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2019 में विपक्षी दलों की ओर से प्रधानमंत्री कौन, बड़ा सवाल नाम नहीं चुनाव जीतना: शरद यादव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Tue, 31 Jul 2018 10:46 PM IST
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लोकतांत्रिक जनता दल के संरक्षक शरद यादव का कहना है कि 2019 में विपक्षी दलों के गठबंधन की ओर से प्रधानमंत्री कौन होगा, यह बड़ा सवाल नहीं है। हमारे लिए बड़ी बात चुनाव जीतना है। इससे पहले भी जब-जब गठबंधन की सरकार बनी हैं, उसमें चुनाव से पहले प्रधानमंत्री का चेहरा तय नहीं किया गया था। गठबंधन में शामिल दलों के बीच प्रधानमंत्री पद पर कभी कोई विवाद नहीं रहा।
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मंगलवार को अपने आवास पर बहुजन मुक्ति पार्टी के लोकतांत्रिक जनता दल में विलय के बाद शरद यादव पत्रकारों के साथ बातचीत कर रहे थे। यादव ने कहा, भाजपा और उसके सहयोगी दलों की आगामी लोकसभा चुनाव में हार तय है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी तरह की राजनीतिक मर्यादाओं को खत्म कर दिया है। अटल बिहारी वाजपेयी और लाल कृष्ण आडवाणी जैसे नेताओं में मर्यादा बाकी थी।
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लोकतंत्र को बचाना है तो सभी को एक होना होगा
यादव के मुताबिक, अगर देश में लोकतंत्र को बचाना है तो सभी धर्मनिरपेक्ष दलों को एक साथ आगे बढ़ना होगा। भाजपा के खिलाफ सभी पार्टियों को एक झंडे के नीचे आ जाना चाहिये।जैसे इमरजेंसी के दौरान सभी पार्टियां एक हो गई थी, वैसे ही आज भी उन्हें एक होने की जरूरत है।
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किसी राज्य में अगर सीटों को लेकर गठबंधन के नेताओं में कोई मतभेद हुआ तो उसे सुलझा लिया जाएगा। उन्होंने कहा, एससी-एसटी समुदाय के लिए सरकार कुछ नहीं कर रही है। इनपर होने वाले अन्याय से जुड़ी घटनाओं में केवल 27 फ़ीसदी केस ही दर्ज हो पाते हैं। इनमें भी महज़ तीन फ़ीसदी मामलों में सजा होती है।
अगर सरकार सुप्रीम कोर्ट के उस फ़ैसले के खिलाफ अध्यादेश नहीं लाई, जिसमें कहा गया था कि ऐसे मामले दर्ज होने से पहले उनकी जाँच पड़ताल की जाएगी। उन्होंने सरकार को अल्टीमेटम देते हुए कहा कि नौ अगस्त को भारत बंद होगा। अगर इससे सरकार अध्यादेश ले आती है तो हम इस बंद को टाल देंगे।
असम के 40 लाख लोगों का मामला सुलझाने के लिए सभी दलों की कमेटी बनाई जाए
यादव ने कहा, भाजपा सरकार ने जानबूझकर असम के चालीस लाख लोगों को देश से बाहर करने की साज़िश रची है। इस मामले में सरकार को सभी राजनीतिक दलों के लोगों की एक कमेटी का गठन करना चाहिए। यह कमेटी हर तरह के पहलू को ध्यान में रखकर इस मुद्दे पर कोई फ़ैसला ले।
भाजपा सरकार के चार साल के कार्यकाल के दौरान केवल एक ही काम हुआ है और वह है देश में धार्मिक उन्माद फैलाना। बिहार के मुज़फ़्फ़रपुर की घटना पर बोलते हुए यादव ने कहा, इस मामले की जाँच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में हो।