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CJI के खिलाफ महाभियोग: राज्यसभा में फेल हुई कांग्रेस तो करेगी सुप्रीम कोर्ट का रुख
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Sun, 01 Apr 2018 11:26 AM IST
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cji
चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) दीपक मिश्रा के खिलाफ महाभियोग को लेकर कांग्रेस बेहद गंभीर है। यह महाभियोग अगर राज्यसभा में उपराष्ट्रपति द्वारा खारिज होता है तो कांग्रेस सुप्रीम कोर्ट का रुख कर सकती है। सोमवार को कांग्रेस सभापति के साथ महाभियोग याचिका दायर करने पर अंतिम फैसला लेगी। कांग्रेस की अगुवाई में विपक्षी दलों के सासंदों द्वारा हस्ताक्षरित दस्तावेज तैयार कर लिया गया है।
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कांग्रेस ने तय कर लिया है कि वह किसी भी परिस्थिति में महाभियोग के कदम से पीछे नहीं हटेगी। सदन की चहलकदमी से इस बात के संकेत मिल रहे हैं कि इस महाभियोग को राज्यसभा अध्यक्ष द्वारा खारिज किया जा सकता है। जानकारों का कहना है कि अगर राज्यसभा द्वारा इसे खारिज किया जाता है तो सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा इस तर्क के साथ खटखटाया जा सकता है कि उच्च सदन के सभापति का फैसला अनुचित और अस्वीकार है, फैसले को बदले जाने की जरूरत है।
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कांग्रेस ने जो ड्राफ्ट तैयार किया है उसके मुताबिक सीजेआई पर चुनिंदा जजों को मनमाने तरीके से केस दिए जाने की बात कही गई है। अगर यह मामला उच्चतम न्यायालय पहुंचता है तो सीजेआई को इस मसले से दूर रखा जाएगा। चूंकि मामले में खुद सीजेआई का नाम है लिहाजा इस पूरी प्रक्रिया से उनको अलग रखा जाएगा।
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कैसे आता है महाभियोग प्रस्ताव?
किसी भी सदन में जज के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव लाया जा सकता है। लोसभा में 100 सांसदों के हस्ताक्षर की दरकार होती है तो वहीं राज्यसभा में 50 सांसदों के समर्थन की जरूरत है। सदन का सभापति या अध्यक्ष के पास यह अधिकार होता है कि उसके प्रस्ताव को स्वीकार या खारिज किया जा सकता है।
गौरतलब है इसी साल जनवरी महीने में सुप्रीम कोर्ट के 4 वरिष्ठ जजों ने प्रेस कांफ्रेंस कर चीफ जस्टिस पर कई आरोप लगाए थे। जजों ने रोस्टर सिस्टम को ठीक से लागू न करने सहित कई अन्य गंभीर आरोप लगाए थे।
इस मामले में विवाद भड़कने के बीच माकपा महासचिव सीताराम येचुरी ने सीजेआई के खिलाफ महाभियोग लाने के लिए विभिन्न दलों के बीच सहमति बनाने की घोषणा की थी।