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IIT Guwahati: आईआईटी गुवाहाटी ने खोजा कीमो का नया तरीका, इलाज के दुष्प्रभाव होंगे कम
Tue, 27 Sep 2022 05:52 AM IST
Jeet Kumar
एजेंसी, गुवाहाटी।
एजेंसी, गुवाहाटी।
Published by: Jeet Kumar
Updated Tue, 27 Sep 2022 05:52 AM IST
सार
आईआईटी गुवाहाटी के वैज्ञानिकों का मानना है कि उनका दृष्टिकोण कीमोथेरेपी के लिए ज्यादा प्रभावी और नगण्य दुष्प्रभाव वाले उन्नत दवा वाहकों के विकास का रास्ता साफ करेगा।
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आईआईटी गुवाहाटी
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
आईआईटी गुवाहाटी के शोधकर्ताओं ने कैंसर मरीजों को दी जाने वाली कीमोथेरेपी का नया तरीका विकसित किया है, जिससे इलाज के दुष्प्रभावों को काफी कम किया जा सकता है। इसकी जानकारी देते हुए संस्थान के रसायन शास्त्र विभाग के प्रोफेसर देबाशीष मन्ना ने बताया कि कीमोथेरेपी की दवा विकसित करते समय शोधकर्ताओं की दो जरूरतें थीं एक यह कि दवा सीधे कैंसर कोशिकाओं को निशाना बनाए और दूसरी, जब जरूरत हो उसे बाहरी उत्प्रेरक से शरीर में मुक्त किया जा सके।
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आईआईटी गुवाहाटी की ओर से सोमवार को जारी एक बयान में कहा गया कि कीमोथेरेपी की मौजूदा दवाएं कैंसर कोशिकाओं के अलावा स्वस्थ कोशिकाओं को भी मार देती हैं। इसकी वजह से मरीज को कई दुष्प्रभावों का सामना करना पड़ता है। माना जाता है कि कीमोथेरेपी के दुष्प्रभावों के कारण भी उतनी ही मौतें होती हैं जितनी कि कैंसर से। इस शोध के परिणामों को रॉयल सोसाइटी ऑफ केमिस्ट्री के प्रतिष्ठित जर्नलों केमिकल कम्युनिकेशंस और ऑर्गेनिक एंड बायोमोलेक्यूलर केमिस्ट्री में भी प्रकाशित किया गया है। एजेंसी
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सीधे कैंसर कोशिकाओं में पहुंचेगी दवा
आईआईटी गुवाहाटी ने जो अणु विकसित किए हैं वे दवा धारण करने के लिए कैप्सूल के रूप में खुद इकट्टा होते हैं। यह कैप्सूल केवल कैंसर कोशिकाओं से ही जाकर चिपकता है। इसके बाद जब उस पर इंफ्रारेड लाइट डाली जाती है तो कैप्सूल का खोल टूट जाता है और दवा सीधे कैंसर कोशिका में पहुंच जाती है।
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आईआईटी गुवाहाटी के वैज्ञानिकों का मानना है कि उनका दृष्टिकोण कीमोथेरेपी के लिए ज्यादा प्रभावी और नगण्य दुष्प्रभाव वाले उन्नत दवा वाहकों के विकास का रास्ता साफ करेगा।