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SIR Row: 'अगर वे चुनाव बहिष्कार की बात कर रहे, तो वे हार मान रहे', तेजस्वी यादव की चेतावनी पर रामदास अठावले

Thu, 24 Jul 2025 05:47 PM IST
अभिषेक दीक्षित न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अभिषेक दीक्षित Updated Thu, 24 Jul 2025 05:47 PM IST
सार

तेजस्वी यादव ने गुरुवार को एसआईआर पर विवाद के मद्देनजर आगामी बिहार चुनावों के बहिष्कार की चेतावनी दी। इस पर रामदास अठावले ने कहा कि अगर विपक्ष बहिष्कार की बात कर रहा है तो वे हार मान रहे हैं।

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If they are talking about boycotting elections they are conceding defeat: Ramdas Athawale on Tejashwi warning
रामदास अठावले, तेजस्वी यादव - फोटो : ANI

विस्तार

बिहार में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव की ओर से विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) विवाद को लेकर आगामी बिहार चुनावों के बहिष्कार की धमकी के बाद सियासी बवाल मच गया है। इस पर सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री रामदास अठावले ने कहा कि अगर विपक्ष चुनाव बहिष्कार की बात कर रहा है, तो इसका मतलब है कि वे हार मान रहे हैं।

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रामदास अठावले ने क्या कहा?
समाचार एजेंसी एएनआई से बात करते हुए केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने कहा, 'अगर वे चुनाव बहिष्कार की बात कर रहे हैं, तो इसका मतलब है कि वे हार मान रहे हैं। बिहार में चुनाव आयोग की ओर से जारी आदेश के कारण विपक्ष ने सर्वोच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है। आदेश में जन्म प्रमाण पत्र अनिवार्य है। जन्म प्रमाण पत्र की शर्त सभी पर लागू होती है, जिसमें वोट प्राप्त करने वाले भी शामिल हैं। विपक्ष का यह आरोप कि मतदाताओं को परेशान किया जा रहा है, गलत है। सर्वोच्च न्यायालय जो भी कहेगा, वह लागू होगा।'
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तेजस्वी यादव ने क्या कहा?
इससे पहले तेजस्वी यादव ने गुरुवार को एसआईआर पर विवाद के मद्देनजर आगामी बिहार चुनावों के बहिष्कार की चेतावनी दी। मीडियाकर्मियों को संबोधित करते हुए तेजस्वी यादव ने कहा, 'जब पहले से ही तय था कि लाखों लोगों के नाम मतदाता सूची से हटा दिए जाएंगे और जब इन्हीं मतदाताओं ने पहले प्रधानमंत्री मोदी को वोट दिया था और सरकार का भविष्य तय किया था, तब तो सब ठीक था। हम अचानक 'SIR' की जरूरत के बारे में पूछ रहे हैं। इसका मतलब है कि सत्ता में बैठे लोग मान रहे हैं कि वे पहले छल करके सत्ता में आए थे और अब वही दोहराया जाएगा। जब उन्होंने बेईमानी करने का फैसला कर लिया है, तो हम चुनाव बहिष्कार पर चर्चा कर सकते हैं। हमारे पास यह विकल्प है।'
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'लोकतंत्र में लोग वोट ही नहीं देंगे तो चुनाव का क्या मतलब'
उन्होंने कहा, 'अगर लोकतंत्र में लोग वोट ही नहीं देंगे तो चुनाव का क्या मतलब है? चुनाव बहिष्कार का विकल्प हमारे पास खुला है। मुख्य दांव 1 अगस्त के बाद चुनाव आयोग की ओर से खेला जाएगा, जब जांच पूरी हो जाएगी।' उन्होंने दावा किया कि राज्य को नई दिल्ली से रिमोट के जरिए कंट्रोल किया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह मतदाता सूची पुनरीक्षण के आदेश दे रहे हैं।'


विधानसभा से संसद तक प्रदर्शन
इस बीच INDIA के सांसदों ने लगातार चौथे दिन चुनावी राज्य बिहार में चुनाव आयोग (EC) की ओर से किए जा रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। सांसद संसद भवन मकर द्वार पर एकत्र हुए और इस प्रक्रिया को तत्काल रोकने की मांग की। विपक्षी दलों ने बार-बार लोकसभा और राज्यसभा में इस संशोधन प्रक्रिया पर चर्चा की मांग की है। मानसून सत्र की शुरुआत से ही हर दिन स्थगन प्रस्ताव पेश किए हैं। उनका आरोप है कि SIR की आड़ में मतदाता सूची में हेराफेरी की जा रही है।

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