सरकार सुनने के लिए तैयार नहीं है। उन्होंने कहा कि गांव में तीन कुएं हैं कई बार लोगों को पानी के लिए कुओं के पास ही सोना पड़ता है।
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अन्य स्थानीय निवासी शिवकला नागले ने कहा कि अगर कोई कुएं में गिर जाए तो उसका जिम्मेदार कौन होगा। पास गांव के ही एक स्वास्थ्य कर्मचारी ने कहा कि लोगों को पानी गर्म करके पीने के लिए कहा गया है। उन्होंने कहा कि अधिकारियों को इस बारे में बता दिया गया है और लोगों को प्रतिबंधित कुए का पानी पीने से मना किया गया है।
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स्थानीय निवासी शिवाजी बेलकर ने बताया कि उन्हें पानी के लिए 40 फीट नीचे उतरना पड़ता है। इसके बाद भी उन्हें पहले गंदा पानी हटाना पड़ता है और फिर साफ पानी का इंतजार करना पड़ता है। उनका कहना है कि इसमें उनका काफी समय लगता है और कभी कभी तो पूरा दिन भी इसी काम में चला जाता है। उन्होंने कहा कि इसके चलते यहां कुछ लोग ही पीने का पानी ले पाते हैं। यह समस्या कई सालों से चली आ रही है।
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शिवाजी ने कहा कि पानी के लिए कई बार अधिकारियों से बात की है लेकिन सरकार सुनने के लिए तैयार नहीं है। उन्होंने कहा कि गांव में तीन कुएं हैं कई बार लोगों को पानी के लिए कुओं के पास ही सोना पड़ता है।
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अन्य स्थानीय निवासी शिवकला नागले ने कहा कि अगर कोई कुएं में गिर जाए तो उसका जिम्मेदार कौन होगा। पास गांव के ही एक स्वास्थ्य कर्मचारी ने कहा कि लोगों को पानी गर्म करके पीने के लिए कहा गया है। उन्होंने कहा कि अधिकारियों को इस बारे में बता दिया गया है और लोगों को प्रतिबंधित कुए का पानी पीने से मना किया गया है।