फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   In Maharashtra matter of government formation Gradually going to settle down

महाराष्ट्र: सरकार गठन मामला धीरे-धीरे बढ़ रहा अदालत की ओर, जानें किसके पास क्या विकल्प

Sat, 23 Nov 2019 02:48 PM IST
योगेश साहू डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: योगेश साहू Updated Sat, 23 Nov 2019 02:48 PM IST
विज्ञापन
In Maharashtra matter of government formation Gradually going to settle down
महाराष्ट्र में नई सरकार - फोटो : Amar Ujala

महाराष्ट्र में देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व वाली नई सरकार का गठन हो गया है। एनसीपी के प्रवक्ता नवाब मलिक ने अपने विधायक दल के नेता अजित पवार पर पार्टी के धोखा करने का आरोप लगाया है। शरद पवार के ट्वीट, सुप्रिया सुले के व्हाट्स एप से आ रही सूचना के अनुसार अब एनसीपी अपने विधायकों की लड़ाई लड़ेगी। 

विज्ञापन


बता दें कि एनसीपी और पवार का परिवार टूट गया है। ऐसे में किसके पास, कितने विधायक का दावा जोर पकड़ेगा। केंद्रीय विधि एवं न्याय मंत्रालय के पूर्व सचिव के अनुसार अर यह मामला अदालत की तरफ जाता दिखाई दे रहा है।
विज्ञापन


सूत्रों का कहना है कि अदालत और चुनाव आयोग का दरवाजा खटखटाया जा सकता है। एनसीपी अपने विधायक दल के नेता अजित पवार को पार्टी से बर्खास्त करने की कार्रवाई कर सकती है और अजित पवार तथा एनसीपी के अध्यक्ष पार्टी पर अपना-अपना दावा ठोक सकते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


इसी तरह से पार्टी के 56 विधायक भी अजित पवार या शरद पवार में से किसी के साथ जाने का निर्णय ले सकते हैं। सूत्र का कहना है कि विधायक दल के नेता द्वारा विधायकों के हस्ताक्षर वाली राज्यपाल को सौंपी गई चिट्ठी ने मामले को पेचीदा बना दिया है।

विधायक दल के नेता के खिलाफ पार्टी के अध्यक्ष अपने हस्ताक्षर वाली विधायकों की चिट्ठी के दुरुपयोग का आरोप लगाकर कानूनी मुकदमा दायर कर सकते हैं। सूत्र का कहना है कि आने वाले समय में महाराष्ट्र सरकार का भविष्य, एनसीपी का भविष्य अब अदालत के निर्णय पर निर्भर होता दिखाई दे रहा है।


सूत्र का कहना है कि इस समय एनसीपी प्रमुख शरद पवार के पास सबसे उपयुक्त रास्ता अजित पवार को पार्टी से निष्कासित करना और अपने पक्ष में अधिक से अधिक विधायकों का समर्थन पाना है। वहीं अजित पवार द्वारा राज्यपाल को सौंपे गए पत्र के खिलाफ विधायकों का हस्ताक्षर वाला पत्र सौंपना भी इसमें शामिल है। इसके अलावा शरद पवार को चुनाव आयोग का भी दरवाजा खटखटाना पड़ सकता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed