'रक्षा क्षेत्र के आत्मनिर्भर भारत' वेबिनार में प्रधानमंत्री ने आकर सभी को चौंकाया, हुई 'मेक फॉर वर्ल्ड' की बात
- कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी आश्चर्य चकित रह गए
- भारत फोर्ज के बाबा कल्याणी समेत तमाम दिग्गजों ने लिया वेबिनार में हिस्सा
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
फिक्की ने रक्षा मंत्रालय के सहयोग से रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर भारत वेबिनार का आयोजन किया था। वेबिनार की अध्यक्षता रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने की। इसमें सीडीएस जनरल विपिन रावत, तीनों सेनाओं के प्रमुख, रक्षा रचिव, रक्षा उत्पादन सचिव, डीआरडीओ समेत अन्य ने हिस्सा लिया। रक्षा क्षेत्र की नामी कंपनी भारत फोर्ज, कल्याणी ग्रुप के सीएमडी बाबा कल्याणी, एलएंडटी, टाटा डिफेंस, महिंद्रा डिफेंस के दिग्गजों ने हिस्सों लिया।
प्रधानमंत्री ने बदला माहौल
सबसे चौंकाने वाला समय तब आया जब वेबिनार में अचानक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शामिल हुए। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी चौंक गए और प्रधानमंत्री ने रक्षा मंत्रालय, रक्षा क्षेत्र की दिग्गज कंपनियों के सीईओ का इस्तकबाल बुलंद करते हुए अपनी बात रखी।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत में आजादी मिलने के समय से ही रक्षा क्षेत्र में साजो-सामान निर्माण के क्षेत्र में पहल होनी चाहिए थी, लेकिन दुर्भाग्य से दशकों तक इस क्षेत्र में प्रयास नहीं किया गया। अब पिछले कुछ सालों से स्थिति बदल रही है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि रक्षा उत्पादन के क्षेत्र में सरकार सभी बेड़ियों को तोड़ने प्राइवेट सेक्टर को आगे लाने, लाइसेंस, ऑफसेट प्रक्रिया में सुधार, निर्यात में सरलीकरण की दिशा में प्रयास कर रही है।
केंद्र सरकार ने रक्षा क्षेत्र में 74 फीसदी तक के प्रत्यक्ष विदेशी निवेश की अनुमति दी है। ताकि देश के भीतर विदेशी कंपनियों के संयुक्त उपक्रम में सह उत्पादन के जरिए भारत में ही रक्षा हथियारों, साजो-सामान का निर्माण किया जा सके। आधुनिक भारत के निर्माण का आत्मविश्वास पैदा किया जा सके।
उन्होंने कहा कि रक्षा क्षेत्र में सीडीएस की नियुक्ति को लेकर चर्चा दशकों तक चली, लेकिन निर्णय नहीं हो पाया। प्रधानमंत्री ने अपनी सरकार के प्रयास और आत्मविश्वास का हवाला देते हुए कहा कि हमारे समय में सीडीएस पद के सृजन और नियुक्ति की प्रक्रिया को पूरा किया गया।
प्रधानमंत्री ने साफ किया कि अब रक्षा क्षेत्र को सरकारी विभागों की तरह चलाया जाएगा। इसके सीमित इको सिस्टम को खोलकर देश की आत्मनिर्भरता के अनुरुप बनाया जाएगा। सरकारी रक्षा क्षेत्र की कंपनियों को भी निगमीकरण से गुजरना होगा। केंद्र सरकार रक्षा खरीद की प्रक्रिया को तार्किक तथा घरेलू खरीद को बढ़ावा देगा। इसके लिए बजट में भी अलग से प्रावधान करने की परंपरा शुरू कर दी गई है। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य केवल रक्षा आयात को घटाना नहीं बल्कि निजी रक्षा क्षेत्र को ऊपर उठाना भी है।
मेक इन इंडिया...मेक फॉर वर्ल्ड
प्रधानमंत्री से पहले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अपनी बात रखी। रक्षा मंत्री ने सरकार का उद्देश्य बताया। उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य केवल मेक इन इंडिया तक नहीं है। हम इसे मेक फॉर द वर्ल्ड तक ले जाने की दिशा में काम कर रहे हैं। यानी भारत गुणवत्ता पूर्ण रक्षा साजो-सामान बनाएगा। आयात पर निर्भरता घटाएगा। अपनी जरूरतें पूरी करेगा और दुनिया के देशों को निर्यात भी करेगा।
रक्षा मंत्री ने कहा कि इस मंत्र को लेकर सरकार पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। अभी केंद्र सरकार ने 101 रक्षा हथियारों को आयात न करने की सूची में डाला है, लेकिन आने वाले समय में यह संख्या बढ़ने वाली है। नई सूची अगले साल तक आएगी और अगे आती रहेगी।
वेबिनार में रक्षा मंत्रालय ने उद्योग जगत की व्यवहारिक समस्याएं सुनीं। कुछ के जवाब दिए। कुछ के समाधान के प्रति प्रतिबद्धता दिखाई। उद्योग जगत को भी अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता के साजो-सामान बनाने तथा कीमतों के मामले में भी मानदंड को बनाए रखने का मंत्र दिया।