फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   IMD: Extreme heat likely in April-June; central, western peninsular parts expected to face worst impact

Extreme Heat Alert: सियासी गर्मी ही नहीं, आसमान से बरसती आग से भी चढ़ेगा पारा, IMD की सतर्क रहने की हिदायत

Mon, 01 Apr 2024 05:16 PM IST
आदर्श शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: आदर्श शर्मा Updated Mon, 01 Apr 2024 05:16 PM IST
सार

अप्रैल से लेकर जून माह तक मौसमी अपडेट को लेकर आईएमडी डीजी मृत्युंजय महापात्र ने कहा कि अप्रैल से लेकर जून महीनें के दौरान मैदानी इलाके के ज्यादातर हिस्सों में सामान्य से अधिक लू चलने की संभावना है।

विज्ञापन
IMD: Extreme heat likely in April-June; central, western peninsular parts expected to face worst impact
मौसम का सितम - फोटो : अमर उजाल

विस्तार

लंबी सर्दी और दीर्घकालिक बरसात के बाद अब आप प्रचंड गर्मी का सामना करने के लिए तैयार रहें। इस साल अप्रैल से जून के बीच आम चुनावों के चलते सियासी गर्मी तो रहेगी ही, आसमान से बरसने वाली आग से भी पारा चढ़ेगा। इसकी तपिश पूरे देश में महसूस की जाएगी। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, मध्य और पश्चिमी प्रायद्वीपीय भागों पर सबसे बुरा असर पड़ने की आशंका है। गुजरात, राजस्थान और मध्य प्रदेश समेत आठ राज्यों में सामान्य से 2 से 3 डिग्री सेल्सियस अधिक तापमान रहने का भी अनुमान है। हालांकि, अधिक तापमान के कारण गेहूं की फसल पर असर पड़ने की संभावना नहीं है।
विज्ञापन


केंद्रीय भू-विज्ञान मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि भारत में आगामी ढाई महीनों में अत्यधिक गर्म मौसम की स्थिति का अनुमान है और यह आम चुनावों के साथ मेल खाता है, जिसमें लगभग एक अरब लोगों की ओर से अपने मताधिकार का प्रयोग करने की उम्मीद है। उन्होंने कहा, यह हम सभी के लिए बहुत चुनौतीपूर्ण होने जा रहा है। चूंकि हम दुनिया के सबसे अधिक आबादी वाले देश हैं और चरम मौसम की स्थिति का सामना करते हैं, इसलिए हमारे लिए पहले से तैयारी करना नितांत आवश्यक हो जाता है।
विज्ञापन


सावधानी बरतें मतदाता
आईएमडी के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र ने आम चुनावों के दौरान घर के बाहर वाली गतिविधियों में अप्रत्याशित वृद्धि होगी और इसके चलते लोगों के लू की चपेट में आने का खतरा भी बढ़ सकता है। उन्होंने कहा कि मतदाताओं के साथ ही मतदानकर्मियों में गर्मी से जुड़ीं स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां देखने को मिल सकती हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


अल नीनो का प्रभाव बना रहेगा
आईएमडी महानिदेशक ने बताया कि अल नीनो की स्थितियां कमजोर हो रही हैं, लेकिन अप्रैल से मई के दौरान इसका प्रभाव बना रहेगा। मध्य प्रशांत महासागर का सतह जब सामान्य से ज्यादा गर्म हो जाता है तो अल नीनो की स्थिति बनती है। अल नीनो के प्रभाव से भारत में सामान्य से अधिक गर्मी पड़ती है और लू भी चलती है। अल नीनो का दुनियाभर में असर पड़ता है और तापमान में वृद्धि होने के साथ ही गर्मी के दिन भी बढ़ते हैं। आईएमडी के मुताबिक, इस साल मानूसन के उत्तरार्ध में ला नीना की स्थिति बनेगी और इसके चलते देश  में झमाझम बारिश होगी।

10-20 दिन तक लू चलने  की आशंका
महापात्र ने कहा कि देश के ज्यादातर हिस्सों में सामान्य से अधिक तापमान रहने की संभावना है। हालांकि, पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र, पूर्वोत्तर के राज्यों और उत्तरी ओडिशा के कुछ हिस्सों में अधिकतम तापमान सामान्य या सामान्य से कम रह सकता है, लेकिन अप्रैल-जून के दौरान मैदानी इलाकों के अधिकतर भागों में सामान्य से अधिक गर्मी वाले दिन रहने की संभावना है।

महापात्र ने कहा कि देश के विभिन्न हिस्सों में सामान्यतौर पर चार से आठ दिनों तक लू चलती है, लेकिन इस साल 10 से 20 दिन तक लू चलने की आशंका है। गुजरात, मध्य महाराष्ट्र, उत्तरी कर्नाटक, राजस्थान, मध्य प्रदेश, ओडिशा, उत्तरी छत्तीसगढ़ और आंध्र प्रदेश में लू का सबसे बुरा प्रभाव पड़ सकता है।

अप्रैल-जून माह में होगी भीषण गर्मी- मौसम विभाग
मौसम विभाग द्वारा जारी ताजा अपडेट के मुताबिक, देश के कई हिस्सों में अप्रैल से लेकर जून के बीच भीषण गर्मी होने की आशंका है, इस दौरान तकरीबन 10 से 20 दिनों तक लू चलने की संभावना है। वहीं मौसम विभाग ने जानकारी देते हुए कहा कि पश्चिमी हिमालय क्षेत्र, पूर्वोत्तर राज्यों और उत्तरी ओडिशा के कुछ हिस्सों में तापमान को लेकर भी बदलाव दिख सकता है। मौसम विभाग के मुताबिक, अप्रैल से जून की अवधि के दौरान गुजरात, मध्य महाराष्ट्र, उत्तरी कर्नाटक, राजस्थान, एमपी, ओडिशा, उत्तरी छत्तीसगढ़, आंध्र प्रदेश में लू का सबसे बुरा असर देखने को मिल सकता है। 



 आईएमडी डीजी मृत्युंजय महापात्र के मुताबिक, इन क्षेत्रों में सामान्यतः एक से तीन दिनों की तुलना में दो से आठ दिनों तक लू चलने की आशंका है। भारत में लोकसभा चुनाव 19 अप्रैल से 1 जून के बीच सात चरणों में होंगे।हालांकि आने वाले महीनों को लेकर जारी अनुमान के मुताबिक मौसम विभाग ने कहा कि ज्यादा गर्मी के कारण तैयार गेहूं की फसल पर कोई खासा असर नहीं पड़ेगा। मध्य प्रदेश को छोड़कर गेहूं उत्पादक राज्यों के लिए लू की कोई चेतावनी नहीं है। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश में इस समय तापमान 37-40 डिग्री सेल्सियस के आसपास है और अगले सप्ताह 42 डिग्री तक जाने की संभावना है। चूंकि राज्य में गेहूं की कटाई का 90 फीसदी काम पूरा हो चुका है, इसलिए कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।

गौरतलब है कि भारत ने 2022-23 के दौरान 1,105.5 मिलियन टन गेहूं का उत्पादन किया। इसमें से उत्तर प्रदेश का हिस्सा 30.40 प्रतिशत, मध्य प्रदेश का 20.56 प्रतिशत, पंजाब का 15.18 प्रतिशत, हरियाणा का 9.89 प्रतिशत और राजस्थान का 9.62 प्रतिशत था। गर्मी की शुरुआती हमले ने 2022 में भारत में उत्पादन को प्रभावित किया, जिससे दुनिया के दूसरे सबसे बड़े गेहूं उत्पादक देश को निर्यात पर प्रतिबंध लगाना पड़ा था।
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed